
भारतीय बल्लेबाजी स्टार विराट कोहली ने युवा खिलाड़ियों को सलाह दी है कि वे आईपीएल से मिलने वाली जल्दी प्रसिद्धि और पैसों के लालच में न फंसें। उन्होंने कहा कि अगर खिलाड़ी लंबे समय तक क्रिकेट खेलना चाहते हैं और दुनिया भर में सम्मान कमाना चाहते हैं, तो उन्हें खेल के प्रति पूरी ईमानदारी और समर्पण रखना होगा।
विराट कोहली, जो अब सिर्फ वनडे फॉर्मेट में भारत के लिए खेलते हैं, ने युवा खिलाड़ियों से कहा कि उन्हें अपने अंदर की प्रेरणा ढूंढनी होगी ताकि वे हर फॉर्मेट में सफल खिलाड़ी बन सकें।
आरसीबी इनोवेशन लैब के इंडियन स्पोर्ट्स समिट में कोहली ने कहा, “आजकल लोग जुनून को पैसों से जोड़ते हैं। हां, पैसा एक बड़ा फैक्टर है क्योंकि आज आईपीएल में 20 गेंदों पर 40-50 रन बनाकर भी खिलाड़ी काफी नाम, पहचान और पैसा कमा सकते हैं। इससे खिलाड़ी बहुत जल्दी आरामदायक स्थिति में पहुंच जाते हैं।”
कोहली ने टेस्ट क्रिकेट को सबसे चुनौतीपूर्ण और सम्मानजनक फॉर्मेट बताते हुए युवाओं से इसे अपनाने की अपील की।
उन्होंने कहा, “खिलाड़ी सोच सकते हैं कि टी20 क्रिकेट शानदार है। ज्यादा देर तक दबाव झेलने की जरूरत नहीं, बस जाओ और गेंद को जोर से मारो। लेकिन अगर आप 15-20 साल तक खेलना चाहते हैं और क्रिकेट जगत, अपने हीरो और फैंस से सम्मान पाना चाहते हैं, तो यह बिल्कुल अलग सोच है।”
उन्होंने आगे कहा, “इसके लिए बहुत मजबूत इरादे चाहिए। आपको तय करना होगा कि अगले 10-15 साल तक पूरी मेहनत और संघर्ष के लिए तैयार रहना है।”
हालांकि कोहली ने आधुनिक क्रिकेटरों की तारीफ भी की। उन्होंने माना कि आज के खिलाड़ी पावर हिटिंग और आक्रामक बल्लेबाजी में काफी आगे हैं।
उन्होंने कहा, “आज कई ऐसे खिलाड़ी हैं जो उस तरह खेलते हैं जैसा मैंने अपने समय में सीखकर शुरुआत नहीं की थी। सच कहूं तो ये खिलाड़ी पावर हिटिंग और विस्फोटक बल्लेबाजी में हमसे काफी आगे हैं।”
लेकिन कोहली का मानना है कि असली परीक्षा आईपीएल के आखिरी चरण में होती है, जब पिचें मुश्किल हो जाती हैं और बल्लेबाजों को समझदारी से खेलना पड़ता है।
उन्होंने कहा, “मैं हमेशा कहता हूं कि आईपीएल के छठे हफ्ते तक इंतजार करो। हर मैच में 250-260 रन नहीं बनेंगे। कुछ मुकाबलों में मुश्किल पिच पर 175-180 रन का पीछा करना होगा, जहां टीम जल्दी विकेट खो देगी। तब असली बल्लेबाजी नजर आती है।”
कोहली ने बताया कि ऐसी परिस्थितियों में सफल होने के लिए बल्लेबाज को अलग-अलग तरीके से खेलना आना चाहिए।
उन्होंने कहा, “मेरे लिए सबसे जरूरी है खेल को समझना और हर परिस्थिति के हिसाब से खुद को ढालना। इसके लिए तकनीकी रूप से मजबूत होना जरूरी है। आपको सिर्फ एक नहीं, बल्कि सात-आठ अलग तरीकों से बल्लेबाजी करनी आनी चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा, “अगर पिच पर चौके-छक्के लगाना आसान नहीं है, तो मुझे दौड़कर अपनी टीम को जीत दिलानी आनी चाहिए। इसके लिए मानसिक और शारीरिक तैयारी बहुत जरूरी होती है। सही फैसले ही आपकी असली क्षमता बाहर लाते हैं।”








