फ्रेंच ओपन: पहली ग्रैंड स्लैम जीत के बाद भी और सफलता चाहती हैं मिर्रा एंड्रीवा, बोलीं- “यह एहसास लत जैसा है”!

मिर्रा एंड्रीवा ने कई बार अपने सपनों में खुद को पहली ग्रैंड स्लैम ट्रॉफी उठाते हुए देखा था, लेकिन शनिवार को फ्रेंच ओपन जीतने के बाद उन्हें महसूस हुआ कि असल जिंदगी का अनुभव उनकी कल्पनाओं से कहीं ज्यादा खूबसूरत है।

रूस की 19 वर्षीय खिलाड़ी ने फाइनल में पोलैंड की माजा ख्वालिंस्का को 6-3, 6-2 से हराकर फ्रेंच ओपन का खिताब अपने नाम किया। इसके साथ ही वह 30 से अधिक वर्षों में रोलां गैरोस जीतने वाली सबसे युवा महिला चैंपियन बन गईं। साथ ही, 2020 में इगा स्वियातेक के बाद सुज़ैन लेंग्लेन कप जीतने वाली पहली किशोर खिलाड़ी भी बनीं।

अपनी ऐतिहासिक जीत के बाद एंड्रीवा ने कहा कि उन्होंने इस पल की कल्पना कई बार की थी।

“सच कहूं तो मैंने इस पल को बहुत बार अपने दिमाग में देखा था। सिर्फ इस टूर्नामेंट के दौरान नहीं, बल्कि काफी लंबे समय से। मैं अक्सर सोचती थी कि मैं कब, कहां और कैसे अपना पहला ग्रैंड स्लैम जीतूंगी।”

उन्होंने आगे कहा, “लेकिन असल जिंदगी में यह एहसास मेरी कल्पना से कहीं बेहतर है। ट्रॉफी को देखकर और यह महसूस करके कि मैं वास्तव में ग्रैंड स्लैम चैंपियन हूं, बेहद अविश्वसनीय लगता है।”

एंड्रीवा ने स्वीकार किया कि पेरिस में अपना पहला ग्रैंड स्लैम जीतना इस उपलब्धि को और भी खास बना देता है।

“मैं हमेशा सोचती थी कि चाहे जो भी ग्रैंड स्लैम पहले आए, मैं खुश रहूंगी। लेकिन मुझे खास खुशी है कि यह पेरिस में हुआ क्योंकि मुझे क्ले कोर्ट पर खेलना बहुत पसंद है। मैंने अपनी जिंदगी का ज्यादातर समय इसी सतह पर खेलते हुए बिताया है और मैं थोड़ी-बहुत फ्रेंच भी बोल लेती हूं। इसलिए अपना पहला मेजर खिताब जीतने के लिए इससे बेहतर जगह नहीं हो सकती थी।”

अपने करियर की सबसे बड़ी जीत का जश्न मनाने के बावजूद एंड्रीवा का ध्यान अब अगले लक्ष्य पर है। 29 जून से शुरू होने वाले विंबलडन और ग्रास-कोर्ट सीजन की तैयारी को लेकर वह पहले से सोच रही हैं।

उन्होंने कहा, “ये भावनाएं बेहद खास हैं, लेकिन मैं पहले से ही यह सोच रही हूं कि ग्रास सीजन और आने वाले टूर्नामेंटों की तैयारी कैसे करनी है।”

“ग्रैंड स्लैम जीतना थोड़ा नशे जैसा है। मैं और मेहनत करना चाहती हूं और इस एहसास को फिर से महसूस करना चाहती हूं।”

एंड्रीवा ने अपनी कोच कोंचिता मार्टिनेज की भी जमकर तारीफ की, जिनके साथ वह 2024 से काम कर रही हैं। उनके अनुसार अपनी पहली ग्रैंड स्लैम जीत को पूर्व विंबलडन चैंपियन के साथ साझा करना इस उपलब्धि को और भी खास बना देता है।

“कोंचिता के साथ अपना पहला ग्रैंड स्लैम जीतना बहुत खास है। हमने कोर्ट के अंदर और बाहर मिलकर बहुत मेहनत की है। हमने कई शानदार पल साझा किए हैं और कुछ मुश्किल दौर भी देखे हैं, खासकर पिछले साल के अंत में।”

उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “सबसे खास पल वह था जब उन्होंने मुझसे कहा कि उन्हें मुझ पर गर्व है। उनके ये शब्द मेरे लिए बहुत मायने रखते हैं।”

फ्रेंच ओपन में ऐतिहासिक जीत के बाद मिर्रा एंड्रीवा अब अपने करियर की अगली बड़ी चुनौतियों के लिए तैयार हैं और साफ कर चुकी हैं कि यह सिर्फ शुरुआत है।