समझें: टी20 विश्व कप से पहले टीम इंडिया की गेंदबाज़ों को रोटेट करने की रणनीति!

भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच चल रही पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज़ में गेंदबाज़ों को रोटेट करने का मकसद सिर्फ़ वर्कलोड मैनेजमेंट नहीं है, बल्कि टी20 विश्व कप से पहले विरोधी टीमों को भारत के खिलाफ़ अपनी रणनीति तय करने से रोकना भी है। यह बात भारतीय टीम के गेंदबाज़ी कोच मॉर्ने मोर्कल ने कही है।

अब तक की तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत ने अलग-अलग गेंदबाज़ी संयोजन आज़माए हैं। इस दौरान तेज़ गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह और प्रमुख स्पिनर वरुण चक्रवर्ती को अलग-अलग मौकों पर आराम दिया गया।

विशाखापट्टनम में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ़ चौथे टी20 से पहले मोर्कल ने मंगलवार को कहा, “हमारे पास ऐसे कई गेंदबाज़ हैं जो हर परिस्थिति में गेंदबाज़ी कर सकते हैं। विश्व कप को ध्यान में रखते हुए हमारा एक मकसद अलग-अलग संयोजन आज़माना भी था। हम नहीं चाहते कि टीमें हमारे खिलाफ़ तयशुदा प्लान बनाएं।”

उन्होंने आगे कहा, “इस वक्त हम यह काम काफ़ी अच्छे से कर रहे हैं। अगर टीमें हमारे खिलाफ़ प्लान बनाना भी चाहें, तो उन्हें पता नहीं होगा कि हम किसे कहां फिट करेंगे और अपने पत्ते कैसे खेलेंगे। हमारे लिए ज़रूरी है कि हर खिलाड़ी को उस भूमिका में मौका मिले, ताकि वह उसमें सहज हो सके।”

मोर्कल के मुताबिक़, भारत का टी20 विश्व कप शेड्यूल भी इस सोच के पीछे एक बड़ा कारण है, क्योंकि टीम को नई दिल्ली, मुंबई और कोलंबो जैसे अलग-अलग हालात वाले मैदानों पर खेलना है।

उन्होंने कहा, “मैच के दिन परिस्थितियों के हिसाब से हमारे गेम प्लान बदल सकते हैं। लेकिन हमारी गेंदबाज़ी में जो गुणवत्ता है, वह हमें कई विकल्प देती है और यह हमेशा एक अच्छी स्थिति होती है। हालात के मुताबिक़ हम तय करेंगे कि किस बल्लेबाज़ के खिलाफ़ कौन-सा गेंदबाज़ सबसे बेहतर रहेगा।”

अक्षर पटेल और हार्दिक पांड्या जैसे ऑलराउंडरों की मौजूदगी ने भी भारत को गेंदबाज़ी संयोजन के साथ प्रयोग करने की आज़ादी दी है।

मोर्कल ने बताया, “हमारे लिए अहम है कि गेंदबाज़ी की साझेदारियां बनें और विश्व कप के लिए सब कुछ सैट हो। हम चाहते हैं कि 15वें–16वें ओवर तक विपक्षी टीम के छह, सात या आठ विकेट गिर चुके हों। इसके लिए हमारी गेंदबाज़ी योजना बहुत महत्वपूर्ण है। हमारे पास 11 मैच विनर हैं और यह एक शानदार स्थिति है।”

उन्होंने यह भी जोड़ा, “हर खिलाड़ी के पास अपना एक एक्स-फैक्टर है। ज़रूरी है कि उनकी भूमिकाओं को लेकर बातचीत साफ़ रहे। और सभी जानते हैं कि इस टीम में प्लेइंग इलेवन में जगह की कोई गारंटी नहीं है।”

नागपुर में पहले मैच के दौरान उंगली में चोट लगने के बावजूद अक्षर पटेल ने मंगलवार रात नेट्स में गेंदबाज़ी की। अक्षर की भूमिका पर मोर्कल ने कहा, “अक्षर खेल के हर फेज़ में गेंदबाज़ी कर सकते हैं—नई गेंद से भी और बीच के ओवरों में भी। हमें पता है कि उनका इस्तेमाल कैसे करना है।”

हार्दिक पांड्या की तैयारी से भी मोर्कल काफ़ी खुश हैं। उन्होंने कहा, “इस सीरीज़ में हार्दिक गेंद के साथ अपनी क्लास दिखा रहे हैं। वह बेहद फिट दिख रहे हैं और उनका शरीर अच्छी स्थिति में है, जो हमारे लिए बहुत बड़ा प्लस है। बल्लेबाज़ी में भले ही उन्हें ज़्यादा समय नहीं मिला हो, लेकिन टीम के लिए उनका अनुभव ड्रेसिंग रूम में बहुत काम का है।”

हार्दिक की गेंदबाज़ी पर आगे बात करते हुए मोर्कल ने कहा,
“वह तेज़ रफ्तार से गेंदबाज़ी कर रहे हैं। पिछले मैच में भी उस पिच पर उन्हें अच्छी उछाल मिली। इस वक्त उनकी गेंद में काफ़ी ऊर्जा दिख रही है, जो देखना अच्छा है।”

मोर्कल ने जसप्रीत बुमराह के साथ अपने रिश्ते पर भी बात की और बताया कि वह तकनीकी पहलू से आगे बढ़कर मानसिक सहयोग भी देते हैं।

उन्होंने कहा, “जसप्रीत दुनिया के सबसे बेहतरीन गेंदबाज़ हैं, बेहद हुनरमंद। लेकिन हर किसी को किसी से बात करने, दबाव हल्का करने की ज़रूरत होती है। मैदान पर उतरते ही उनसे हर बार चमत्कारी स्पेल की उम्मीद होती है, खासकर डेथ ओवरों में।”

उन्होंने आगे कहा, “कभी-कभी यह दबाव भारी पड़ सकता है। इसलिए मैं हमेशा बुमराह से बात करता हूं, यह देखने के लिए कि वह सहज हैं या नहीं और हमारी योजनाओं से सहमत हैं या नहीं। उन्हें सही मानसिक स्थिति में रखना ज़रूरी है। वह एक फ़ेरारी कार की तरह हैं—अगर इंजन और ऑयल सब सही चले, तो कार बेहतरीन प्रदर्शन करती है।”