
तिलक वर्मा ने बुधवार को खुलासा किया कि उन्हें अपनी फॉर्म वापस पाने और आईपीएल में शतक लगाने में रोहित शर्मा की एक खास सलाह ने मदद की—पहली 15–20 गेंद बिना ज्यादा सोचे खेलना।
मुम्बई इंडियंस ने अपने पिछले मैच में गुजरात टाइटंस को हराकर लगातार चार हार का सिलसिला खत्म किया। इस मैच में तिलक ने नाबाद 101 रन बनाकर टीम को 99 रन की बड़ी जीत दिलाई।
शुरुआत में तिलक की पारी धीमी रही, जहां एक समय वह 22 गेंदों पर 19 रन बनाकर खेल रहे थे। लेकिन इसके बाद उन्होंने सिर्फ 45 गेंदों में नाबाद शतक जड़ दिया, जिसमें 8 चौके और 7 छक्के शामिल थे।
तिलक ने कहा, “मैं खासकर रोहित भाई से बात कर रहा था। उन्होंने मुझसे कहा कि ‘15-20 गेंद खेलो, तुम्हें पता है तुम क्या कर सकते हो।’”
उन्होंने आगे बताया, “रोहित भाई ने कहा कि अगर तुम 15 गेंद खेल लोगे, तो सब जानते हैं कि उसके बाद तुम क्या करोगे। बस स्थिति के बारे में मत सोचो, 15 गेंद खेलो, फिर जो होगा देखा जाएगा।”
तिलक ने कहा कि इस सलाह से उन्हें आत्मविश्वास मिला। “मेरे दिमाग में था कि पहले 15 गेंद खेलनी हैं और फिर आगे देखना है। जैसे ही मैंने वो 15 गेंद खेलीं, अंदर से खुद ही फील आने लगा कि अब शॉट खेल सकता हूं।”
आईपीएल की खराब शुरुआत (20, 0, 14, 1, 8) के बावजूद तिलक ने कहा कि उन्होंने खुद पर ज्यादा दबाव नहीं डाला।
उन्होंने कहा, “कुछ मैचों में मुझे ज्यादा समय नहीं मिला और शुरुआत से ही खेलना पड़ा। कभी चलता है, कभी नहीं, इसलिए मैंने ज्यादा दबाव नहीं लिया कि मैं फॉर्म में नहीं हूं।”
तिलक ने सूर्यकुमार यादव का भी समर्थन किया और कहा कि वह खराब फॉर्म में नहीं हैं।
“मैं नहीं कहूंगा कि सूर्य भाई आउट ऑफ फॉर्म हैं। वह अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हैं। उनके शॉट्स देखकर नहीं लगता कि वह टच से बाहर हैं। बस एक बड़ी पारी का इंतजार है,” उन्होंने कहा।
उन्होंने यह भी कहा कि जैसे टी20 वर्ल्ड कप के पहले मैच में हालात अलग थे, लेकिन सूर्यकुमार ने वहां खुद को साबित किया था।
हालांकि नंबर 3 उनकी पसंदीदा बल्लेबाजी पोजिशन है, तिलक ने कहा कि वह टीम की जरूरत के हिसाब से किसी भी नंबर पर बल्लेबाजी करने को तैयार हैं।
“पिछले तीन साल से यही सवाल सुन रहा हूं। मुझे नंबर 3 पर बल्लेबाजी करना पसंद है, लेकिन टीम जहां चाहे—4, 5, 6 या 7—मैं तैयार हूं,” उन्होंने कहा।
जब रन नहीं बन रहे होते, तो अपनी तैयारी को लेकर तिलक ने कहा कि वह कोई तय तरीका फॉलो नहीं करते।
“मैं हमेशा सोचता हूं कि उस समय टीम को क्या चाहिए। कभी लगता है ज्यादा प्रैक्टिस करनी चाहिए, तो कभी लगता है खेल से थोड़ा दूर रहना चाहिए। सोने से पहले मैं अपने मानसिक स्थिति के बारे में सोचता हूं,” उन्होंने कहा।
उन्होंने आगे कहा, “हर बार ज्यादा प्रैक्टिस करने से ही रन आएंगे, ऐसा नहीं होता। वर्ल्ड कप में शुरुआत में रन नहीं बने तो मैंने ज्यादा प्रैक्टिस की, लेकिन अब आईपीएल में 2-3 मैचों में रन नहीं बने तो मैंने थोड़ा ब्रेक लेना बेहतर समझा।”
तिलक ने बताया कि वह अपने बचपन के कोच से बात करते रहते हैं और बल्लेबाजी से जुड़ी बातें रोहित शर्मा के साथ भी शेयर करते हैं।








