“जिंदा बचना खुद की खुशकिस्मती मानता हूं”: गेंद चेहरे पर लगने के बाद बेन स्टोक्स का बड़ा खुलासा!

इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान बेन स्टोक्स ने खुलासा किया है कि चेहरे पर क्रिकेट गेंद लगने के बाद उन्हें लगता है कि वह “जिंदा बचने के लिए काफी खुशकिस्मत” हैं।

फरवरी में अपने काउंटी क्लब डरहम में अकादमी खिलाड़ियों को ट्रेनिंग देते समय नेट सेशन के दौरान स्टोक्स के चेहरे पर सीधी गेंद लगी थी, जिससे उनकी गाल की हड्डी (चीकबोन) टूट गई थी।

सर्जरी के बाद स्टोक्स अगले महीने दो फर्स्ट-क्लास काउंटी चैंपियनशिप मैच खेलने की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने बताया कि यह घटना और भी ज्यादा गंभीर हो सकती थी।

स्टोक्स ने कहा, “गेंद सीधे मेरे चेहरे पर लगी। स्थिति काफी खराब थी, लेकिन सच कहूं तो बुरी स्थिति में यह शायद सबसे अच्छा परिणाम था। अगर गेंद कुछ इंच इधर-उधर लगती, तो शायद मैं आज यह इंटरव्यू देने के लिए यहां नहीं होता।”

उन्होंने आगे कहा, “हालांकि मुझे चेहरे की बड़ी सर्जरी से गुजरना पड़ा और अंदर काफी नुकसान हुआ था, लेकिन इन सब बातों को देखते हुए मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं। इसके लिए मैं बेहद आभारी हूं।”

इस चोट के कारण उनकी वापसी करीब एक महीने तक टल गई, लेकिन अब वह फिर से मैदान पर लौटने की तैयारी कर रहे हैं।

स्टोक्स ने कहा, “इससे मेरी तैयारियों में लगभग चार से पांच हफ्ते का असर पड़ा। मुझे फिर से प्लान बनाना पड़ा ताकि मैं डरहम के लिए कुछ मैच खेल सकूं और टेस्ट सीजन से पहले तैयार हो जाऊं। यह एक डरावनी स्थिति थी, लेकिन शुक्र है कि अब सब ठीक है।”

उम्मीद की जा रही है कि स्टोक्स 4 जून से लॉर्ड्स में न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाले पहले टेस्ट मैच में इंग्लैंड की कप्तानी करते नजर आएंगे, जहां टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एशेज में मिली 1-4 की हार से उबरने की कोशिश करेगी।

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Manish Kumar
मनीष कुमार एक अनुभवी खेल पत्रकार हैं, जिन्हें खेल पत्रकारिता में 25 से ज़्यादा सालों का अनुभव है। वह खास तौर पर क्रिकेट के विशेषज्ञ माने जाते हैं, खासकर टेस्ट क्रिकेट जैसे लंबे और चुनौतीपूर्ण फॉर्मेट में। उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया ऑनलाइन के साथ करीब 16.5 साल तक काम किया, जहां उन्होंने बड़े क्रिकेट आयोजनों की कवरेज की और गहराई से विश्लेषण वाले लेख और उनकी भरोसेमंद राय पेश की। टेस्ट क्रिकेट के प्रति उनका जुनून उनकी लेखनी में साफ दिखाई देता है, जहां वह खेल की बारीकियों, रणनीतिक मुकाबलों और खिलाड़ियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन को सरल और स्पष्ट तरीके से समझाते हैं। मनीष अपनी तेज़ नज़र और डिटेल्स पर ध्यान देने के लिए जाने जाते हैं। आज भी वह क्रिकेट के रोमांच, जटिलताओं और कहानी को दुनिया भर के प्रशंसकों तक जीवंत अंदाज़ में पहुंचाते हैं।