
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को लगातार दूसरी बार IPL चैंपियन बनाने के लिए अपनी सबसे तेज IPL फिफ्टी लगाने वाले विराट कोहली ने कहा कि उन्हें अपने T20 खेल को नया रूप देने के लिए सोच बदलनी पड़ी और “सुपर यंग” खिलाड़ियों से प्रेरणा मिली।
रविवार को गुजरात टाइटंस के खिलाफ IPL फाइनल में कोहली ने अपनी लंबे समय से देखी जा रही इच्छा पूरी की और टीम के लिए विजयी रन बनाए।
RCB के दूसरे IPL खिताब की नींव कोहली की नाबाद 75 रन की पारी रही और वह इस सीजन अपनी निरंतरता से बेहद खुश नजर आए।
पोस्ट-मैच प्रेजेंटेशन में कोहली ने कहा, “यह वही चीज़ है जिसका आप सपना देखते हैं। मैंने कई बार इस पल की कल्पना की थी कि मैं टीम के लिए विनिंग रन बनाऊं।”
जब उनसे 25 गेंदों में लगाई गई उनकी फिफ्टी के बारे में पूछा गया, तो कोहली ने दिखाया कि वह आज भी खेल के छात्र बने हुए हैं।
उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, “आजकल की मांग ही ऐसी है कि सुपर यंग खिलाड़ी आपको और आक्रामक बनने के लिए मजबूर कर रहे हैं।”
हालांकि उनकी बात में छिपी गंभीरता हर किसी को समझ आई।
कोहली ने आगे कहा, “मुझे अपना माइंडसेट बदलना पड़ा, खेल को ज्यादा नहीं। मुझे गेंदबाजों पर हमला करना था और अतिरिक्त रन बनाने थे।”
कोहली इस बात से भी बेहद खुश थे कि इस सीजन पहले 10 मैचों में आठ अलग-अलग खिलाड़ियों ने ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ अवॉर्ड जीते।
उन्होंने कहा, “हमें इतने लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा और अब हमारे पास ऐसा ग्रुप है जहां मैदान पर उतरते वक्त आपको यह महसूस नहीं होता कि हर बार आपको ही मैच जिताना है।
ये खिलाड़ी आपके आसपास हैं, आपके पीछे खड़े हैं और आपके लिए मैच जिता सकते हैं। हमारी टीम में इतने अलग-अलग खिलाड़ियों ने प्लेयर ऑफ द मैच जीता है।”
कोहली ने टीम के गेंदबाजों की भी जमकर तारीफ की।
उन्होंने कहा, “आप हॉफ (जॉश हेज़लवुड), भुवी (भुवनेश्वर कुमार), डफ (जैकब डफी) और क्रुणाल पांड्या जैसे वर्ल्ड-क्लास गेंदबाजों को देखिए। आप उन पर भरोसा कर सकते हैं। रसिख सलाम दार भी इस सीजन शानदार रहे।”
कोहली के मुताबिक, पिछले दो सीजन में RCB मैनेजमेंट ने जिस तरह की टीम बनाई, उसी ने बड़ा फर्क पैदा किया।
उन्होंने कहा, “मैं बल्लेबाजी के लिए आते वक्त काफी रिलैक्स महसूस कर रहा था। हमारी टीम किसी भी परिस्थिति से निकलने का भरोसा देती है। हमें पता था कि रन चेज़ में क्या करना है।”
उन्होंने यह भी बताया कि टीम हर विरोधी का सम्मान करती है लेकिन सामने कौन सी टीम है, इससे फर्क नहीं पड़ता।
कोहली ने कहा, “हमारा पहला लक्ष्य टेबल टॉप करना था। उसके बाद हमें फर्क नहीं पड़ा कि सामने कौन सी जर्सी है। हम हर टीम का सम्मान करते हैं, किसी को उकसाते नहीं। हमारे पास अनुभवी और परिपक्व खिलाड़ी हैं।”
उनका मानना है कि बड़े मैचों में स्टार खिलाड़ियों को आगे आना ही पड़ता है।
उन्होंने कहा, “जब बड़ा मौका आता है तो बड़े खिलाड़ियों को जिम्मेदारी लेनी पड़ती है। मुझे पता था कि वे मुझे जल्दी आउट करना चाहेंगे, लेकिन मुझे विश्वास था कि हमारी चैंपियन टीम 3-4 ओवर बाकी रहते मैच खत्म कर सकती है।”
कोहली ने यह भी याद किया कि 2025 में पहला IPL खिताब जीतने के बाद डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट मो बॉबट ने टीम से क्या कहा था।
उन्होंने बताया, “जब हमने पिछले साल ट्रॉफी जीती थी, तब मो बॉबट ने कहा था कि यह सफर का अंत नहीं है और हमें लगातार दूसरा खिताब भी जीतना है। चेज़ की शुरुआत में मैंने वेंकी (वेंकटेश अय्यर) से कहा था कि हमें पावरप्ले में ही मैच खत्म करने की नींव रखनी होगी। पूरी स्पष्टता थी।”
कोहली ने माना कि इस साल का फाइनल पिछले साल से काफी अलग महसूस हुआ।
उन्होंने कहा, “मैंने कुछ खिलाड़ियों से कहा था कि इस बार पिछले साल जैसा दबाव महसूस नहीं हो रहा। हमें अपनी टीम की क्षमता का पता था। हमने लीग स्टेज टॉप किया था और उसका कारण था। हमने सिर्फ एक बात कही — अगर हम अपना क्रिकेट खेलें और अपनी योजनाओं को सही तरीके से लागू करें, तो हम इस टूर्नामेंट की सबसे बेहतरीन टीम हैं।”
सीजन के बीच छोटे ब्रेक के बाद टीम को मुश्किल दौर का सामना करना पड़ा, लेकिन मुंबई इंडियंस के खिलाफ करीबी जीत ने फिर से आत्मविश्वास लौटा दिया।
कोहली ने कहा, “ब्रेक के बाद हमें एक हार मिली और फिर मुंबई इंडियंस के खिलाफ करीबी जीत। वह हफ्ता थोड़ा मुश्किल था क्योंकि हम टॉप पर खत्म करना चाहते थे। लेकिन MI के खिलाफ जीत के बाद विश्वास वापस आ गया। फिर KKR के खिलाफ बड़ी जीत मिली और हम टेबल टॉप करके फाइनल तक पहुंचे।”
अंत में कोहली ने RCB के वफादार फैंस का भी धन्यवाद किया।
उन्होंने कहा, “हमारे लिए सिर्फ सात नहीं, 14 होम गेम्स होते हैं क्योंकि फैंस हर जगह हमारे साथ होते हैं। अहमदाबाद GT का होम ग्राउंड था, लेकिन वहां भी 90 प्रतिशत फैंस हमारे समर्थन में थे।”








