प्रोटोकॉल उल्लंघन के बाद BCCI सख्त, खिलाड़ियों को ‘हनी ट्रैप’ के खतरे को लेकर दी चेतावनी!

आईपीएल 2026 कई विवादों से घिरा रहा है, जिससे टूर्नामेंट की छवि पर सवाल उठने लगे हैं। खासकर राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग के ड्रेसिंग रूम में वेपिंग करने वाले विवाद के बाद मामला और गंभीर हो गया।

इन्हीं लगातार हो रहे प्रोटोकॉल उल्लंघनों के चलते बीसीसीआई ने गुरुवार को सभी 10 आईपीएल फ्रेंचाइजियों के लिए आठ पन्नों की एक सख्त एडवाइजरी जारी की है, जिसमें स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर्स (SOPs) दिए गए हैं। सभी टीमों को इन नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा।

बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने सभी फ्रेंचाइजियों के सीईओ को लिखे पत्र में कहा, “यह एडवाइजरी मौजूदा सीजन के दौरान सामने आए कुछ घटनाक्रमों को देखते हुए जारी की गई है। इसका उद्देश्य आईपीएल से जुड़े सभी हितधारकों के लिए प्रोफेशनलिज्म, अनुशासन, सुरक्षा जागरूकता और प्रोटोकॉल पालन के मानकों को मजबूत करना है।”

दस्तावेज़ में उन कई नियम उल्लंघनों का जिक्र किया गया है, जिनकी रिपोर्ट बीसीसीआई की एंटी करप्शन एंड सिक्योरिटी यूनिट (ACSU) ने की है।

होटल रूम में ‘अनऑथराइज्ड’ लोगों की एंट्री पर सख्ती

बीसीसीआई ने खिलाड़ियों के होटल रूम में “अनधिकृत व्यक्तियों” के आने को लेकर भी गंभीर चिंता जताई है।

दस्तावेज़ में लिखा गया है: “यह देखा गया है कि कुछ खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ ने बिना टीम मैनेजर की जानकारी या अनुमति के लोगों को अपने होटल रूम में आने दिया। कई मामलों में टीम मैनेजर को इन मेहमानों की मौजूदगी की जानकारी तक नहीं थी। यह प्रथा तत्काल प्रभाव से पूरी तरह प्रतिबंधित की जाती है।”

इसके तहत खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के लिए तीन बड़े नियम बनाए गए हैं:

a) किसी भी व्यक्ति को — चाहे उसकी पहचान, रिश्ता या उद्देश्य कुछ भी हो — टीम मैनेजर की पूर्व लिखित अनुमति के बिना खिलाड़ी या सपोर्ट स्टाफ के होटल रूम में प्रवेश नहीं मिलेगा।

b) सभी मेहमानों से मुलाकात सिर्फ होटल के सार्वजनिक क्षेत्रों जैसे लॉबी या रिसेप्शन लाउंज में ही होगी। बिना लिखित अनुमति के किसी भी मेहमान को निजी कमरे तक नहीं ले जाया जा सकता।

c) बीसीसीआई ने फ्रेंचाइजियों को हाई-प्रोफाइल खेल माहौल में “हनी ट्रैप” और टारगेटेड कॉम्प्रोमाइज के खतरों को लेकर सतर्क रहने को कहा है। बोर्ड ने चेतावनी दी कि ऐसे मामलों से गंभीर कानूनी और सुरक्षा संबंधी खतरे पैदा हो सकते हैं।

मैच के दौरान टीम मालिकों पर भी सख्ती

बीसीसीआई ने कुछ फ्रेंचाइजी मालिकों के व्यवहार पर भी चिंता जताई है, जिन्होंने मैच के दौरान PMOA (Players’ and Match Officials Access) प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया।

दस्तावेज़ में कहा गया: “कुछ फ्रेंचाइजी मालिकों को मैच के दौरान खिलाड़ियों से बातचीत करने, उन्हें गले लगाने या फिजिकल संपर्क बनाने की कोशिश करते देखा गया। यह स्थापित प्रोटोकॉल का सीधा उल्लंघन है और टीम डायनेमिक्स तथा मैच प्रक्रिया में दखल माना जा सकता है।”

इसको लेकर फ्रेंचाइजी मालिकों के लिए भी तीन निर्देश जारी किए गए हैं:

a) मैच के दौरान फ्रेंचाइजी मालिक और उनके प्रतिनिधि डगआउट, ड्रेसिंग रूम या मैदान में खिलाड़ियों और टीम अधिकारियों से संपर्क नहीं कर सकते, जब तक कि अधिकृत चैनल से अनुमति न हो।

b) प्रतिबंधित क्षेत्रों में मालिकों की एंट्री पूरी तरह PMOA प्रोटोकॉल के अनुसार ही होगी। किसी भी उल्लंघन को गंभीर माना जाएगा।

c) फ्रेंचाइजी मैनेजमेंट की जिम्मेदारी होगी कि मैच से पहले मालिकों और उनके सहयोगियों को सभी नियमों की जानकारी दी जाए।

रियान पराग के वेपिंग विवाद के बाद बड़ा कदम

रियान पराग के वेपिंग विवाद ने फ्रेंचाइजी के साथ-साथ बीसीसीआई और आईपीएल की छवि को भी नुकसान पहुंचाया। हालांकि दस्तावेज़ में उनका नाम नहीं लिया गया, लेकिन सैकिया ने साफ शब्दों में कहा:

“ड्रेसिंग रूम और अन्य प्रतिबंधित क्षेत्रों में वेपिंग की घटनाएं बीसीसीआई के संज्ञान में आई हैं। यह ध्यान रखना जरूरी है कि भारतीय कानून के तहत वेप और ई-सिगरेट प्रतिबंधित हैं। ऐसा करने वाला व्यक्ति सिर्फ बीसीसीआई और आईपीएल नियमों का ही नहीं, बल्कि भारतीय कानून का भी उल्लंघन कर सकता है।”

इसके बाद बीसीसीआई ने साफ कर दिया कि: “सभी आईपीएल वेन्यू, ड्रेसिंग रूम, डगआउट, टीम होटल और प्रैक्टिस सुविधाओं में वेप, ई-सिगरेट और सभी प्रतिबंधित पदार्थों का इस्तेमाल पूरी तरह बैन रहेगा।”