
सोमवार को ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर खेले गए पहले महिला टेस्ट मैच में भारत ने शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड को 270 रन से करारी शिकस्त दी।
रातभर के स्कोर से आगे खेलते हुए इंग्लैंड को जीत के लिए 457 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करना था। चौथे दिन सुबह उसके चार विकेट शेष थे, लेकिन सोफी एक्लेस्टोन के जुझारू अर्धशतक के बावजूद भारतीय गेंदबाजों ने औपचारिकताएं पूरी करते हुए इंग्लैंड को 62.5 ओवर में 186 रन पर समेट दिया।
जिस प्रारूप में भारतीय महिला टीम कम ही खेलती है, उसमें उसने “होम ऑफ क्रिकेट” पर इंग्लैंड को हर विभाग में मात देते हुए यादगार जीत दर्ज की। इंग्लैंड ने दूसरी पारी में 130/6 के स्कोर से आगे खेलना शुरू किया और करीब 90 मिनट तक संघर्ष किया, लेकिन आखिरकार भारतीय स्पिनरों के सामने टिक नहीं सकी।
इंग्लैंड की ओर से एमी जोन्स ने सबसे ज्यादा 80 गेंदों पर 54 रन बनाए, लेकिन वह स्नेह राणा की गेंद पर मिडविकेट पर कैच आउट होकर दिन की पहली विकेट बनीं। सोफी एक्लेस्टोन, जिन्हें क्रांति गौड़ की गेंद पर दो बार जीवनदान मिला, ने इसी वोंग (33 गेंदों पर 1 रन) के साथ कुछ देर संघर्ष जरूर किया, लेकिन वे सिर्फ हार को टालने में सफल रहीं।
इसके बाद दीप्ति शर्मा ने लॉरेन बेल और इसी वोंग को जल्दी-जल्दी आउट कर इंग्लैंड की पारी समेट दी। आखिर में स्नेह राणा ने शानदार गेंद पर एक्लेस्टोन को बोल्ड किया, जिसके बाद मैदान और भारतीय ड्रेसिंग रूम दोनों में जश्न का माहौल बन गया।
लॉर्ड्स में पुरुषों का पहला टेस्ट खेले जाने के 142 साल बाद पहली बार महिला टेस्ट आयोजित किया गया। दोनों ही टीमें हालिया टी20 विश्व कप में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद इस मुकाबले में उतरी थीं और दोनों के लिए यह मैच बेहद अहम था।
भारत की जीत की मजबूत नींव स्मृति मंधाना और यास्तिका भाटिया ने रखी। तीसरे दिन यास्तिका ने शानदार शतक जड़कर इतिहास रचा, जबकि गेंदबाजी में क्रांति गौड़ ने पांच विकेट लेकर लॉर्ड्स के ऑनर्स बोर्ड पर अपना नाम दर्ज कराया।
सीम मूवमेंट वाली इस पिच पर भारतीय बल्लेबाजों ने इंग्लैंड की तुलना में कहीं अधिक धैर्य और समझदारी से बल्लेबाजी की। तीसरे दिन तक पिच से कुछ गेंदें नीचे भी रहने लगी थीं, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने परिस्थितियों के अनुसार खुद को बेहतर ढंग से ढाला।
तेज गेंदबाज सायली सातघरे और क्रांति गौड़ ने लॉर्ड्स की ढलान (Slope) का शानदार उपयोग करते हुए जबरदस्त सीम मूवमेंट हासिल की और इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया। वहीं ऑफ स्पिनर स्नेह राणा ने भी लगातार दबाव बनाए रखा।
इस शानदार जीत के साथ भारत ने महिला टेस्ट क्रिकेट में इंग्लैंड पर अपनी बढ़त भी कायम रखी। दोनों टीमों के बीच अब तक खेले गए 16 टेस्ट मैचों में भारत ने चार, इंग्लैंड ने एक मैच जीता है, जबकि 11 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं।
गौरतलब है कि भारत को इंग्लैंड के खिलाफ अपनी एकमात्र टेस्ट हार 1995 में मिली थी।
चौथे दिन का खेल शुरू होने से पहले भारतीय क्रिकेट के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने टीम से मुलाकात कर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। इसके बाद उन्होंने आईसीसी अध्यक्ष जय शाह के साथ मैदान से मैच का आनंद लिया।
यह मुकाबला इंग्लैंड की पूर्व कप्तान हीदर नाइट और अनुभवी बल्लेबाज टैमी ब्यूमोंट के अंतरराष्ट्रीय करियर का विदाई मैच भी साबित हुआ।








