‘माफी मांगने की हिम्मत रखता हूं’: कर्फ्यू विवाद के बाद बेन स्टोक्स को मिला समर्थन!

हालिया टेस्ट मैच कर्फ्यू उल्लंघन के कारण मिस करने के बाद इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने कहा कि उन्होंने अपने साथियों से माफी मांगने की हिम्मत दिखाई।

लॉर्ड्स में सीरीज के पहले टेस्ट में इंग्लैंड की जीत का जश्न मनाने के दौरान लंदन के एक नाइटक्लब में हुई घटना के बाद स्टोक्स और तेज गेंदबाज गस एटकिंसन ने आधी रात के कर्फ्यू का उल्लंघन किया था। इसके चलते दोनों को न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट से बाहर कर दिया गया था।

उनकी गैरमौजूदगी में न्यूजीलैंड ने द ओवल में इंग्लैंड को 253 रन से हराकर तीन मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर कर दी। जो रूट की कप्तानी वाली इंग्लैंड टीम में पांच बदलाव किए गए थे, जिनमें तीन खिलाड़ी टेस्ट डेब्यू कर रहे थे।

यह कर्फ्यू विवाद उस समय सामने आया, जब इंग्लैंड पहले ही ऑस्ट्रेलिया में 1-4 से एशेज हार के दौरान ड्रिंकिंग विवादों का सामना कर चुकी थी।

हालांकि, बाद में जांच में दोनों खिलाड़ियों को शारीरिक झगड़े में किसी भी तरह की सीधी जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया। इसके बाद उन्हें सिर्फ लिखित आचार चेतावनी दी गई और सीरीज के आखिरी टेस्ट के लिए टीम में वापस शामिल कर लिया गया।

बुधवार को ट्रेंट ब्रिज में मीडिया से बात करते हुए स्टोक्स ने दूसरे टेस्ट से बाहर किए जाने के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से इस मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वह आखिरी टेस्ट के लिए पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन यह बताने से इनकार कर दिया कि क्या वह स्थायी रूप से टीम में लौट आए हैं।

स्टोक्स ने कहा, “मुझे उम्मीद है कि आप (मीडिया) इस पूरे हफ्ते मेरी प्राथमिकता का सम्मान करेंगे। मेरा पूरा ध्यान सिर्फ इस मैच पर है।”

उन्होंने आगे कहा, “फिलहाल मेरा पूरा फोकस यहीं है। मैं इस टीम का कप्तान हूं और मेरी एक ही कोशिश है कि टीम यहां जीत हासिल करे।” गौरतलब है कि स्टोक्स ने पिछले हफ्ते काउंटी टीम डरहम के लिए 95 रन बनाए थे।

उन्होंने कहा, “हम तीन मैचों की सीरीज में 1-1 से बराबरी पर हैं और यह मुकाबला टीम के लिए बेहद अहम है।”

जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने बुधवार को अभ्यास से पहले टीम से माफी मांगी थी, तो स्टोक्स ने जवाब दिया, “बिल्कुल। कप्तान होने के नाते यह सबसे पहला काम था जो मुझे करना चाहिए था।”

उन्होंने कहा, “जब सब कुछ अच्छा चल रहा हो, तब सब ठीक लगता है। लेकिन गलतियों की जिम्मेदारी लेना भी जरूरी होता है।”

“आपमें इतनी हिम्मत होनी चाहिए कि आप अपनी गलती स्वीकार करें, जिन लोगों पर उसका असर पड़ा है उनकी आंखों में देखकर माफी मांगें। मैंने वही किया।”

चार साल से इंग्लैंड की कप्तानी कर रहे स्टोक्स ने बाद में बीबीसी से बातचीत में कहा कि इस घटना के बाद उन्होंने खुद से यह सवाल भी किया कि क्या वह भविष्य में कप्तानी के बिना इंग्लैंड के लिए खेल पाएंगे।

उन्होंने कहा, “अब मैं 35 साल का हूं और यह सब होने से पहले भी मैंने सोचा था कि क्या मैं खुद को इंग्लैंड के लिए बिना कप्तान बने खेलते हुए देख सकता हूं। यह ऐसा सवाल है जिसका जवाब मैं कभी ठीक से नहीं दे पाया।”

उन्होंने आगे कहा, “मुझे इंग्लैंड के लिए खेलना पसंद है, मुझे इस टीम की कप्तानी करना पसंद है और फिलहाल मेरी पूरी सोच इसी पर है।”

स्टोक्स ने इस विवादित सवाल पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि खिलाड़ियों को मैच के दौरान और उसके बाद भी कर्फ्यू लागू रहने की जानकारी थी या नहीं।

हालांकि, उन्होंने मुख्य कोच ब्रेंडन मैकुलम के साथ अपने रिश्ते पर खुलकर बात की और कहा कि दोनों के बीच मतभेद की खबरें पूरी तरह गलत हैं।

स्टोक्स ने कहा, “मेरे और ब्रेंडन के रिश्ते को लेकर काफी गलतफहमियां फैलाई गई हैं। हम वास्तव में बहुत अच्छे दोस्त हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “ऐसा बिल्कुल नहीं है कि हमारे बीच दूरियां आ गई हैं, जैसा कि कुछ लोग दावा कर रहे हैं। हर बात पर सहमत न होना, हमारे बीच किसी तरह की दरार का मतलब नहीं है।”

स्टोक्स ने इस मुश्किल दौर में मिले लोगों के समर्थन के लिए भी आभार जताया। उम्मीद की जा रही है कि नॉटिंघम में उन्हें घरेलू दर्शकों से शानदार स्वागत मिलेगा।

उन्होंने कहा, “मैं नहीं चाहता कि इस पूरे विवाद के दौरान मुझे जो प्यार और समर्थन मिला, उसे नजरअंदाज किया जाए।”

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Manish Kumar
मनीष कुमार एक अनुभवी खेल पत्रकार हैं, जिन्हें खेल पत्रकारिता में 25 से ज़्यादा सालों का अनुभव है। वह खास तौर पर क्रिकेट के विशेषज्ञ माने जाते हैं, खासकर टेस्ट क्रिकेट जैसे लंबे और चुनौतीपूर्ण फॉर्मेट में। उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया ऑनलाइन के साथ करीब 16.5 साल तक काम किया, जहां उन्होंने बड़े क्रिकेट आयोजनों की कवरेज की और गहराई से विश्लेषण वाले लेख और उनकी भरोसेमंद राय पेश की। टेस्ट क्रिकेट के प्रति उनका जुनून उनकी लेखनी में साफ दिखाई देता है, जहां वह खेल की बारीकियों, रणनीतिक मुकाबलों और खिलाड़ियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन को सरल और स्पष्ट तरीके से समझाते हैं। मनीष अपनी तेज़ नज़र और डिटेल्स पर ध्यान देने के लिए जाने जाते हैं। आज भी वह क्रिकेट के रोमांच, जटिलताओं और कहानी को दुनिया भर के प्रशंसकों तक जीवंत अंदाज़ में पहुंचाते हैं।