
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल का कहना है कि अपने पहले IPL सीजन में विराट कोहली के साथ बल्लेबाजी करने से उन्हें पारी आगे बढ़ाने की कला सीखने को मिली, जिसका असर आज भी उनके टी20 खेलने के अंदाज में दिखाई देता है।
पडिक्कल ने 2020 IPL में RCB के लिए खेलते हुए अपनी पहचान बनाई थी। उन्होंने कहा कि करियर की शुरुआत में विराट को करीब से खेलते देखना उनके लिए बेहद सीखने वाला अनुभव रहा।
पडिक्कल ने जियोस्टार पर बातचीत के दौरान कहा, “जब मैंने 2020 में RCB के लिए IPL डेब्यू किया, तब मैं खुद को पूरी तरह तैयार महसूस कर रहा था। घरेलू क्रिकेट में मेरे पास अच्छे रन थे और विराट कोहली जैसे महान खिलाड़ी के साथ बल्लेबाजी करना मेरे लिए बहुत बड़ी मदद साबित हुआ।”
उन्होंने आगे कहा, “उस उम्र में विराट को पारी आगे बढ़ाते हुए देखना मेरे लिए काफी स्पष्टता और समझ लेकर आया कि एक पारी को कैसे तैयार किया जाता है। इसने मेरी ग्रोथ में बहुत बड़ा फर्क पैदा किया।”
कर्नाटक के इस बल्लेबाज ने बताया कि बाद में राजस्थान रॉयल्स और लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए अलग-अलग बल्लेबाजी क्रम पर खेलने से उन्हें खेल को बेहतर समझने में मदद मिली।
उन्होंने कहा, “एक नियमित ओपनर से अलग-अलग नंबरों पर बल्लेबाजी करना आसान नहीं था, खासकर कम उम्र में। लेकिन राजस्थान रॉयल्स और लखनऊ सुपर जायंट्स के साथ मिले अनुभवों ने मुझे आज का खिलाड़ी बनाया।”
पडिक्कल ने कहा, “अलग-अलग नंबरों पर बल्लेबाजी करने से मैंने मैच की परिस्थितियों को समझना, दबाव में पारी आगे बढ़ाना और अपने खेल को हालात के अनुसार ढालना सीखा।”
हालांकि पडिक्कल ने माना कि IPL 2024 का सीजन उनके लिए मानसिक रूप से काफी कठिन रहा।
उन्होंने कहा, “2024 का IPL सीजन बहुत मुश्किल था। खराब सीजन से वापसी करना कभी आसान नहीं होता। उस समय मेरे दिमाग में बहुत कुछ चल रहा था।”
उन्होंने आगे कहा, “आपको उस दौर से गुजरना पड़ता है, उसे स्वीकार करना पड़ता है और फिर समझना पड़ता है कि उससे बेहतर होकर कैसे बाहर निकला जाए। सीजन खत्म होने के बाद मुझे साफ समझ आ गया था कि मुझे किन चीजों पर काम करना है।”
RCB में वापसी के बाद पडिक्कल ने हेड कोच एंडी फ्लावर और मेंटर दिनेश कार्तिक को अपनी तकनीक और मानसिकता सुधारने का श्रेय दिया।
उन्होंने कहा, “दिनेश कार्तिक और एंडी फ्लावर की मदद से मैंने अपनी बल्लेबाजी तकनीक में कई बदलाव किए। मुझे रेड-बॉल क्रिकेट से व्हाइट-बॉल क्रिकेट के अनुसार खुद को ढालना था।”
पडिक्कल ने आगे कहा, “मानसिक रूप से मुझे अपने खेल में ज्यादा पक्का इरादा और आक्रामकता लानी थी। मुझे हर गेंद पर रन बनाने की सोच के साथ बल्लेबाजी करनी थी। जैसे ही मैंने ऐसा करना शुरू किया, नतीजे दिखने लगे।”
उन्होंने कहा कि मौजूदा टी20 क्रिकेट में RCB की मजबूत बल्लेबाजी लाइनअप टॉप ऑर्डर बल्लेबाजों को खुलकर खेलने की आजादी देती है।
पडिक्कल बोले, “RCB जैसी मजबूत और गहरी बल्लेबाजी लाइनअप होना किसी लक्जरी से कम नहीं है। जब आपको पता हो कि पूरी बल्लेबाजी मजबूत है, तो टॉप ऑर्डर में खेलते हुए ज्यादा आत्मविश्वास मिलता है।”
उन्होंने कहा, “अगर टीम को तेजी से 20-30 अतिरिक्त रन मिलते हैं, तो उसके लिए विकेट गंवाने का जोखिम उठाने के लिए भी तैयार रहना पड़ता है।”
इस दौरान पडिक्कल ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की भी जमकर तारीफ की।
उन्होंने कहा, “वैभव सूर्यवंशी जो कर रहे हैं, वह सच में बेहद खास है। इतनी कम उम्र में उनकी बल्लेबाजी में जो ताकत और विस्फोटकता है, वह दुर्लभ है।”
उन्होंने आगे कहा, “वह एक अलग तरह की प्रतिभा हैं और जो कुछ वह कर रहे हैं, वह वाकई अविश्वसनीय है।”








