
इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने रविवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट मैच के दौरान अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की चौंकाने वाली घोषणा कर दी। स्टोक्स अपने आखिरी अंतरराष्ट्रीय पारी में 30 रन बनाकर आउट हुए।
35 वर्षीय ऑलराउंडर ने नॉटिंघम में खेले जा रहे तीसरे टेस्ट के चौथे दिन डिनर ब्रेक से ठीक पहले अपने संन्यास का ऐलान किया। रविवार के खेल शुरू होने से पहले उन्होंने ट्रेंट ब्रिज के ड्रेसिंग रूम में अपने साथियों को इस फैसले की जानकारी दे दी थी। तीन मैचों की टेस्ट सीरीज उस समय 1-1 की बराबरी पर थी।
जब स्टोक्स लंबे स्पेल के दौरान अपना 11वां ओवर शुरू करने वाले थे, तभी ट्रेंट ब्रिज में मौजूद दर्शकों को उनके फैसले की जानकारी मिली। पूरा स्टेडियम खड़ा होकर तालियां बजाने लगा और उन्हें भावुक विदाई दी।
इसके तुरंत बाद स्टोक्स ने अपनी अगली ही गेंद पर जैक फॉल्क्स को स्लिप में कैच आउट कराया, जिससे दर्शकों का उत्साह और बढ़ गया।
इसके बाद उन्होंने बल्लेबाजी क्रम में भी सबको चौंका दिया। आमतौर पर मध्यक्रम में बल्लेबाजी करने वाले स्टोक्स अपने 122 टेस्ट मैचों के करियर में केवल तीसरी बार पारी की शुरुआत करने उतरे। न्यूजीलैंड ने डेरिल मिशेल के नाबाद शतक की बदौलत इंग्लैंड के सामने 373 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा था।
स्टोक्स ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज दिखाया। पहली कुछ गेंदों पर शानदार ड्राइव लगाए और जल्द ही जैक फॉल्क्स की गेंद पर लेग साइड में छक्का भी जड़ा। इसके बाद उन्होंने तेज गेंदबाज नाथन स्मिथ को स्लॉग स्वीप लगाकर एक और छक्का लगाया।
हालांकि उनकी 20 गेंदों में 30 रन की पारी ज्यादा लंबी नहीं चल सकी। दो चौकों और दो छक्कों से सजी इस पारी का अंत तब हुआ जब उन्होंने फॉल्क्स की गेंद को वाइड मिड-ऑन पर कैच थमा दिया। उस समय इंग्लैंड का स्कोर 8वें ओवर में 50/1 था।
इससे पहले स्टोक्स हाल ही में लंदन के एक नाइट क्लब में हुई घटना के बाद पहली बार टीम में लौटे थे। इस मामले में उनके साथ तेज गेंदबाज गस एटकिंसन भी शामिल थे।
पहले टेस्ट में जीत का जश्न मनाने के दौरान दोनों खिलाड़ियों ने टीम द्वारा तय की गई आधी रात की समय सीमा का उल्लंघन किया था। इसके चलते उन्हें दूसरे टेस्ट से बाहर कर दिया गया था, जिसमें इंग्लैंड को 253 रन से हार का सामना करना पड़ा और सीरीज 1-1 से बराबर हो गई।
स्टोक्स को लिखित चेतावनी देकर छोड़ दिया गया और उन्होंने ट्रेंट ब्रिज टेस्ट में फिर से टीम की कमान संभाली।
ईसीबी द्वारा जारी वीडियो में स्टोक्स ने अपने साथियों से कहा, “अगले दो दिनों में जो होने वाला है, वह मेरी कप्तानी के आखिरी दो दिन और इंग्लैंड के लिए खेलने के आखिरी दो दिन होंगे। इसके पीछे की वजह बाद में बताऊंगा। मैंने इस टीम, आप लोगों और देश के लिए हमेशा अपना सबकुछ दिया है और अब मेरे पास एक आखिरी मौका है। मैं सिर्फ इतना चाहता हूं कि आप सभी भी अपना सर्वश्रेष्ठ दें। अभी भी हमें बहुत मेहनत करनी है।”
करीब 15 साल पहले सीमित ओवरों के क्रिकेट से अंतरराष्ट्रीय करियर शुरू करने वाले स्टोक्स 2022 से इंग्लैंड की टेस्ट टीम की कप्तानी कर रहे थे। उन्होंने टेस्ट और सीमित ओवरों, दोनों प्रारूपों में इंग्लैंड के लिए कई यादगार प्रदर्शन किए।
2019 वनडे विश्व कप फाइनल में लॉर्ड्स के मैदान पर न्यूजीलैंड के खिलाफ उनकी नाबाद 84 रन की पारी ने मैच को सुपर ओवर तक पहुंचाया, जहां इंग्लैंड पहली बार विश्व चैंपियन बना।
इसके कुछ ही सप्ताह बाद उन्होंने हेडिंग्ले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नाबाद 135 रन बनाकर इंग्लैंड को एक विकेट से ऐतिहासिक जीत दिलाई। टेस्ट क्रिकेट में उनका सर्वोच्च स्कोर 2016 में केपटाउन में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बनाया गया 258 रन है। इसके अलावा उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 250 से अधिक विकेट भी लिए।
ईसीबी के अध्यक्ष रिचर्ड थॉम्पसन ने कहा, “बेन स्टोक्स अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को इंग्लैंड के महानतम खिलाड़ियों में से एक और अपनी पीढ़ी के सबसे प्रभावशाली क्रिकेटरों में शामिल होकर अलविदा कह रहे हैं।”
हालांकि स्टोक्स का करियर कई उतार-चढ़ावों से भी भरा रहा।
2016 टी20 विश्व कप फाइनल में इंग्लैंड जीत से सिर्फ छह गेंद दूर था, लेकिन वेस्टइंडीज को आखिरी ओवर में 19 रन चाहिए थे। स्टोक्स की गेंदों पर कार्लोस ब्रैथवेट ने लगातार चार छक्के जड़कर मैच छीन लिया और स्टोक्स बेहद निराश नजर आए।
इसके बाद सितंबर 2017 में वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे मैच के बाद ब्रिस्टल के एक नाइट क्लब के बाहर हुई मारपीट के मामले में उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था।
करीब 11 महीने बाद अदालत ने उन्हें इस मामले में बरी कर दिया, लेकिन तब तक वह ऑस्ट्रेलिया में खेली गई एशेज सीरीज से बाहर रह चुके थे।







