पीसीबी पाकिस्तान क्रिकेट में बड़े बदलाव की तैयारी में, फॉर्मेट के आधार पर अलग-अलग कॉन्ट्रैक्ट होंगे लागू!

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) और राष्ट्रीय चयनकर्ताओं ने केंद्रीय कॉन्ट्रैक्ट्स को फॉर्मेट के आधार पर बांटने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह कदम क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट के लिए अलग-अलग टीम तैयार करने की योजना का पहला चरण माना जा रहा है।

पीसीबी के हाई परफॉर्मेंस सेंटर के डेवलपमेंट प्रमुख और सीनियर चयनकर्ता आकिब जावेद ने एक इंटरव्यू में बताया कि नए फॉर्मेट आधारित केंद्रीय कॉन्ट्रैक्ट भविष्य में टेस्ट, वनडे और टी20 इंटरनेशनल के लिए अलग-अलग स्क्वॉड बनाने की दिशा में पहला कदम है।

पूर्व तेज गेंदबाज ने जियो न्यूज़ से कहा कि आधुनिक क्रिकेट की जरूरतों को देखते हुए अब हर फॉर्मेट के लिए विशेषज्ञ खिलाड़ियों की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा, “फॉर्मेट आधारित केंद्रीय कॉन्ट्रैक्ट, हर फॉर्मेट के लिए अलग टीम बनाने की दिशा में पहला कदम है। यह सिर्फ शुरुआत है। आगे चलकर हर फॉर्मेट की अपनी अलग टीम हो सकती है। हमें ऐसा करना ही होगा और सबसे पहले टेस्ट और टी20 टीमों को अलग करना जरूरी है, क्योंकि दोनों फॉर्मेट एक ही तरीके से नहीं खेले जा सकते।”

हालांकि, पीसीबी ने अभी तक उन खिलाड़ियों की सूची जारी नहीं की है जिन्हें नए केंद्रीय कॉन्ट्रैक्ट दिए जाएंगे।

आकिब के अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया पर काफी सोच-विचार किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल टेस्ट क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ी, ज्यादा व्हाइट बॉल क्रिकेट खेलने वालों की तुलना में नुकसान में न रहें।

उन्होंने कहा, “अब अगर कोई खिलाड़ी सिर्फ टेस्ट क्रिकेट खेलता है, तो उसका मूल्यांकन दूसरे टेस्ट खिलाड़ियों के साथ किया जाएगा और उसी आधार पर उसे भुगतान मिलेगा। टेस्ट श्रेणी के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को हर महीने 40 लाख पाकिस्तानी रुपये तक मिलेंगे, जबकि अन्य खिलाड़ियों को उनके प्रदर्शन के अनुसार 30 से 35 लाख पाकिस्तानी रुपये मिलेंगे। इसी तरह टेस्ट-वनडे और वनडे-टी20 खिलाड़ियों के लिए भी प्रदर्शन आधारित श्रेणियां होंगी।”

आकिब ने बताया कि टेस्ट श्रेणी में केंद्रीय कॉन्ट्रैक्ट पाने के लिए खिलाड़ियों को कम से कम छह प्रथम श्रेणी मैच खेलना अनिवार्य होगा।

टेस्ट-वनडे श्रेणी के खिलाड़ियों को एक फ्रेंचाइजी लीग में खेलने की अनुमति मिल सकती है, जबकि केवल टेस्ट खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय चार दिवसीय प्रतियोगिताओं में खेलने के लिए नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) दिया जाएगा।

वहीं, वनडे-टी20 श्रेणी के खिलाड़ियों को दो एनओसी पाने के लिए कम से कम 10 घरेलू टी20 मैच और दो लिस्ट-ए मैच खेलने होंगे। केवल टी20 श्रेणी के खिलाड़ियों के लिए घरेलू टी20 टूर्नामेंट खेलना अनिवार्य होगा, हालांकि उन्हें फ्रेंचाइजी क्रिकेट खेलने की अनुमति रहेगी। आकिब ने बताया कि टेस्ट-वनडे श्रेणी के खिलाड़ियों का मासिक वेतन 48 लाख पाकिस्तानी रुपये तक पहुंच सकता है।

उन्होंने अंत में कहा, “आप यह उम्मीद नहीं कर सकते कि कोई खिलाड़ी जिसने पिछले दो-तीन साल सिर्फ टी20 क्रिकेट खेला हो, वह अचानक टेस्ट क्रिकेट में भी सफल हो जाएगा।”

Previous article‘माफी मांगने की हिम्मत रखता हूं’: कर्फ्यू विवाद के बाद बेन स्टोक्स को मिला समर्थन!
Next articleफीफा विश्व कप: हैती की चुनौती पार कर मोरक्को ने अंतिम-32 में बनाई जगह!
Manish Kumar
मनीष कुमार एक अनुभवी खेल पत्रकार हैं, जिन्हें खेल पत्रकारिता में 25 से ज़्यादा सालों का अनुभव है। वह खास तौर पर क्रिकेट के विशेषज्ञ माने जाते हैं, खासकर टेस्ट क्रिकेट जैसे लंबे और चुनौतीपूर्ण फॉर्मेट में। उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया ऑनलाइन के साथ करीब 16.5 साल तक काम किया, जहां उन्होंने बड़े क्रिकेट आयोजनों की कवरेज की और गहराई से विश्लेषण वाले लेख और उनकी भरोसेमंद राय पेश की। टेस्ट क्रिकेट के प्रति उनका जुनून उनकी लेखनी में साफ दिखाई देता है, जहां वह खेल की बारीकियों, रणनीतिक मुकाबलों और खिलाड़ियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन को सरल और स्पष्ट तरीके से समझाते हैं। मनीष अपनी तेज़ नज़र और डिटेल्स पर ध्यान देने के लिए जाने जाते हैं। आज भी वह क्रिकेट के रोमांच, जटिलताओं और कहानी को दुनिया भर के प्रशंसकों तक जीवंत अंदाज़ में पहुंचाते हैं।