इंग्लैंड ने आधी रात के कर्फ्यू को किया स्पष्ट, खिलाड़ियों के लिए शराब को लेकर जारी किए नए दिशा-निर्देश!

इंग्लैंड पुरुष क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों को टीम प्रबंधन द्वारा लागू किए गए नए व्यवहार संबंधी दिशा-निर्देशों के तहत अब मैच से एक दिन पहले, मैच के दौरान और मैच खत्म होने के अगले दिन तक शराब पीने से बचने के लिए कहा गया है।

इन नए नियमों को कई ऑफ-फील्ड विवादों के बाद लागू किया गया है, जिनमें बेन स्टोक्स और गस एटकिंसन से जुड़ा नाइटक्लब विवाद भी शामिल है। इस घटना ने टीम के पहले से लागू आधी रात के कर्फ्यू को लेकर मौजूद भ्रम को उजागर किया था।

द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार, अब आधी रात का कर्फ्यू इंग्लैंड की किसी भी सीरीज़ के हर दिन लागू रहेगा, चाहे टीम घरेलू मैदान पर खेल रही हो या विदेशी दौरे पर।

खिलाड़ियों को यह भी सलाह दी गई है कि वे मैच से एक दिन पहले, मैच के दौरान और मैच समाप्त होने के अगले दिन तक शराब का सेवन न करें। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई टेस्ट मैच पूरे पांच दिन चलता है, तो खिलाड़ियों से उम्मीद की जाएगी कि वे अगले दिन तक शराब से दूर रहें।

हालांकि, मुख्य कोच ब्रेंडन मैकुलम और पुरुष क्रिकेट के प्रबंध निदेशक रॉब की परिस्थितियों के अनुसार इन नियमों में छूट दे सकते हैं। इससे खिलाड़ियों को बड़ी जीत का जश्न मनाने या एशेज़ जैसी सीरीज़ के बाद विपक्षी टीम के साथ पारंपरिक रूप से ड्रिंक साझा करने जैसे आयोजनों में शामिल होने की अनुमति मिल सकेगी।

न्यूज़ीलैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट के बाद खिलाड़ियों को बेन स्टोक्स के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के अवसर पर जश्न मनाने के लिए शराब पीने की अनुमति दी गई थी।

ये शराब संबंधी दिशा-निर्देश केवल खिलाड़ियों पर लागू होंगे, सपोर्ट स्टाफ पर नहीं।

यदि कोई खिलाड़ी प्रतिबंधित अवधि के दौरान शराब पीने का फैसला करता है, तो उसे सार्वजनिक स्थानों पर ऐसा नहीं करने के लिए कहा गया है। साथ ही, निजी तौर पर भी शराब पीने से बचने की कड़ी सलाह दी गई है, क्योंकि इससे उनकी तैयारी, रिकवरी और पेशेवर रवैये पर असर पड़ सकता है।

ये नियम केवल इंग्लैंड की सीनियर पुरुष टीम पर लागू होंगे। इंग्लैंड महिला टीम, लायंस टीम और आयु वर्ग की टीमों के लिए अलग दिशा-निर्देश हैं, जबकि महिला टीम के लिए फिलहाल शराब को लेकर कोई औपचारिक नीति नहीं है।

टीम प्रबंधन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि खिलाड़ियों को मैचों के बीच लंबे ब्रेक के दौरान टीम से अस्थायी रूप से बाहर जाने या काउंटी क्रिकेट खेलने की अनुमति दी जाती है, तब भी आधी रात का कर्फ्यू लागू रहेगा, जब तक कि प्रबंधन अलग से छूट न दे।

आधी रात का कर्फ्यू पहली बार इस साल इंग्लैंड के श्रीलंका दौरे के दौरान लागू किया गया था और यह टी20 विश्व कप तक जारी रहा। इसे कई ऑफ-फील्ड घटनाओं के बाद लागू किया गया था, जिनमें न्यूज़ीलैंड में हैरी ब्रूक का एक नाइटक्लब बाउंसर द्वारा मुक्का मारे जाने और एशेज़ दौरे के दौरान बेन डकेट का नशे की हालत में दिखाई देने वाला वीडियो वायरल होना शामिल था।

यह नीति फिर से चर्चा में तब आई जब लॉर्ड्स में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में जीत के बाद बेन स्टोक्स और गस एटकिंसन लंदन के एक नाइटक्लब में देर रात तक रुके रहे। उसी दौरान इंग्लैंड टीम के एक सुरक्षा अधिकारी पर सरासेन्स रग्बी क्लब के एक खिलाड़ी ने हमला कर दिया था।

इस घटना की जांच के दौरान स्टोक्स और एटकिंसन को दूसरे टेस्ट से बाहर रखा गया। हालांकि दोनों खिलाड़ियों को हिंसक व्यवहार के आरोपों से क्लीन चिट मिल गई, लेकिन उन्हें टीम के नियमों का उल्लंघन करने का दोषी पाया गया।

इस घटना के बाद ब्रेंडन मैकुलम ने स्वीकार किया कि कर्फ्यू को लेकर भ्रम की स्थिति थी और उन्होंने दिशा-निर्देशों को अधिक स्पष्ट बनाने का वादा किया।

संशोधित नीति के तहत अब खिलाड़ियों को रात 10 बजे के बाद यदि वे टीम होटल से बाहर रहते हैं, तो इसकी जानकारी टीम प्रबंधन या सुरक्षा टीम को देनी होगी। इसके अलावा, खिलाड़ियों को शराब के नशे में सार्वजनिक स्थानों पर दिखाई देने या सोशल मीडिया पर शराब से जुड़ा कोई कंटेंट पोस्ट करने की भी अनुमति नहीं होगी।

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Manish Kumar
मनीष कुमार एक अनुभवी खेल पत्रकार हैं, जिन्हें खेल पत्रकारिता में 25 से ज़्यादा सालों का अनुभव है। वह खास तौर पर क्रिकेट के विशेषज्ञ माने जाते हैं, खासकर टेस्ट क्रिकेट जैसे लंबे और चुनौतीपूर्ण फॉर्मेट में। उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया ऑनलाइन के साथ करीब 16.5 साल तक काम किया, जहां उन्होंने बड़े क्रिकेट आयोजनों की कवरेज की और गहराई से विश्लेषण वाले लेख और उनकी भरोसेमंद राय पेश की। टेस्ट क्रिकेट के प्रति उनका जुनून उनकी लेखनी में साफ दिखाई देता है, जहां वह खेल की बारीकियों, रणनीतिक मुकाबलों और खिलाड़ियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन को सरल और स्पष्ट तरीके से समझाते हैं। मनीष अपनी तेज़ नज़र और डिटेल्स पर ध्यान देने के लिए जाने जाते हैं। आज भी वह क्रिकेट के रोमांच, जटिलताओं और कहानी को दुनिया भर के प्रशंसकों तक जीवंत अंदाज़ में पहुंचाते हैं।