FIFA विश्व कप: क्रिस्टियानो रोनाल्डो रहे गोल से दूर, कांगो ने पुर्तगाल को ड्रॉ पर रोका!

डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DR कांगो) ने 52 साल बाद विश्व कप में वापसी करते हुए बुधवार को पुर्तगाल को 1-1 की बराबरी पर रोक दिया। इस मुकाबले में क्रिस्टियानो रोनाल्डो कोई गोल नहीं कर सके।

मैच की शुरुआत पुर्तगाल के लिए शानदार रही। छठे मिनट में पेड्रो नेटो के क्रॉस पर जुआओ नेवेस ने शानदार हेडर लगाकर टीम को बढ़त दिला दी। प्री-टूर्नामेंट फेवरेट मानी जा रही पुर्तगाल के लिए यह आदर्श शुरुआत थी, लेकिन बाद में यही उनका मैच में एकमात्र शॉट ऑन टारगेट साबित हुआ।

मैच के बाद पुर्तगाल के कोच रोबर्टो मार्टिनेज ने स्वीकार किया कि उनकी टीम टूर्नामेंट की दावेदार होने के दबाव में संघर्ष करती नजर आई। पुर्तगाल ने गेंद पर काफी नियंत्रण रखा, लेकिन पर्याप्त मौके नहीं बना सका और कांगो को मुकाबले में वापसी का मौका मिल गया।

मार्टिनेज ने कहा, “हमने पर्याप्त मौके नहीं बनाए और शायद दूसरा गोल करने की भूख भी खो दी। लेकिन मुझे लगता है कि खिलाड़ी उम्मीदों के दबाव को महसूस कर रहे थे। विश्व कप जीतने की चाहत का दबाव साफ नजर आया।”

41 वर्षीय क्रिस्टियानो रोनाल्डो, जो अपने छठे विश्व कप में गोल करने की उम्मीद लेकर उतरे थे, लंबे समय तक गेंद अपने पास रखने वाली पुर्तगाल टीम का नेतृत्व कर रहे थे। हालांकि, कांगो की मजबूत रक्षापंक्ति ने उन्हें ज्यादा मौके नहीं दिए।

ग्रुप K के इस मुकाबले में कांगो ने रक्षात्मक खेल दिखाया और जवाबी हमलों में खतरा पैदा किया। स्टेडियम में कांगो के राष्ट्रपति फेलिक्स-अंतोइन त्शिसेकेदी त्शिलोम्बो भी अपनी टीम का समर्थन करने पहुंचे थे।

कांगो की मेहनत का फल पहले हाफ के इंजरी टाइम में मिला, जब आर्थर मसुआकू के क्रॉस पर योआने विस्सा ने हेडर के जरिए गोल दागकर विश्व कप इतिहास में कांगो का पहला गोल दर्ज किया।

दूसरे हाफ में पुर्तगाल ने अधिक आक्रामक शुरुआत की। पहले हाफ में उनकी मिडफील्ड ने गेंद पर कब्जा तो बनाए रखा था, लेकिन गोल के मौके बहुत कम बनाए थे।

कांगो जीत के बेहद करीब पहुंच गया था जब दूसरे हाफ में सेड्रिक बाकाम्बू का शॉट पोस्ट से टकरा गया।

दूसरी ओर, रोनाल्डो ने नजदीक से मिले दो अच्छे मौके गंवा दिए। इस मैच के साथ उन्होंने लियोनेल मेसी के विश्व कप में छह बार खेलने के रिकॉर्ड की बराबरी भी कर ली।

मार्टिनेज ने हाफ टाइम पर बर्नार्डो सिल्वा को बाहर कर टीम में नई ऊर्जा लाने की कोशिश की, लेकिन रोनाल्डो को मैदान पर बनाए रखा, इस उम्मीद में कि वह कोई जादुई पल पैदा कर सकते हैं।

हालांकि, रोनाल्डो का दिन फीका रहा। विश्व कप मैच शुरू करने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी को कांगो के डिफेंडरों ने पेनल्टी बॉक्स में बहुत कम जगह दी और वह पूरे मैच में प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे।

गौरतलब है कि पुर्तगाल का पिछला विश्व कप 2022 में मोरक्को के खिलाफ क्वार्टर फाइनल हार के साथ समाप्त हुआ था। विश्व कप में पुर्तगाल का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 1966 में तीसरा स्थान हासिल करना रहा है।