
भारतीय कप्तान शुभमन गिल का मानना है कि वनडे क्रिकेट को 40 ओवर का बनाने की जरूरत नहीं है। इसके बजाय उन्होंने इस फॉर्मेट को फिर से लोकप्रिय बनाने के लिए त्रिकोणीय (Tri-series) और चतुष्कोणीय (Quadrangular) सीरीज आयोजित करने का सुझाव दिया।
टी20 क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता के बीच अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) हाल ही में एडिनबर्ग में हुई अपनी वार्षिक बैठक में वनडे मैचों को 50 ओवर से घटाकर 40 ओवर करने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है।
मंगलवार को बर्मिंघम में इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे से पहले जब गिल से 50 ओवर क्रिकेट के भविष्य के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा,
“मुझे नहीं लगता कि इसे 40 ओवर का किया जाना चाहिए।”
भारत के टेस्ट और वनडे कप्तान ने कहा कि पुराने दौर की तरह त्रिकोणीय और चतुष्कोणीय सीरीज की वापसी से इस फॉर्मेट में दर्शकों की दिलचस्पी फिर बढ़ सकती है।
उन्होंने कहा, “हम पहले काफी त्रिकोणीय सीरीज खेलते थे और उन्हें देखना भी बहुत मजेदार होता था। ऑस्ट्रेलिया में भारत, ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका जैसी सीरीज होती थीं। उसमें आप सिर्फ एक टीम के खिलाफ नहीं, बल्कि दो अलग-अलग टीमों के खिलाफ अलग-अलग मैदानों पर खेलते थे।”
उन्होंने आगे कहा, “अगर हमें वनडे क्रिकेट को और रोमांचक बनाना है तो द्विपक्षीय (बाइलेटरल) सीरीज की जगह त्रिकोणीय या शायद चतुष्कोणीय सीरीज आयोजित करनी चाहिए। इससे खेलना भी दिलचस्प होगा और दर्शकों के लिए देखना भी।”
26 वर्षीय गिल ने कहा कि उनके लिए 50 ओवर का विश्व कप हमेशा क्रिकेट का सबसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट रहेगा।
उन्होंने कहा, “मैं 50 ओवर का क्रिकेट देखकर बड़ा हुआ हूं और यह मेरे बचपन का बहुत अहम हिस्सा रहा है। जब भी मैं विश्व कप के बारे में सोचता हूं तो सबसे पहले 50 ओवर का विश्व कप ही दिमाग में आता है।”
उन्होंने आगे कहा, “मेरे लिए अगर कोई सबसे प्रतिष्ठित विश्व कप है जिसे मैं जीतना चाहूंगा, तो वह 50 ओवर का विश्व कप ही होगा।”
गिल ने कहा कि इंग्लैंड के खिलाफ यह वनडे सीरीज 2027 विश्व कप की तैयारियों के लिहाज से बेहद अहम है, जिसकी मेजबानी दक्षिण अफ्रीका करेगा।
उन्होंने कहा, “विश्व कप की तैयारी बहुत महत्वपूर्ण है। हमारी सोच यह है कि दक्षिण अफ्रीका में हमें जैसी पिचें मिलेंगी, वे काफी हद तक यहां जैसी होंगी। इसलिए हम अलग-अलग संयोजनों को आजमाना चाहते हैं और देखना चाहते हैं कि कौन-सा संयोजन हमारे लिए सबसे बेहतर रहेगा। इस लिहाज से यह सीरीज हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है।”
गिल ने यह भी कहा कि वह इस तीन मैचों की सीरीज में अपनी कप्तानी का अनुभव और बढ़ाना चाहते हैं।
उन्होंने कहा, “बिल्कुल, कप्तान के तौर पर सीखना बहुत जरूरी है। अब से हम जो भी सीरीज खेलेंगे, वह मेरे लिए कप्तान के रूप में काफी महत्वपूर्ण होगी। विश्व कप तक जो भी अनुभव और सीख मुझे मिलेगी, वह बहुत काम आएगी।”
उन्होंने कहा कि टीम प्रबंधन को विश्व कप से पहले युवा खिलाड़ियों को ज्यादा से ज्यादा मौके देने चाहिए।
गिल ने कहा, “ऐसी सीरीज में टीम अनसेटल नहीं लगती। नए खिलाड़ियों को मौका देना जरूरी है। उन्हें अनुभव मिलेगा। जितनी ज्यादा दबाव वाली परिस्थितियों में वे खेलेंगे और अच्छा प्रदर्शन करेंगे, उतना ही विश्व कप से पहले हमारे लिए बेहतर होगा।”
उन्होंने आगे कहा, “विश्व कप में आपको 11 मैच खेलने होते हैं, जबकि ज्यादातर द्विपक्षीय सीरीज तीन या पांच मैचों की होती हैं। तीन मैच और 11 मैच खेलने में बहुत बड़ा अंतर होता है।”
गिल ने बताया कि नीतीश कुमार रेड्डी और हर्षित राणा जैसे खिलाड़ियों की चोटों के कारण टीम संयोजन में बदलाव करना पड़ा, लेकिन इससे टीम कमजोर नहीं हुई है।
उन्होंने कहा, “हम थोड़े दुर्भाग्यशाली रहे। सीरीज शुरू होने से पहले ही नीतीश रेड्डी चोटिल हो गए। हर्षित राणा भी चोटिल हैं। हम चाहते थे कि ऐसे खिलाड़ी विश्व कप से पहले ज्यादा से ज्यादा मैच खेलें ताकि जब उनकी जरूरत पड़े तो वे पूरी तरह तैयार हों। इसलिए हमें अलग संयोजन के साथ उतरना पड़ा। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हमारी टीम अनसेटल है।”
गिल को उम्मीद है कि इंग्लैंड के खिलाफ यह सीरीज खिलाड़ियों के लिए बहुमूल्य अनुभव साबित होगी।
उन्होंने कहा, “कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जहां हम चाहते थे कि हमारे खिलाड़ियों को इंग्लैंड जैसी बड़ी सीरीज या आगामी न्यूजीलैंड सीरीज में ज्यादा अनुभव मिले। अगर खिलाड़ियों को इन बड़ी सीरीज में ज्यादा मौके मिलेंगे तो वे दबाव की परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए तैयार होंगे।”








