
150 किमी/घंटा की रफ्तार से गेंदबाज़ी करना जितना रोमांचक है, उतना ही जोखिम भरा भी। लेकिन IPL के उभरते तेज गेंदबाज़ आशीष शर्मा का मानना है कि अनुशासित जीवनशैली अपनाकर चोट के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
अपने दूसरे ही IPL मैच में गुजरात टाइटंस के इस गेंदबाज़ ने राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 154.2 किमी/घंटा की रफ्तार से गेंद डालकर सबको चौंका दिया।
23 वर्षीय खिलाड़ी को सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन के बाद GT ने 90 लाख रुपये में खरीदा था। पिछले सीजन उन्होंने फर्स्ट क्लास और लिस्ट-ए क्रिकेट में भी डेब्यू किया था।
उनसे पहले उमरान मलिक और मयंक यादव जैसे तेज गेंदबाज़ भी अपनी रफ्तार से सुर्खियों में आए, लेकिन बार-बार चोटिल होने के कारण बाहर हो गए।
आशीष अपने एक्स्ट्रा पेस को अपनी सबसे बड़ी ताकत मानते हैं, लेकिन वह चोट के खतरे को भी अच्छी तरह समझते हैं।
उन्होंने कहा, “अगर आप तेज गेंदबाज़ हैं तो चोट लगना तय है। इससे बचने का एक ही तरीका है—समय पर सोना, रिकवरी पर ध्यान देना और सही डाइट लेना। मैं अपनी दिनचर्या का सख्ती से पालन करता हूं। जिम या पूल सेशन कभी नहीं छोड़ता।”
आशीष राजस्थान के एक किसान परिवार से आते हैं और जयपुर की अरावली क्रिकेट अकादमी में ट्रेनिंग करते हैं, जहां लखनऊ सुपर जायंट्स के बल्लेबाज़ मुकुल चौधरी भी अभ्यास करते हैं।
परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी थी कि दोनों भाइयों में से सिर्फ एक ही क्रिकेट जारी रख सकता था, इसलिए उनके भाई को अपना सपना छोड़ना पड़ा।
आशीष का सपना भी बाकी खिलाड़ियों की तरह भारत के लिए खेलना है। वह तीनों फॉर्मेट को बराबर महत्व देते हैं और गुजरात टाइटंस कैंप में मोहम्मद सिराज, ईशांत शर्मा और कोच आशीष नेहरा से तेज गेंदबाज़ी पर चर्चा करते रहते हैं।
अपनी पसंदीदा गेंदों के बारे में उन्होंने कहा, “मुझे बैक ऑफ द हैंड स्लोअर बॉल और यॉर्कर सबसे ज्यादा पसंद है।”
उन्होंने आगे कहा कि चार दिन का क्रिकेट भी बेहद जरूरी है और वह हर फॉर्मेट में खेलना चाहते हैं।
डोमेस्टिक और IPL क्रिकेट के अंतर पर आशीष ने कहा,
“IPL में गलती की गुंजाइश बहुत कम होती है। यहां छोटी सी गलती भी भारी पड़ सकती है, जबकि घरेलू क्रिकेट में कभी-कभी खराब गेंद बच जाती है।”
आशीष मानते हैं कि क्रिकेट ने उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल दी है और उन्हें अपने परिवार को बेहतर जीवन देने का मौका मिला है।
उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “रिश्तेदार तो सबके एक जैसे होते हैं—जब आप अच्छा करते हैं तो साथ होते हैं, और जब संघर्ष करते हैं तो दूर हो जाते हैं।”
अब उनका अगला लक्ष्य भारत के लिए खेलना है, और वह उसी दिशा में लगातार मेहनत कर रहे हैं।








