कैसे ऑस्ट्रेलिया वनडे सीरीज़ के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं रोहित शर्मा!

शुभमन गिल भले ही अब कप्तानी संभाल चुके हों, लेकिन रोहित शर्मा अभी अलविदा कहने के मूड में बिल्कुल नहीं हैं। “हिटमैन” ने बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में पूरे एक हफ़्ते तक जमकर पसीना बहाया है और अब वह एक बार फिर टीम इंडिया के लिए नीली जर्सी में धमाका करने की तैयारी कर रहे हैं।

एक RevSportz रिपोर्ट के अनुसार, रोहित शर्मा ने पिछले महीने बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में लगभग एक सप्ताह तक गहन अभ्यास किया। उनका पूरा ध्यान ऑस्ट्रेलियाई विकेट्स की गति और उछाल से तालमेल बिठाने पर था। जब क्रिकेट जगत इंडिया-पाकिस्तान एशिया कप ड्रामे पर चर्चा में व्यस्त था, तब रोहित चुपचाप अपनी तैयारी में लगे थे।

रिपोर्ट में कहा गया: “उनका अभ्यास दो घंटे तक लंबी कद के तेज़ गेंदबाज़ों के खिलाफ बल्लेबाज़ी का था — यह उन्होंने खुद विशेष रूप से मांगा था। कई बार उन्होंने दो सत्रों में अभ्यास किया और जब स्टाफ़ ने उन्हें बताया कि समय खत्म हो गया है, तब भी उन्होंने सत्र को बढ़ाने का अनुरोध किया।”

37 वर्षीय रोहित ने नेट प्रैक्टिस के साथ-साथ थ्रोडाउन और छोटे-छोटे वर्कआउट्स को भी अपनी दिनचर्या में शामिल किया। ऑस्ट्रेलियाई परिस्थितियों का माहौल तैयार करने के लिए लगभग दस गेंदबाज़ों और कई थ्रोडाउन विशेषज्ञों को बुलाया गया था।

रोहित आखिरी बार मार्च 2025 में भारत के लिए खेले थे, जब उन्होंने और विराट कोहली ने चैंपियंस ट्रॉफी जीत में अहम भूमिका निभाई थी। तब से लेकर अब तक दोनों खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेला है — सिर्फ़ आईपीएल में ही दिखाई दिए।

अब रोहित और कोहली दोनों ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ़ तीन मैचों की वनडे सीरीज़ में अपनी बहुप्रतीक्षित वापसी करने जा रहे हैं, जिसकी शुरुआत 19 अक्टूबर से पर्थ में होगी।

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Manish Kumar
मनीष कुमार एक अनुभवी खेल पत्रकार हैं, जिन्हें खेल पत्रकारिता में 25 से ज़्यादा सालों का अनुभव है। वह खास तौर पर क्रिकेट के विशेषज्ञ माने जाते हैं, खासकर टेस्ट क्रिकेट जैसे लंबे और चुनौतीपूर्ण फॉर्मेट में। उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया ऑनलाइन के साथ करीब 16.5 साल तक काम किया, जहां उन्होंने बड़े क्रिकेट आयोजनों की कवरेज की और गहराई से विश्लेषण वाले लेख और उनकी भरोसेमंद राय पेश की। टेस्ट क्रिकेट के प्रति उनका जुनून उनकी लेखनी में साफ दिखाई देता है, जहां वह खेल की बारीकियों, रणनीतिक मुकाबलों और खिलाड़ियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन को सरल और स्पष्ट तरीके से समझाते हैं। मनीष अपनी तेज़ नज़र और डिटेल्स पर ध्यान देने के लिए जाने जाते हैं। आज भी वह क्रिकेट के रोमांच, जटिलताओं और कहानी को दुनिया भर के प्रशंसकों तक जीवंत अंदाज़ में पहुंचाते हैं।