
कोलकाता नाइट राइडर्स को गुजरात टाइटंस के खिलाफ 29 रन की जीत दिलाकर उनकी प्लेऑफ उम्मीदों को जिंदा रखने वाले फिन एलेन ने कहा कि खुद पर बनाया गया दबाव हटाने और बल्लेबाजी का आनंद दोबारा महसूस करने से उनकी फॉर्म वापस लौटी।
शनिवार को खेले गए मैच में एलेन ने सिर्फ 35 गेंदों में 93 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें चार चौके और दस छक्के शामिल थे। उनकी इस पारी की मदद से KKR ने 248 रन का विशाल लक्ष्य खड़ा किया। जवाब में गुजरात टाइटंस 20 ओवर में 4 विकेट पर 218 रन ही बना सकी।
न्यूजीलैंड के इस बल्लेबाज को शुरुआती पांच मैचों में सिर्फ 81 रन बनाने के बाद तीन मैचों के लिए टीम से बाहर कर दिया गया था। हालांकि इसी महीने उन्होंने वापसी करते हुए अपनी दूसरी पारी में 47 गेंदों पर नाबाद 100 रन ठोक दिए थे।
कोलकाता में रिपोर्टर्स से बात करते हुए एलेन ने Reuters के हवाले से कहा, “सच कहूं तो टूर्नामेंट की शुरुआत में मैं खुद पर बहुत ज्यादा दबाव डाल रहा था। कुछ समय के लिए मैं बिल्कुल अलग इंसान जैसा महसूस कर रहा था और यह सब मैंने खुद अपने ऊपर थोपा था।
मुझे क्रिकेट खेलना पसंद है, मुझे बल्लेबाजी करना पसंद है, लेकिन उस समय मैं इसका उतना आनंद नहीं ले पा रहा था जितना लेना चाहिए था क्योंकि मैं खुद पर बहुत ज्यादा दबाव डाल रहा था। इसलिए कुछ मैच में बाहर बैठना मेरे लिए काफी फायदेमंद रहा।”
एलेन ने कहा कि टी20 जैसे अनिश्चित फॉर्मेट में उनकी वापसी का सबसे बड़ा कारण सरल सोच और खेल का आनंद लेना रहा।
उन्होंने कहा, “मैंने महसूस किया कि जब मैं रिलैक्स रहता हूं, खेल का आनंद लेता हूं और गेंद को ज्यादा ध्यान से देखता हूं, तब मैं बेहतर स्थिति में होता हूं और बेहतर क्रिकेटर बनता हूं।
सबसे जरूरी बात यही थी कि मैं जो कर रहा हूं उसका आनंद लेता रहूं, सीखता रहूं। दबाव पूरी तरह मैंने खुद पर डाला हुआ था। हम बहुत खुशकिस्मत हैं कि हमें यह करने का मौका मिला है, इसलिए असली दबाव सिर्फ मेरे दिमाग में था।”
KKR फिलहाल 11 अंकों के साथ सातवें स्थान पर है और उसके दो मैच बाकी हैं। टीम अभी भी टॉप-4 की रेस में बनी हुई है। बुधवार को उसका सामना पहले ही टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी मुंबई इंडियंस से होगा।








