
क्या दो बेहद थकाऊ नॉकआउट मुकाबलों के बाद 39 वर्षीय लियोनेल मेसी पर आखिरकार उम्र का असर दिखाई देगा? विश्व कप क्वार्टरफाइनल में अर्जेंटीना का सामना स्विट्जरलैंड से होगा। मेसी ने अब तक इस विश्व कप के हर मैच में गोल किया है।
हालांकि लियोनेल स्कालोनी की टीम ने ग्रुप स्टेज आसानी से पार कर लिया था, लेकिन मिस्र और केप वर्डे ने उन्हें कड़ी चुनौती दी। राउंड ऑफ 16 में विश्व कप में पहली बार खेल रही केप वर्डे की टीम को हराने के लिए अर्जेंटीना को अतिरिक्त समय (एक्स्ट्रा टाइम) तक खेलना पड़ा। इसके बाद मिस्र के खिलाफ भी टीम ने दो गोल से पिछड़ने के बावजूद शानदार वापसी करते हुए 3-2 से जीत दर्ज की।
मिस्र के खिलाफ पेनल्टी चूकने के बावजूद मेसी ने शानदार गोल कर टीम की वापसी कराई और अर्जेंटीना को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। अटलांटा में मिली इस रोमांचक जीत के बाद मेसी भावुक हो गए और उन्होंने खुलकर अपनी इच्छा जताई कि उनका विश्व कप सफर अभी खत्म नहीं होना चाहिए।
केप वर्डे के खिलाफ 120 मिनट खेलने के बाद मेसी ने स्वीकार किया था कि वह काफी थक चुके हैं। इसके बावजूद उन्होंने मिस्र के खिलाफ पूरा मैच खेला और एक बार फिर अपनी अहमियत साबित की। अब वह क्वार्टरफाइनल के लिए एरोहेड स्टेडियम लौटेंगे, जहां उन्होंने 2026 विश्व कप के पहले मुकाबले में हैट्रिक लगाई थी।
मेसी ने अपनी गोल करने की लय भी बरकरार रखी है। टूर्नामेंट में उनके अब आठ गोल हो चुके हैं और वह गोल्डन बूट की दौड़ में किलियन एम्बाप्पे की बराबरी पर हैं। इसके अलावा विश्व कप इतिहास में अपने करियर के 21 गोल के साथ वह सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी भी बन चुके हैं।
मेसी की प्रतिभा के अलावा अर्जेंटीना की सबसे बड़ी ताकत उसकी शानदार एकजुटता है। मौजूदा विश्व चैंपियन लगातार 11 विश्व कप मैचों से अजेय हैं और 1962 में ब्राज़ील के बाद लगातार दो विश्व कप जीतने वाली पहली टीम बनने का सपना देख रहे हैं।
हालांकि पूरे टूर्नामेंट के दौरान अर्जेंटीना को लेकर कुछ विवाद भी सामने आए हैं। नीले और सफेद रंग की जर्सी पहने हजारों समर्थकों के बीच खेल रही टीम पर कुछ लोगों ने पक्षपात का आरोप लगाया।
मिस्र के कोच होसम हसन ने दावा किया था कि राउंड ऑफ 16 के मैच में रेफरी बाहरी दबाव में अर्जेंटीना के पक्ष में फैसले ले रहे थे। हालांकि फीफा रेफरी प्रमुख पियरलुइजी कोलीना ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए खारिज कर दिया।
अब कैनसस सिटी में अर्जेंटीना की अगली चुनौती स्विट्जरलैंड होगी। ग्रेनित झाका की कप्तानी में स्विस टीम शानदार लय में है और इतिहास में पहली बार विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंचने से सिर्फ एक जीत दूर है।
मुरात याकिन की टीम ने राउंड ऑफ 32 में अल्जीरिया को 2-0 से हराया और इसके बाद पेनल्टी शूटआउट में मजबूत कोलंबिया को मात देकर क्वार्टरफाइनल में जगह बनाई।
स्विट्जरलैंड के युवा अटैकिंग मिडफील्डर योहान मंज़ाम्बी ने ग्रुप स्टेज में तीन गोल कर शानदार प्रदर्शन किया था, लेकिन कोलंबिया के खिलाफ चोटिल होने के कारण वह अर्जेंटीना के मुकाबले में खेल पाएंगे या नहीं, इस पर संशय बना हुआ है।
33 वर्षीय कप्तान ग्रेनित झाका का मानना है कि स्विट्जरलैंड को लंबे समय बाद युवाओं और अनुभवी खिलाड़ियों का ऐसा बेहतरीन संतुलन मिला है।
कैनसस सिटी में होने वाले इस क्वार्टरफाइनल का विजेता सेमीफाइनल में नॉर्वे और इंग्लैंड के बीच शनिवार को मियामी में होने वाले मुकाबले के विजेता से भिड़ेगा।








