आईपीएल 2026: क्यों वैभव सूर्यवंशी को क्रिस गेल का बड़ा रिकॉर्ड तोड़ने का दावेदार माना जा रहा है!

पूर्व भारतीय कप्तान अनिल कुंबले का मानना है कि युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी अपने शानदार स्वभाव और बेहतरीन शॉट रेंज के दम पर एक आईपीएल सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का क्रिस गेल का रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं।

राजस्थान रॉयल्स ने मंगलवार को लखनऊ सुपर जायंट्स को सात विकेट से हराया, जिसमें 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर विस्फोटक बल्लेबाजी से सभी को प्रभावित किया।

इस सीजन वैभव अब तक 53 छक्के लगा चुके हैं और अब वह क्रिस गेल के एक सीजन में 59 छक्कों के रिकॉर्ड से सिर्फ 6 छक्के दूर हैं।

स्टार स्पोर्ट्स पर बातचीत करते हुए अनिल कुंबले ने कहा, “इस आईपीएल सीजन में वह पहले ही 53 छक्के लगा चुके हैं। एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्कों का रिकॉर्ड क्रिस गेल के नाम है, जिन्होंने 59 छक्के लगाए थे। राजस्थान रॉयल्स का एक लीग मैच बाकी है और फिर प्लेऑफ भी हैं। अगर टीम जीतती है, तो उसे और मौके मिलेंगे। मुझे लगता है कि वैभव सूर्यवंशी गेल का रिकॉर्ड तोड़कर इतिहास रच सकते हैं।”

कुंबले ने आगे कहा, “बहुत कम बल्लेबाज होते हैं जो इतनी आसानी से कवर के ऊपर से छक्के मार सकते हैं। लेकिन सूर्यवंशी ने दिग्वेश राठी के खिलाफ कई बार ऐसा किया। मुझे खुशी है कि लोग अभी भी इस तरह की प्रतिभा को बयान करने के लिए शब्द ढूंढ पा रहे हैं। मेरे पास तो अब शब्द कम पड़ रहे हैं। यह बच्चा बेहद खास है।”

उन्होंने वैभव के स्वभाव और सोच की भी तारीफ की। “सबसे खास बात उसका माइंडसेट है। जब भी वह बात करता है, तो अपनी उम्र से कहीं ज्यादा समझदार लगता है। इतनी कम उम्र में यह बहुत जरूरी है, खासकर तब जब हर तरफ से तारीफ और अटेंशन मिल रहा हो।”

कुंबले के मुताबिक, बढ़ती लोकप्रियता के बावजूद वैभव का जमीन से जुड़ा रहना इस बात का संकेत है कि वह लंबा करियर खेलने के लिए तैयार है।

उन्होंने कहा, “वह समझता है कि यह तो सिर्फ शुरुआत है। मैच के बाद उसने खुद कहा था — ‘यह मेरी यात्रा की शुरुआत है। अगर मेरी यात्रा लंबी रही, तो मैं ऐसे कई रिकॉर्ड बनाऊंगा।’”

कुंबले ने यशस्वी जायसवाल की भी तारीफ की, जिन्होंने लक्ष्य का पीछा करते समय सूर्यवंशी का दबाव कम किया।

उन्होंने कहा, “220 रन के लक्ष्य का पीछा करते समय पावरप्ले जीतना बहुत जरूरी था। राजस्थान को तेज शुरुआत चाहिए थी, लेकिन सूर्यवंशी ने शुरुआत में थोड़ा संभलकर खेला। तभी यशस्वी जायसवाल आगे आए। उन्होंने गेंदबाजों पर हमला किया और तेजी से 43 रन बनाए।”

कुंबले ने आगे कहा, “जब सूर्यवंशी की नजर जम गई, तब मैच पूरी तरह बदल गया। वह आसानी से गैप ढूंढने लगे और बाउंड्री पार शॉट खेलने लगे। इससे उन्हें रन रेट की चिंता किए बिना अपनी पारी जमाने का मौका मिला, और सेट होने के बाद उन्होंने गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दीं।”