
राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग ने आईपीएल 2026 के दौरान टीवी एक्सपर्ट्स और कमेंटेटर्स द्वारा की जा रही निजी आलोचनाओं पर नाराज़गी जताई है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की इज्जत करनी चाहिए और चर्चा सिर्फ क्रिकेट तक सीमित रहनी चाहिए।
मंगलवार को जयपुर में राजस्थान रॉयल्स की लखनऊ सुपर जायंट्स पर सात विकेट की जीत के बाद पराग ने अपनी नाराज़गी जाहिर की। इस सीजन में ड्रेसिंग रूम में वेपिंग करते पकड़े जाने जैसी ऑफ-फील्ड घटनाओं को लेकर उन्हें काफी आलोचना झेलनी पड़ी थी।
पीटीआई के अनुसार पराग ने कहा, “इस साल आईपीएल के बाहर बहुत सारी बातें हो रही हैं। मुझे लगता है कि पूरा देश क्रिकेट से बहुत प्यार करता है। हम खिलाड़ी हमेशा अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करते हैं। हम दर्शकों की उम्मीदों के अनुसार प्रदर्शन करना चाहते हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “अगर कोई टीम 75 या 80 रन पर ऑलआउट हो जाए तो यह कहना बहुत आसान है कि उन्हें खेलना नहीं आता या उनमें मानसिकता नहीं है। लेकिन उस मैच से पहले 3-4 दिन की तैयारी होती है कि कैसे 200-250 रन बनाए जाएं। कभी-कभी चीजें नहीं हो पातीं। हम भी इंसान हैं और हमसे भी गलतियां होती हैं।”
पराग ने खासतौर पर कमेंटेटर्स से अपील करते हुए कहा, “जो लोग कमेंट्री करते हैं, उनकी आवाज़ लोगों तक पहुंचती है। मैं उनसे कहना चाहता हूं कि क्रिकेट से प्यार करें और सिर्फ क्रिकेट की बात करें।”
हालांकि पराग को मंगलवार के मैच में इम्पैक्ट सब्स्टीट्यूट्स में शामिल किया गया था, लेकिन हैमस्ट्रिंग चोट के कारण उन्होंने मैदान पर हिस्सा नहीं लिया। हाल ही में उन्हें श्रीलंका में होने वाली ट्रायंगुलर सीरीज़ के लिए इंडिया ए टीम का उपकप्तान भी बनाया गया है।
24 वर्षीय पराग ने कहा कि क्रिकेट देश का सबसे बड़ा खेल है और इसका सम्मान होना चाहिए।
उन्होंने कहा, “यह देश का सबसे महत्वपूर्ण खेल है और हम इसमें सबसे बेहतरीन हैं। इसलिए इसे थोड़ा सम्मान मिलना चाहिए। हमें सिर्फ क्रिकेट की बात करनी चाहिए, बाकी चीजों की नहीं।”
पराग ने यह भी कहा कि अब उन्होंने बाहरी शोर को नजरअंदाज करना सीख लिया है।
उन्होंने कहा, “मैंने एक चीज समझ ली है कि पिछले चार सालों से चाहे मैं कुछ भी करूं, बातें होती रहेंगी। लेकिन मैंने यह भी समझ लिया है कि इन बातों का असर मेरे खेल, फॉर्म या मानसिकता पर नहीं पड़ना चाहिए, क्योंकि कीबोर्ड वॉरियर्स बाहर के लोग हैं।”
पराग ने वैभव सूर्यवंशी की 38 गेंदों में 93 रन की तूफानी पारी को उनकी अब तक की सबसे बेहतरीन पारी बताया।
उन्होंने कहा, “मुझे लगता है यह उसकी सबसे शानदार पारी थी। जब वह 10-11 गेंदों पर सिर्फ 5 रन बनाकर खेल रहा था, तब उसके पास दो रास्ते थे। या तो वह इगो में आकर जल्दबाज़ी करता और अंधाधुंध शॉट खेलता।”
“लेकिन 15 साल की उम्र में उसने जिस धैर्य से बल्लेबाज़ी की, वह देखने में मजेदार और दिलचस्प था। उसने मयंक यादव की गेंद पर कवर के ऊपर पहला बड़ा शॉट खेला, जिससे मुझे समझ आया कि वह छोटा जरूर है, लेकिन खेल की समझ बहुत बड़ी है।”








