विश्व कप में मोरक्को ने उजागर की ब्राज़ील की कमजोरियां, विनीसियस जूनियर ने बचाई टीम की लाज!

फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप सी मुकाबले में ब्राज़ील को मोरक्को के खिलाफ 1-1 की बराबरी से संतोष करना पड़ा। मैच के शुरुआती 30 मिनटों में ब्राज़ील पूरी तरह बिखरा हुआ नजर आया, लेकिन स्टार फॉरवर्ड विनीसियस जूनियर के शानदार गोल ने टीम को हार से बचा लिया।

पहले हाफ में इस्माइल सैबारी ने मोरक्को को बढ़त दिलाई और ब्राज़ील की कमजोरियों को खुलकर सामने ला दिया। वहीं विनीसियस जूनियर ने अपने ट्रेडमार्क अंदाज में गोल दागकर ब्राज़ील को बराबरी दिलाई।

इस ड्रॉ के बाद ब्राज़ील के मुख्य कोच कार्लो एंसेलोटी के सामने कई सवाल खड़े हो गए हैं। टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही ब्राज़ील की मिडफील्ड में रचनात्मकता और नियंत्रण की कमी को लेकर चिंताएं थीं। साथ ही टीम के पास विशेषज्ञ फुल-बैक खिलाड़ियों की भी कमी थी।

एंसेलोटी ने अपनी 26 सदस्यीय टीम में केवल पांच मिडफील्डर चुने थे और प्राकृतिक राइट-बैक के रूप में सिर्फ वेस्ली को शामिल किया था। लेकिन चोट के कारण वेस्ली के बाहर होने के बाद उन्होंने किसी दूसरे राइट-बैक को नहीं बुलाया और एक अतिरिक्त मिडफील्डर को टीम में शामिल कर लिया।

मोरक्को के खिलाफ यह फैसला ब्राज़ील पर भारी पड़ गया।

सेंटर-बैक रोजर इबानेज़ को राइट डिफेंस में खिलाया गया, लेकिन वह पहले हाफ में पूरी तरह संघर्ष करते नजर आए। मोरक्को के नुसैर मजराउई और बिलाल एल खन्नूस की गति का सामना करना उनके लिए मुश्किल साबित हुआ। इसके अलावा उन्होंने कई आसान पास भी गंवाए।

मोरक्को ने पूरे पहले हाफ में ब्राज़ील के दाहिने हिस्से को निशाना बनाया। मिडफील्डर लुकास पाकेता का प्रदर्शन भी निराशाजनक रहा। पाकेता और इबानेज़ के बीच तालमेल की कमी के कारण ही वह मूव बना, जिससे सैबारी का गोल आया।

हालांकि एंसेलोटी के लिए सबसे बड़ी चिंता कासेमिरो का प्रदर्शन रहा।

34 वर्षीय अनुभवी मिडफील्डर, जिन्होंने मैनचेस्टर यूनाइटेड के लिए शानदार सीजन खेला था, इस मैच में पूरी तरह लय से बाहर दिखे। उन्होंने कई बार गेंद गंवाई, गलत पास दिए और अक्सर अपनी पोजिशन से बाहर नजर आए।

हाफ टाइम पर एंसेलोटी ने इबानेज़ और कासेमिरो को बाहर कर डेनिलो और फैबिन्हो को मैदान पर उतारा।

इन बदलावों का तुरंत असर दिखा। डेनिलो ने डिफेंस को मजबूती दी, जबकि पूर्व लिवरपूल स्टार फैबिन्हो ने मिडफील्ड में संतुलन और नियंत्रण वापस लाया।

दूसरे हाफ में ब्राज़ील कहीं अधिक संगठित नजर आया। टीम ने लंबे समय तक खेल पर नियंत्रण बनाए रखा और कई मौके भी बनाए, जिससे लगा कि वह मैच जीत सकती है।

एंसेलोटी का इगोर थियागो को माथेउस कुन्हा, लुइज़ हेनरिके और एंड्रिक से पहले मौका देने का फैसला सफल नहीं रहा।

ब्रेंटफोर्ड के स्ट्राइकर थियागो, राफिन्हा और विनीसियस जूनियर के साथ तालमेल नहीं बिठा सके और ज्यादा प्रभाव नहीं छोड़ पाए।

इसके बाद कुन्हा, लुइज़ हेनरिके, फैबिन्हो और डेनिलो के आने से ब्राज़ील के खेल में नई ऊर्जा आई। टीम के पास अधिक पासिंग विकल्प बने और आक्रमण ज्यादा व्यवस्थित दिखा।

मैच के बाद एंसेलोटी ने स्वीकार किया कि उनकी टीम उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी, लेकिन उन्होंने एक मैच के आधार पर जल्दबाजी में निष्कर्ष निकालने से भी बचने की सलाह दी।

उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि हमें इस पहले मैच में अपने प्रदर्शन का फिर से आकलन करना होगा। हमने अच्छा नहीं खेला।”

“कुछ समस्याएं थीं। टीम संतुलित नहीं थी, हमने कई बार गेंद गंवाई और हमें इस मामले में बेहतर होना होगा। दूसरे हाफ में हमने सुधार किया, लेकिन हमें हिम्मत नहीं हारनी चाहिए।”

“यह विश्व कप का पहला मैच है और हम खुद को इस आधार पर नहीं आंक सकते कि टीम शुरुआत से ही पूरी तरह परफेक्ट होनी चाहिए।”

अब ब्राज़ील की नजर अपने अगले मुकाबले पर होगी, जहां उसे हैती के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन करके अपनी कमजोरियों को दूर करना होगा।