IPL 2026: राशिद खान ने बताया गुजरात टाइटंस की सफलता का राज!

स्टार स्पिनर राशिद खान ने गुजरात टाइटंस के मिडिल ऑर्डर को लेकर हो रही आलोचनाओं पर खुलकर बात की और बताया कि टीम की सफलता का सबसे बड़ा कारण अपनी कमजोरियों पर ज्यादा ध्यान न देकर हर खिलाड़ी का अलग-अलग परिस्थितियों में जिम्मेदारी लेना और हालात के अनुसार खुद को जल्दी ढाल लेना रहा है।

गुजरात टाइटंस ने गुरुवार को अपने आखिरी लीग मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स को 89 रन से हराकर अंक तालिका में टॉप-2 स्थान हासिल किया।

राशिद खान ने कहा, “मुझे लगता है हर टीम में कुछ न कुछ सुधार की गुंजाइश होती है और कुछ क्षेत्र बहुत मजबूत होते हैं। कोई भी टीम 100 प्रतिशत परफेक्ट नहीं हो सकती, चाहे आपके पास कितने भी बड़े खिलाड़ी क्यों न हों।”

उन्होंने आगे कहा, “पूरे टूर्नामेंट में हमारे मिडिल ऑर्डर को लेकर काफी चर्चा हुई, लेकिन मुझे लगता है कि हर खिलाड़ी जिम्मेदारी ले रहा है और आगे आकर प्रदर्शन कर रहा है।”

राशिद ने कहा कि टीम ने अपनी कमजोरियों पर जरूरत से ज्यादा सोचने के बजाय अपने मजबूत पक्ष पर ध्यान केंद्रित किया।

उन्होंने कहा, “अगर आप लगातार उन्हीं 10-15 प्रतिशत कमजोरियों के बारे में सोचते रहेंगे, तो उसका असर बाकी 70-80 प्रतिशत अच्छी चीजों पर भी पड़ेगा।”

“हमारे लिए सबसे जरूरी बात यह है कि चीजों को सरल रखा जाए। सामने चाहे कोई भी विपक्षी टीम हो, हमारा फोकस सिर्फ इस बात पर रहता है कि मौका मिलने पर हम कैसे ज्यादा प्रभाव डाल सकते हैं— चाहे बल्लेबाजी हो, गेंदबाजी हो या फील्डिंग।”

राशिद ने यह भी कहा कि टीम अपनी ताकत और कमजोरी पर ज्यादा सोचने के बजाय वर्तमान स्थिति पर ध्यान देती है।

उन्होंने कहा, “हम यह नहीं सोचते कि हम कहां कमजोर हैं और कहां मजबूत। हम सिर्फ यह सोचते हैं कि सामने क्या चुनौती है और टीम के लिए मैं क्या बेहतर कर सकता हूं।”

राशिद ने इस सीजन टीम के गेंदबाजों की लगातार शानदार प्रदर्शन के लिए भी तारीफ की।

उन्होंने कहा, “पिच में ज्यादा बदलाव नहीं आया था। लेकिन हमारे पास जो गेंदबाजी अटैक है, खासकर तेज गेंदबाजों का, उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में शानदार काम किया है।”

उन्होंने आगे कहा, “अगर आप इस तरह की विकेट पर अच्छी गति के साथ लगातार सही जगह गेंद डालते हैं, तो गेंदबाजों के लिए मदद जरूर मिलती है।”

राशिद का मानना है कि गुजरात टाइटंस की सबसे बड़ी ताकत परिस्थितियों को विरोधी टीम से ज्यादा तेजी से समझना रही है।

उन्होंने कहा, “यही हमारी सबसे बड़ी ताकत रही है कि हम बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में हालात के हिसाब से खुद को बहुत जल्दी ढाल लेते हैं। मुझे लगता है कि हमने उनसे ज्यादा तेजी से पिच और परिस्थितियों को समझा और यही हमारी जीत का कारण बना।”

हाई-स्कोरिंग मुकाबलों में गेंदबाजी की चुनौतियों पर बात करते हुए राशिद ने कहा कि आधुनिक टी20 क्रिकेट में गेंदबाजों को दबाव में भी आक्रामक सोच रखनी पड़ती है।

उन्होंने कहा, “जब आप 230 रन डिफेंड कर रहे होते हैं, तो रन जरूर जाएंगे। ऐसा नहीं हो सकता कि आप लगातार डॉट बॉल ही डालें। लेकिन गेंदबाज के तौर पर सबसे जरूरी बात यह होती है कि बल्लेबाज के लिए चौका लगाना कितना मुश्किल बनाया जा सकता है।”

राशिद ने अपने करियर के कठिन दौरों का भी जिक्र किया, जिसमें 2019 का वह फर्स्ट-क्लास मैच भी शामिल था, जहां उन्होंने एक पारी में 100 से ज्यादा रन दे दिए थे।

उन्होंने कहा, “जिंदगी में अच्छे और बुरे दोनों दिन आते हैं। जरूरी यह है कि बुरे समय को कैसे संभाला जाए। अगर आपके जीवन में कभी बुरा दिन नहीं आएगा, तो आप ज्यादा सीख नहीं पाएंगे।”

27 वर्षीय राशिद ने बताया कि वह हर मैच के बाद अपनी गेंदबाजी का विश्लेषण करते हैं।

उन्होंने कहा, “हर मैच के बाद मैं वीडियो एनालिस्ट से अपनी पिचिंग मैप मंगवाता हूं और देखता हूं कि मैंने सबसे ज्यादा गेंद कहां डाली और मैं क्या बेहतर कर सकता हूं।”

इसके अलावा राशिद ने ओपनर साई सुदर्शन और कप्तान शुभमन गिल की भी जमकर तारीफ की।

उन्होंने कहा, “शुभमन हर दिन और बेहतर होते जा रहे हैं। वह परिस्थितियों और मैदान को बहुत जल्दी समझ लेते हैं और मैच को शानदार तरीके से पढ़ते हैं।”

राशिद ने आगे कहा, “शुभमन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वह अपने खेल को बहुत अच्छी तरह समझते हैं। उन्हें पता होता है कि पारी की शुरुआत कैसे करनी है, कब तेजी लानी है और उसे कैसे खत्म करना है।”