भारत टीम में चयन से ऑलराउंडर सूर्यांश शेडगे के करियर की नई शुरुआत!

पूर्व भारतीय खिलाड़ी और राष्ट्रीय चयनकर्ता रहे जतिन परांजपे का मानना है कि युवा ऑलराउंडर सूर्यांश शेडगे भारत की टीम में मिले इस अप्रत्याशित मौके को यादगार सीख में बदल सकते हैं। उनके अनुसार, अनुभवी खिलाड़ियों से भरे ड्रेसिंग रूम में सीखने की कोशिश और युवा कप्तानों श्रेयस अय्यर व शुभमन गिल का साथ उनके लिए काफी फायदेमंद साबित होगा।

परांजपे, जो पिछले डेढ़ साल से मुंबई के इस ऑलराउंडर के मेंटर रहे हैं, का मानना है कि टी20 टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर की मौजूदगी 23 वर्षीय शेडगे के लिए खास तौर पर राहत देने वाली होगी। दोनों मुंबई और पंजाब किंग्स में साथ काम कर चुके हैं।

पीटीआई से बातचीत में परांजपे ने कहा, “सिर्फ श्रेयस ही नहीं, बल्कि वनडे कप्तान शुभमन गिल भी। दोनों युवा कप्तान हैं और दोनों खिलाड़ियों की भावनाओं को अच्छी तरह समझते हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “वे समझेंगे कि सूर्यांश इस समय कितना दबाव और घबराहट महसूस कर रहा होगा। श्रेयस के साथ तो उसकी पहले से अच्छी समझ है क्योंकि वह उनके नेतृत्व में खेल चुका है। इसलिए उसे काफी सहज महसूस होगा।”

परांजपे का मानना है कि इंग्लैंड दौरे पर हार्दिक पांड्या और नितीश कुमार रेड्डी की गैरमौजूदगी में गिल भी वनडे में शेडगे का मार्गदर्शन कर सकते हैं।

उन्होंने कहा, “मुख्य वजह यही है कि शुभमन भी युवा हैं और वह अच्छी तरह समझ सकते हैं कि डेब्यू करने वाले खिलाड़ी के मन में क्या चल रहा होता है।”

26 जून से आयरलैंड के खिलाफ शुरू होने वाली दो मैचों की टी20 सीरीज से पहले परांजपे ने शेडगे को एक ही सलाह दी है—जितना हो सके उतना सीखो।

उन्होंने कहा, “अगर तुम स्पंज की तरह हर चीज़ अपने अंदर समेट सको… मेरी सलाह यही होगी कि ड्रेसिंग रूम में मौजूद सभी चैंपियन खिलाड़ियों से जितना हो सके सीखो। अगर वह उस माहौल को अपना लेता है, तो इंग्लैंड जैसा दौरा उसके लिए बेहतरीन जगह होगी।”

परांजपे ने कहा कि यह मौका किस्मत और मेहनत दोनों का नतीजा है और इसे विनम्रता के साथ स्वीकार करना चाहिए।

उन्होंने कहा, “यह उसके लिए एक सुनहरा मौका है। उसे इसे पूरी विनम्रता के साथ स्वीकार करना चाहिए और टीम के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहिए। हमेशा टीम के खिलाड़ी बनो, कप्तान की तरह सोचो और टीम को मैच जिताने की कोशिश करो।”

परांजपे ने बताया कि करीब डेढ़ साल पहले एक साझा दोस्त के जरिए उनकी मुलाकात शेडगे से हुई थी और पहली ही मुलाकात में उन्हें लगा कि भारतीय क्रिकेट को ऐसे खिलाड़ी की जरूरत है।

उन्होंने कहा, “मैं पिछले लगभग डेढ़ साल से उसके साथ जुड़ा हूं। वह बेहद प्रतिभाशाली क्रिकेटर है और उसने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में अपनी प्रतिभा की झलक भी दिखाई है।”

“लेकिन जिस बात ने मुझे सबसे ज्यादा प्रभावित किया, वह यह थी कि वह एक ऑलराउंडर है और भारतीय क्रिकेट को ऐसे खिलाड़ियों की जरूरत है। हमें तेज गेंदबाजी करने वाले ऑलराउंडर चाहिए, ऐसे बल्लेबाज़ चाहिए जो मीडियम पेस गेंदबाजी भी कर सकें और स्पिन ऑलराउंडर भी चाहिए।”

परांजपे के अनुसार, जब शेडगे ने अपने खेल की तकनीकी कमियों पर काम करना शुरू किया, तब उसके विकास की रफ्तार काफी बढ़ गई।

उन्होंने कहा, “जब हम मिले, तब कुछ तकनीकी चीजें उसकी प्रगति में रुकावट बन रही थीं। ये ऐसी चुनौतियां हैं जिनका सामना लगभग हर बड़े खिलाड़ी को करना पड़ता है।”

“आखिर में सबसे जरूरी बात यही थी कि उसे यह भरोसा हो कि मैं उसके साथ हूं। मुझे उसकी क्षमता और कौशल पर शुरू से पूरा विश्वास था।”

पूर्व चयनकर्ता का मानना है कि आने वाले समय में शेडगे तीनों प्रारूपों का बेहतरीन ऑलराउंडर बन सकता है। इसके लिए उसकी गेंदबाजी पर लगातार काम किया जा रहा है।

परांजपे ने बताया कि मशहूर गेंदबाजी कोच और पूर्व राष्ट्रीय चयनकर्ता सुब्रतो बनर्जी भी उसकी गेंदबाजी की तकनीक सुधारने में लगातार मदद कर रहे हैं। उनका मानना है कि फिलहाल शेडगे की बल्लेबाजी उसकी गेंदबाजी से बेहतर है, लेकिन यह अंतर तेजी से कम हो रहा है।

उन्होंने कहा, “मैं और सुब्रतो बनर्जी उसकी गेंदबाजी पर भी लगातार काम कर रहे हैं। सुब्रतो उसकी कुछ तकनीकी कमियों को सुधार रहे हैं।”

“मुझे लगता है कि अगले कुछ महीनों में जब ये सुधार पूरी तरह हो जाएंगे, तब वह ऐसा खिलाड़ी होगा जिसे बल्लेबाज़ या गेंदबाज़, किसी भी रूप में टीम में चुना जा सकेगा। मेरा मानना है कि वह एक सच्चा ऑलराउंडर बनेगा।”