फीफा वर्ल्ड कप: अर्जेंटीना से हार के बाद मिस्र के कोच का VAR और पेनल्टी फैसलों पर फूटा गुस्सा!

फीफा वर्ल्ड कप के राउंड ऑफ 16 में अर्जेंटीना से 3-2 की दिल तोड़ने वाली हार के बाद मिस्र के मुख्य कोच होसाम हसन ने कहा कि अब उनका इस टूर्नामेंट का एक भी मैच देखने का मन नहीं है।

मंगलवार को खेले गए मुकाबले में मिस्र 79वें मिनट तक 2-0 से आगे था और ऐसा लग रहा था कि वह वर्ल्ड कप इतिहास के सबसे बड़े उलटफेरों में से एक को अंजाम देने वाला है। लेकिन लियोनेल मेसी की अगुआई में अर्जेंटीना ने आखिरी मिनटों में तीन गोल दागकर शानदार वापसी की और मैच अपने नाम कर लिया।

मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में होसाम हसन ने रेफरी के फैसलों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी टीम के साथ न्याय नहीं हुआ।

उन्होंने कहा, “मैं घर जा रहा हूं और अब इस टूर्नामेंट का कोई भी मैच नहीं देखूंगा।”

उन्होंने आगे कहा, “हमारे साथ जो हुआ, वह बिल्कुल भी सही नहीं था। हमें एक पेनल्टी मिलनी चाहिए थी, हमारा एक गोल रद्द कर दिया गया और मुझे आज तक समझ नहीं आया कि उसे क्यों रद्द किया गया।”

62वें मिनट में मोस्तफा ज़िको ने मिस्र के लिए गोल किया था, जिससे स्कोर 2-0 हो गया था। लेकिन VAR समीक्षा के बाद बिल्ड-अप में फाउल मानते हुए गोल को रद्द कर दिया गया।

इसके अलावा मैच के अंतिम क्षणों में मिस्र ने हम्दी फथी पर हुए कथित फाउल के लिए पेनल्टी की जोरदार अपील की, लेकिन रेफरी ने उसे भी नकार दिया। इसके कुछ ही पल बाद अर्जेंटीना ने पलटवार करते हुए इंजरी टाइम में विजयी गोल दाग दिया।

हसन ने कहा, “अगर हमारे खिलाफ हुए गोल हमारी गलतियों से भी आए हों, तब भी सबसे बड़ी गलती उन लोगों की है जिन्होंने सही फैसले नहीं दिए। हमें हमारा हक नहीं मिला।”

उन्होंने कहा, “मैं हार बिल्कुल पसंद नहीं करता। और जब हार इस तरह अन्यायपूर्ण लगे, तो मैं सिर्फ अपने प्रशंसकों से यही कह सकता हूं कि वे निराश न हों। हम उन्हें और ज्यादा खुशी देना चाहते थे।”

हालांकि इस दर्दनाक हार के बावजूद हसन ने अपने खिलाड़ियों की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने उनकी रणनीति को शानदार तरीके से मैदान पर उतारा और टूर्नामेंट की सबसे मजबूत टीमों में से एक अर्जेंटीना को अंत तक कड़ी टक्कर दी।

उन्होंने कहा, “मुझे सबसे ज्यादा खुशी इस बात की है कि मेरे खिलाड़ियों ने कई मौकों पर हमारी रणनीति का पूरी तरह पालन किया और बेहतरीन प्रदर्शन किया।”

मिस्र ने इस मैच में अपनी पारंपरिक रक्षात्मक रणनीति छोड़कर शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया, जिससे अर्जेंटीना भी दबाव में आ गया। वहीं गोलकीपर मोस्तफा शुबीर ने कई शानदार बचाव कर अर्जेंटीना को लंबे समय तक गोल करने से रोके रखा।

हसन ने यह भी कहा कि उनकी टीम के अधिकांश खिलाड़ी मिस्र की घरेलू लीग में खेलते हैं, जबकि दूसरी बड़ी टीमों के खिलाड़ी यूरोप के शीर्ष क्लबों में खेलते हैं।

उन्होंने कहा, “मैं अपने खिलाड़ियों के प्रयास से बेहद संतुष्ट हूं। हमारी टीम के ज्यादातर खिलाड़ी मिस्र की घरेलू लीग से आते हैं, जबकि दूसरी राष्ट्रीय टीमों के कई खिलाड़ी यूरोप में खेलते हैं और वहीं के पेशेवर माहौल में रहते हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “इसके बावजूद मोहम्मद सलाह और ओमर मरमौश को छोड़कर ज्यादातर स्थानीय खिलाड़ियों के दम पर भी हम किसी भी टीम को कड़ी टक्कर देने में सक्षम रहे।”