
स्विट्जरलैंड ने बुधवार को कनाडा को 2-1 से हराकर ग्रुप बी में शीर्ष स्थान हासिल किया और फीफा विश्व कप के नॉकआउट चरण में अपनी जगह पक्की कर ली। हार के बावजूद टूर्नामेंट के सह-मेज़बान कनाडा भी ग्रुप उपविजेता के रूप में राउंड ऑफ 32 में पहुंच गया।
स्विट्जरलैंड ने ग्रुप चरण का समापन सात अंकों के साथ किया, जो कनाडा से तीन अंक अधिक थे। स्विस टीम अपना अगला मुकाबला वैंकूवर में ही खेलेगी, जबकि कनाडा राउंड ऑफ 32 के मुकाबले के लिए लॉस एंजेलिस जाएगा।
पहला हाफ काफी फीका रहा, जहां दोनों टीमें ज्यादा मौके नहीं बना सकीं। पूरे हाफ में सिर्फ तीन शॉट लक्ष्य पर लगे। सबसे उल्लेखनीय पल तब आया जब स्विट्जरलैंड के कप्तान ग्रेनिट झाका और कनाडा के स्ट्राइकर काइल लारिन के बीच फ्री-किक को लेकर बहस हुई, जिसके बाद दोनों खिलाड़ियों को पीला कार्ड दिखाया गया।
दूसरे हाफ की शुरुआत के साथ ही मुकाबले में जान आ गई। दूसरे हाफ के शुरू होने के सिर्फ एक मिनट बाद 20 वर्षीय जोहान मन्जाम्बी ने शानदार पास देकर रूबेन वर्गास को मौका बनाया, जिन्होंने शांत अंदाज़ में गेंद को गोल में पहुंचाकर स्विट्जरलैंड को बढ़त दिला दी।
57वें मिनट में स्विट्जरलैंड ने अपनी बढ़त दोगुनी कर ली। ब्रील एम्बोलो ने पेनल्टी बॉक्स के अंदर गेंद को संभालते हुए मन्जाम्बी को पास दिया, जिन्होंने शानदार फिनिश के साथ स्कोर 2-0 कर दिया।
इसके बाद कनाडा के कोच जेसी मार्श ने कई बदलाव किए, जिसका असर भी देखने को मिला। 76वें मिनट में सब्स्टीट्यूट प्रॉमिस डेविड ने मैदान पर आते ही अपने पहले ही टच पर गोल कर दिया। उन्होंने नाथन सलीबा के पास को शानदार तरीके से गोल के कोने में पहुंचाया। इस गोल के बाद बीसी प्लेस स्टेडियम में मौजूद घरेलू दर्शकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
दर्शकों के जोश से प्रेरित होकर कनाडा ने बराबरी के लिए आखिरी मिनटों में पूरा जोर लगाया। स्टेडियम में लगातार “लेट्स गो कनाडा” के नारे गूंजते रहे, लेकिन स्विट्जरलैंड के गोलकीपर ग्रेगोर कोबेल ने कई बेहतरीन बचाव करते हुए अपनी टीम की बढ़त बरकरार रखी।
कनाडा इस मुकाबले में बोस्निया और हर्जेगोविना के खिलाफ ड्रॉ और कतर पर 6-0 की शानदार जीत के बाद पूरे आत्मविश्वास के साथ उतरा था। हालांकि, ग्रेनिट झाका और मैनुअल अकांजी जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की अगुआई में खेल रही अनुशासित स्विस टीम के खिलाफ वह ज्यादा मौके नहीं बना सका।








