
पंजाब किंग्स के सह-मालिक मोहित बर्मन ने IPL में विदेशी खिलाड़ियों की उपलब्धता को एक संवेदनशील मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि BCCI, विदेशी क्रिकेट बोर्ड और अन्य संबंधित पक्षों को मिलकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि विदेशी खिलाड़ी दुनिया की सबसे बड़ी T20 लीग के पूरे सीजन में उपलब्ध रहें।
BCCI ने यह नियम बनाया है कि जो विदेशी खिलाड़ी नीलामी में बिकने के बाद बिना चोट के IPL से हट जाते हैं, उन पर दो साल का बैन लगाया जा सकता है।
इसके बावजूद विदेशी खिलाड़ियों, खासकर बड़े स्टार खिलाड़ियों की उपलब्धता अब भी एक बड़ी समस्या बनी हुई है। उदाहरण के तौर पर, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने इस सीजन में मिशेल स्टार्क को केवल टूर्नामेंट के दूसरे हिस्से के लिए अनुमति दी थी। तब तक दिल्ली कैपिटल्स का टूर्नामेंट लगभग खत्म हो चुका था।
इसी तरह, जोश हेज़लवुड और पैट कमिंस भी चोट और फिटनेस समस्याओं के कारण अपनी-अपनी IPL टीमों के लिए शुरुआत से उपलब्ध नहीं थे।
PTI से बातचीत में मोहित बर्मन ने कहा, “यह एक संवेदनशील मुद्दा है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का कैलेंडर बहुत व्यस्त रहता है और खिलाड़ियों की अपने राष्ट्रीय बोर्डों के प्रति भी जिम्मेदारियां होती हैं। लेकिन आदर्श स्थिति यह होनी चाहिए कि जब कोई खिलाड़ी किसी फ्रेंचाइज़ी के साथ जुड़ता है, तो उसकी उपलब्धता को लेकर पूरी स्पष्टता हो।”
उन्होंने आगे कहा, “फ्रेंचाइज़ी के नजरिए से योजना बनाना मुश्किल हो जाता है, जब बड़े ऑक्शन निवेश वाले खिलाड़ी टूर्नामेंट के बड़े हिस्से में उपलब्ध नहीं रहते। फैंस भी चाहते हैं कि वे सीजन की शुरुआत से ही स्टार खिलाड़ियों को खेलते देखें।”
बर्मन ने कहा कि इस समस्या का हल टकराव नहीं, बल्कि आपसी सहयोग से निकलेगा।
उन्होंने कहा, “BCCI, फ्रेंचाइज़ियां, खिलाड़ी और अंतरराष्ट्रीय बोर्ड—सभी को मिलकर शेड्यूल बेहतर तरीके से तय करने होंगे और खिलाड़ियों की उपलब्धता को लेकर स्पष्ट प्रतिबद्धता बनानी होगी।”
गौरतलब है कि मोहित बर्मन पंजाब किंग्स फ्रेंचाइज़ी में 48 प्रतिशत हिस्सेदारी रखते हैं।
इस महीने की शुरुआत में दिल्ली कैपिटल्स के हेड कोच हेमंग बदानी ने भी खिलाड़ियों की उपलब्धता को लेकर निराशा जाहिर की थी, खासकर तब जब वह खिलाड़ी मिशेल स्टार्क जैसा मैच विनर हो।
बदानी ने कहा था, “आदर्श रूप से मैं चाहता हूं कि मेरे खिलाड़ी पहले दिन से मेरे साथ उपलब्ध रहें। लेकिन अगर कुछ फैसले क्रिकेट बोर्ड और गवर्निंग बॉडीज़ लेते हैं, तो हम ज्यादा कुछ नहीं कर सकते।”
उन्होंने आगे कहा, “अगर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया किसी खिलाड़ी को रिलीज नहीं करता, जैसा कि हेज़लवुड और पैट कमिंस के मामले में हुआ, तो किसी कोच या फ्रेंचाइज़ी के पास ज्यादा विकल्प नहीं बचते। उम्मीद है कि भविष्य में इसका कोई समाधान निकलेगा।”








