5वां टी20I: जोस बटलर के तूफानी शतक से इंग्लैंड ने भारत का किया 4-0 से सूपड़ा साफ, बनी दुनिया की नंबर-1 टी20 टीम!

शनिवार को साउथैम्प्टन में खेले गए पांचवें टी20 मुकाबले में जोस बटलर के तीन साल बाद आए पहले अंतरराष्ट्रीय शतक की बदौलत इंग्लैंड ने भारत को 56 रन से हराकर पांच मैचों की टी20 सीरीज़ 4-0 से अपने नाम कर ली। इस जीत के साथ ही इंग्लैंड टी20 अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में दुनिया की नंबर-1 टीम भी बन गई।

35 वर्षीय बटलर ने शानदार बल्लेबाज़ी करते हुए 131 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें उन्होंने 8 छक्के जड़े।

बटलर ने कप्तान हैरी ब्रूक (नाबाद 95) के साथ मिलकर 233 रन की रिकॉर्ड साझेदारी की, जो टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में इंग्लैंड की सबसे बड़ी साझेदारी है। बटलर का यह टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर का दूसरा शतक था। इंग्लैंड ने 3 विकेट पर 257 रन बनाए, जो इस प्रारूप में उसका दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है।

ट्रैफिक जाम के कारण भारतीय टीम के देर से मैदान पहुंचने की वजह से मैच की शुरुआत भी देरी से हुई। इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की व्हाइटवॉश से बचने की उम्मीदें लगभग शुरुआत में ही खत्म हो गईं।

भारत की ओर से ईशान किशन ने 56 रन बनाए, लेकिन सैम करन की 3/36 की शानदार गेंदबाज़ी के सामने भारतीय टीम 8 विकेट पर 201 रन ही बना सकी और इंग्लैंड ने एक बार फिर मौजूदा टी20 विश्व चैंपियन भारत को मात दे दी।

मैच के बाद जोस बटलर ने कहा, “मैं बेहद खुश हूं। पिछले कुछ समय से मेरा प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था। अपने पुराने अंदाज़ में लौटकर और टीम की शानदार सीरीज़ जीत में योगदान देकर बहुत अच्छा महसूस हो रहा है। आईपीएल में भी मैंने अच्छी बल्लेबाज़ी की थी, लेकिन इंग्लैंड की जर्सी पहनकर ऐसा प्रदर्शन करना अलग ही एहसास है।”

वहीं भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने कहा, “इस सीरीज़ से हमें बहुत कुछ सीखने को मिला है। परिस्थितियों को समझना और उनके मुताबिक खेलना बेहद ज़रूरी है। इसके अलावा फील्डिंग मैच जिताने में अहम भूमिका निभाती है और यही एक क्षेत्र है, जिस पर हमें सबसे ज्यादा काम करने की जरूरत है।”

अब दोनों टीमें मंगलवार से बर्मिंघम में शुरू होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज़ में आमने-सामने होंगी। माना जा रहा है कि टेस्ट और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके विराट कोहली इंग्लैंड में अपनी आखिरी अंतरराष्ट्रीय सीरीज़ खेल सकते हैं।

भारतीय टीम के देर से मैदान पहुंचने के बाद प्रशंसकों को उम्मीद थी कि 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी खेलते नजर आएंगे, लेकिन उन्हें अंतिम एकादश में जगह नहीं मिली।

मैच की शुरुआत से ही बटलर आक्रामक अंदाज़ में दिखे। उन्होंने मिड-ऑन के ऊपर से पहला छक्का लगाकर इंग्लैंड की विस्फोटक बल्लेबाज़ी का आगाज़ किया।

दूसरी ओर, शिवम दुबे ने हैरी ब्रूक का आसान कैच छोड़ दिया, जब वह केवल 3 रन पर थे। इसके बाद ब्रूक ने लगातार दो छक्के लगाकर भारत को इस गलती की भारी कीमत चुकाई।

बटलर ने अक्षर पटेल की गेंद पर स्क्वायर लेग के ऊपर शानदार छक्का लगाकर सिर्फ 51 गेंदों में अपना शतक पूरा किया।

बटलर आखिरकार 131 रन बनाकर आउट हुए, जबकि हैरी ब्रूक 95 रन बनाकर नाबाद लौटे।

भारत की पारी की शुरुआत भी खराब रही। वैभव सूर्यवंशी की जगह टीम में आए संजू सैमसन ने जॉश टंग पर दो छक्के जरूर लगाए, लेकिन इसके बाद सैम करन की पहली ही गेंद पर जैकब बेथेल को कैच थमा बैठे। वह 27 रन बनाकर आउट हुए।

इसके बाद ईशान किशन और श्रेयस अय्यर ने तीसरे विकेट के लिए 55 रन जोड़े, लेकिन अय्यर को स्पिनर लियाम डॉसन ने पवेलियन भेज दिया।

ईशान ने अपना अर्धशतक पूरा किया, लेकिन आदिल रशीद की गेंद पर फिल सॉल्ट ने डीप मिडविकेट से दौड़ते हुए शानदार कैच लपककर उनकी पारी का अंत कर दिया और भारत की आखिरी उम्मीद भी टूट गई।

तिलक वर्मा ने 53 रन बनाए, लेकिन वह भी जोस बटलर द्वारा लपके गए तीन कैचों में शामिल रहे। इंग्लैंड के विकेटकीपर बटलर के लिए यह मुकाबला हर लिहाज़ से यादगार साबित हुआ।