श्रीलंका दौरा अगली पीढ़ी के भारतीय खिलाड़ियों के लिए बनेगा बड़ा मौका!

भारत ए और श्रीलंका के बीच गुरुवार से गॉल में शुरू हो रही दो मैचों की रेड-बॉल सीरीज कई युवा खिलाड़ियों के लिए खुद को साबित करने का बड़ा अवसर होगी। इनमें सबसे ज्यादा नजरें तेज गेंदबाज आकिब नबी पर रहेंगी, जो टीम के अनुभवी टेस्ट खिलाड़ियों के साथ मैदान पर उतरेंगे।

जम्मू-कश्मीर को ऐतिहासिक रणजी ट्रॉफी खिताब दिलाने में 60 विकेट लेने वाले आकिब नबी के शानदार प्रदर्शन के बाद कई क्रिकेट विशेषज्ञों और प्रशंसकों ने उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट के लिए भारतीय टीम में शामिल करने की मांग की थी।

अगर नबी श्रीलंका की धीमी पिचों पर भी प्रभावशाली प्रदर्शन करते हैं, तो चयनकर्ताओं के लिए उन्हें राष्ट्रीय टीम से बाहर रखना आसान नहीं होगा। श्रीलंका के बाद भारत का अगला बड़ा टेस्ट दौरा न्यूजीलैंड का है, जहां सीम गेंदबाजों को मदद मिलने वाली पिचों पर उनकी गेंदबाजी उपयोगी साबित हो सकती है।

टीम में गुरनूर बरार भी शामिल हैं, जिन्होंने हाल ही में अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे और भारत के लिए डेब्यू किया था। श्रीलंका में स्पिनरों के प्रभावी रहने की संभावना है, लेकिन अगर बरार अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो वह सीनियर टीम में अपनी जगह मजबूत कर सकते हैं।

इस दौरे में टीम की कप्तानी नियमित टेस्ट खिलाड़ी ध्रुव जुरेल करेंगे। वहीं साई सुदर्शन के पास इस सीरीज में बड़े रन बनाने का शानदार मौका होगा, जिससे अगस्त में होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज से पहले उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा।

तेज गेंदबाजी विभाग में अंशुल कंबोज भी अहम खिलाड़ी होंगे, जिन्होंने पिछले साल इंग्लैंड में टेस्ट पदार्पण किया था। इसके अलावा हाल ही में वनडे डेब्यू करने वाले हर्ष दुबे, रुतुराज गायकवाड़ और देवदत्त पडिक्कल भी टीम का हिस्सा हैं। अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट नहीं खेल पाए पडिक्कल, नंबर-3 बल्लेबाजी स्थान के लिए साई सुदर्शन के साथ प्रतिस्पर्धा करेंगे।

श्रीलंका में बहु-दिवसीय मैचों के लिए भारत ए टीम:

ध्रुव जुरेल (कप्तान एवं विकेटकीपर), साई सुदर्शन, आयुष पांडे, देवदत्त पडिक्कल (उपकप्तान), रुतुराज गायकवाड़, हर्ष दुबे, सारांश जैन, गुरनूर बराड़, आकिब नबी, यश ठाकुर, अंशुल कंबोज, एन. जगदीशन (विकेटकीपर), अमन मोखाडे, शेख रशीद और जीशान अंसारी।