2026 विश्व कप के बाद 64 टीमों वाले टूर्नामेंट पर होगी चर्चा: जियानी इन्फेंटिनो!

फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने कहा है कि फीफा विश्व कप को 64 टीमों तक विस्तारित करने पर कोई भी फैसला 2026 विश्व कप के समाप्त होने के बाद ही लिया जाएगा।

कनाडा, मेक्सिको और अमेरिका में आयोजित 2026 विश्व कप में पहली बार 48 टीमों ने हिस्सा लिया। इससे पहले टूर्नामेंट में 32 टीमें खेलती थीं। हालांकि टूर्नामेंट शुरू होने से पहले इस विस्तार की काफी आलोचना हुई थी, लेकिन प्रतियोगिता के दौरान यह बहस काफी हद तक शांत हो गई।

स्विस ब्रॉडकास्टर ब्लू स्पोर्ट से बातचीत में इन्फेंटिनो ने कहा कि टूर्नामेंट खत्म होने के बाद फीफा भविष्य में और विस्तार की संभावना पर विचार करेगा।

उन्होंने कहा, “ये सभी ऐसे मुद्दे हैं जिनकी हम विश्व कप के बाद समीक्षा करेंगे।”

इन्फेंटिनो ने कहा कि फीफा का मुख्य उद्देश्य विश्व कप को पूरी दुनिया का टूर्नामेंट बनाना है, ताकि अधिक से अधिक देशों को इसमें खेलने का अवसर मिल सके।

उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि जब आप विश्व कप आयोजित करते हैं, तो वह सिर्फ यूरोप और दक्षिण अमेरिका के लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए होना चाहिए।”

उन्होंने आगे कहा, “हर देश को विश्व कप में खेलने का सपना देखने का अधिकार होना चाहिए। आप देख सकते हैं कि दुनिया भर की टीमों का स्तर लगातार बेहतर होता जा रहा है।”

“अगर छोटे देशों को विश्व कप में खेलने का मौका नहीं मिलेगा, तो उनके पास आगे बढ़ने और खुद को बेहतर बनाने की प्रेरणा भी नहीं होगी।”

इन्फेंटिनो ने 48 टीमों वाले विश्व कप को सफल बताते हुए कहा कि इस बार हर महाद्वीप की टीमों ने शानदार प्रदर्शन किया।

उन्होंने कहा, “हर टीम ने उच्च स्तर का प्रदर्शन किया। सभी महाद्वीपों की टीमों ने गोल किए और कम से कम एक अंक जरूर हासिल किया।”

उन्होंने आगे कहा, “अफ्रीका की 10 में से 9 टीमें नॉकआउट चरण में पहुंचीं। पिछले विश्व कप में अफ्रीका की सिर्फ पांच टीमें थीं। इससे साफ पता चलता है कि सभी टीमों को मौका देना कितना महत्वपूर्ण है।”

विश्व कप का विस्तार 1998 में पहली बार 32 टीमों तक किया गया था। इसके बाद 2026 में इसे बढ़ाकर 48 टीमों का कर दिया गया। अब 2030 विश्व कप की मेजबानी मोरक्को, पुर्तगाल और स्पेन संयुक्त रूप से करेंगे, जबकि 2034 विश्व कप का आयोजन सऊदी अरब में होगा।

इन्फेंटिनो ने गर्म मौसम में खिलाड़ियों को दिए जाने वाले हाइड्रेशन ब्रेक का भी बचाव किया। कुछ लोगों ने इसकी आलोचना करते हुए कहा था कि इससे ब्रॉडकास्टर्स को विज्ञापन दिखाने का अतिरिक्त समय मिल जाता है।

उन्होंने कहा, “यह ऐसा विषय है जिस पर काफी बहस होती है। आखिर हम हर चीज़ को पूरी तरह परफेक्ट नहीं बनाना चाहते… मजाक कर रहा हूं।”

उन्होंने आगे कहा, “पिछले साल अमेरिका में क्लब विश्व कप के दौरान जब भी बहुत ज्यादा गर्मी होती थी, तब कूलिंग ब्रेक दिए गए थे।”

“करीब 60 प्रतिशत मैचों में ऐसे ब्रेक दिए गए, जबकि बाकी 40 प्रतिशत मुकाबलों में तापमान इतना अधिक नहीं था, इसलिए उनकी जरूरत नहीं पड़ी। इसके बावजूद कई लोगों ने शिकायत की कि सभी टीमों को एक जैसी परिस्थितियों में खेलना चाहिए।”

इन्फेंटिनो ने विश्व कप टिकटों की कीमतों का भी बचाव करते हुए कहा कि स्टेडियमों में भारी भीड़ इस बात का सबूत है कि प्रशंसक टिकट खरीदने के लिए तैयार हैं।

उन्होंने कहा, “स्टेडियम लगभग पूरी तरह भरे हुए हैं। दर्शक क्षमता का उपयोग 99.7 प्रतिशत तक पहुंच चुका है और टूर्नामेंट खत्म होते-होते यह 99.9 प्रतिशत तक पहुंचने की उम्मीद है।”

उन्होंने आगे कहा, “टूर्नामेंट शुरू होने से पहले हमारे विशेषज्ञों ने टिकटों की कीमतें तय की थीं। उन्होंने हमें बताया था कि यही उचित कीमतें हैं।”

“अब इसका सबूत भी सामने है। जिन टिकटों को कुछ लोग बहुत महंगा बता रहे थे, वे सेकेंडरी मार्केट में कानूनी तौर पर अपनी मूल कीमत से चार से पांच गुना अधिक दाम पर बिक रहे हैं।”

इन्फेंटिनो ने यह भी बताया कि फीफा को 39 दिनों तक चले इस विश्व कप से 13 से 14 अरब स्विस फ्रैंक (करीब 16.1 से 17.3 अरब अमेरिकी डॉलर) की आय होने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा, “यह हमारे लिए पूरी तरह संतोषजनक है।”