‘जिम्मेदारी मेरी है’: विश्व कप से बाहर होने के बाद थॉमस टुखेल ने स्वीकार की आलोचना!

इंग्लैंड के मुख्य कोच थॉमस टुखेल ने बुधवार को अर्जेंटीना के खिलाफ 2-1 की हार के साथ विश्व कप से बाहर होने के बाद अपने सामरिक फैसलों का बचाव किया और कहा कि टीम की हार की जिम्मेदारी उनकी है।

अटलांटा में खेले गए सेमीफाइनल में दूसरे हाफ की शुरुआत में एंथनी गॉर्डन के गोल की बदौलत इंग्लैंड 1966 के बाद अपने पहले विश्व कप फाइनल की ओर बढ़ता नजर आ रहा था। लेकिन मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना ने शानदार वापसी करते हुए एंजो फर्नांडेज़ और लौतारो मार्टिनेज के देर से आए गोलों की मदद से 2-1 से जीत दर्ज कर ली।

मैच के बाद बीबीसी से बातचीत में टुखेल ने स्वीकार किया कि बढ़त हासिल करने के बाद उनकी टीम जरूरत से ज्यादा रक्षात्मक हो गई।

उन्होंने कहा, “हम बेहद निराश हैं। हम फाइनल के बहुत करीब थे, लेकिन गोल करने के बाद हम काफी निष्क्रिय हो गए और अर्जेंटीना को बहुत ज्यादा मौके दे बैठे।”

उन्होंने आगे कहा, “हम गेंद पर नियंत्रण बनाए नहीं रख सके। उन्होंने लगातार बॉक्स में क्रॉस डाले और मौके बनाए। हम काफी करीब थे, लेकिन बढ़त लेने के बाद अपने स्तर को बरकरार नहीं रख पाए।”

मैच के बाद टुखेल की सबसे ज्यादा आलोचना 72वें मिनट में गोल करने वाले एंथनी गॉर्डन की जगह डिफेंडर एज़री कॉन्सा को उतारने के फैसले को लेकर हुई।

इस बदलाव की वजह बताते हुए टुखेल ने कहा कि उनका उद्देश्य टीम की रक्षा पंक्ति को मजबूत करना था।

उन्होंने कहा, “पिछले मैचों में मैंने आक्रामक बदलाव किए थे। इस बार हमारा मकसद खिलाड़ियों को रक्षात्मक मदद देना था। बदलाव के तुरंत बाद हमने एक बड़ा मौका दे दिया और पीछे काफी जगह खुल गई थी, इसलिए हमने पांच डिफेंडरों के साथ खेलने का फैसला किया।”

उन्होंने आगे कहा, “सच तो यह है कि बदलाव से पहले ही, गोल करने के तुरंत बाद, हम लगातार क्रॉस और मौके दे रहे थे। हम उसी समस्या से निपटने की कोशिश कर रहे थे।”

मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि उन्होंने रणनीतिक गलती की, तो टुखेल अपने फैसलों पर कायम रहे।

उन्होंने कहा, “नहीं। यही फुटबॉल है। जब आप हारते हैं तो लोग आपकी आलोचना करते हैं। किसी को नहीं पता कि अगर हम कोई दूसरा फैसला लेते तो क्या होता।”

उन्होंने आगे कहा, “उन फैसलों की जिम्मेदारी मेरी है और मैं आलोचना स्वीकार करता हूं।”

जब उनसे पूछा गया कि बढ़त मिलने के बाद इंग्लैंड ने दूसरा गोल करने की कोशिश क्यों नहीं की, तो टुखेल ने कहा कि उनकी टीम मैच पर दोबारा नियंत्रण ही नहीं बना सकी।

उन्होंने कहा, “हम दूसरा गोल करना चाहते थे, लेकिन हम गेंद अपने पास नहीं रख सके। न तो हम गेंद वापस जीत पाए और न ही उस पर नियंत्रण बना सके।”

उन्होंने आगे कहा, “मुझे नहीं लगता कि और ज्यादा आक्रामक बदलाव करने से स्थिति बदल जाती। यह रणनीति की समस्या नहीं थी, क्योंकि हमने अपनी संरचना नहीं बदली थी, लेकिन मैच का पूरा रुख बदल गया था।”

गौरतलब है कि टुखेल ने इसी साल फरवरी में इंग्लैंड के साथ अपना दो साल का अनुबंध बढ़ाया था, जिसके तहत वह 2028 यूरोपीय चैम्पियनशिप तक टीम के मुख्य कोच बने रहेंगे। उस टूर्नामेंट की मेजबानी इंग्लैंड भी करेगा।

विश्व कप से बाहर होने के बाद जब उनसे पूछा गया कि क्या वह आगे भी इंग्लैंड के कोच बने रहेंगे, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका इरादा अपना अनुबंध पूरा करने का है।

टुखेल ने कहा, “हम 2028 में होने वाली घरेलू यूरो चैंपियनशिप तक साथ काम करते रहेंगे। फिलहाल इतनी दूर के बारे में सोचना मुश्किल है, लेकिन यही हमारी योजना है।”