
गुजरात टाइटंस को आखिरी दो ओवर में जीत के लिए 15 रन चाहिए थे और अहम ओवर डालने की जिम्मेदारी जॉफ्रा आर्चर और तुषार देशपांडे पर थी। राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग ने पहले तय किया था कि 19वां ओवर देशपांडे डालेंगे और आखिरी ओवर आर्चर करेंगे।
लेकिन उप-कप्तान ध्रुव जुरेल की सलाह पर पराग ने यह फैसला बदल दिया और यह एक मास्टरस्ट्रोक साबित हुआ। आखिरी ओवर में जब गुजरात को जीत के लिए 10 रन चाहिए थे, तब देशपांडे ने शानदार गेंदबाज़ी करते हुए सिर्फ 4 रन दिए और टीम को जीत दिला दी। गुजरात टाइटंस 211 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 204/8 तक ही पहुंच सकी।
आर्चर ने कहा, “रियान ने अपना फैसला बदला। देशपांडे 19वां ओवर डालने वाले थे और मैं आखिरी ओवर डालता। मैदान पर जो कुछ भी सही हो सकता था, वह सब हुआ और मुझे टीम पर गर्व है।” आर्चर ने खुद भी 19वें ओवर में सिर्फ 4 रन दिए थे।
रियान पराग ने बताया कि यह बदलाव जुरेल की सलाह पर किया गया था। उन्होंने कहा, “मैं पहले ही ओवर बदलने का सोच रहा था, लेकिन इसका श्रेय जुरेल को जाता है—उसने कहा कि 19वां ओवर आर्चर से कराया जाए। हम तेज और सीधी गेंदबाज़ी करना चाहते थे।”
उन्होंने आगे कहा, “यह फैसला शानदार रहा। हमने रिस्क लिया—फुल और तेज गेंद डालने का—और खिलाड़ियों ने बेहतरीन तरीके से इसे अंजाम दिया।”
गुजरात की ओर से कप्तानी कर रहे राशिद खान और कगिसो रबाडा ने एक अहम साझेदारी कर टीम को मुकाबले में बनाए रखा, खासकर तब जब मिडिल ओवर्स में जल्दी-जल्दी विकेट गिर गए थे। राशिद की बल्लेबाज़ी GT के लिए उम्मीद थी, लेकिन आर्चर ने डीप में शानदार कैच लेकर उन्हें आउट कर दिया।
आर्चर ने उस कैच के बारे में कहा, “शुरुआत में लगा कि यह छक्का जाएगा, लेकिन मैं दौड़ा और उम्मीद की, और शुक्र है कि कैच हो गया।”
आर्चर ने यह भी बताया कि उन्होंने और देशपांडे ने आखिरी ओवरों के लिए खास योजना बनाई थी, क्योंकि पिच पर स्लो गेंदें असरदार नहीं थीं, इसलिए उन्होंने तेज गेंदबाज़ी करने का फैसला किया।
उन्होंने कहा, “कभी-कभी हमें तेज और स्लो दोनों तरह की गेंदबाज़ी करनी पड़ती है, लेकिन इस मैच में स्लो गेंदें काम नहीं कर रही थीं, इसलिए हमने तेज गेंदें डालीं।”
राशिद खान ने गेंदबाज़ों की तारीफ की, लेकिन यह भी कहा कि मिडिल ओवर्स में विकेट गिरने से टीम की लय टूट गई।
उन्होंने कहा, “हमने गेंदबाज़ी अच्छी की और उन्हें 210 के अंदर रोका, जो इस पिच पर अच्छा प्रयास था। बल्लेबाज़ी में भी हमने अच्छी शुरुआत की, लेकिन 12वें और 13वें ओवर में लगातार विकेट गिरने से हमारी पकड़ कमजोर हो गई।”
उन्होंने आगे कहा, “अगर विकेट नहीं गिरते, तो रन बनाना मुश्किल नहीं था, लेकिन उसी समय हमने मैच की गति खो दी।”








