अफगानिस्तान के क्रिकेटरों ने काबुल अस्पताल पर हवाई हमले को लेकर पाकिस्तान की आलोचना की!

कई अफगान क्रिकेटरों ने काबुल में हुए हवाई हमलों पर गहरा दुख और गुस्सा जताया है, जिनमें 400 से अधिक लोगों की मौत होने की खबर है।

अफगानिस्तान सरकार के उप-प्रवक्ता ने मंगलवार (17 मार्च) को बताया कि पाकिस्तान द्वारा किए गए हवाई हमले में काबुल के एक अस्पताल को निशाना बनाया गया, जहां नशा मुक्ति का इलाज चल रहा था। हालांकि, पाकिस्तान ने पहले इस बात से इनकार किया था कि उसने किसी अस्पताल को निशाना बनाया है।

राशिद खान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा कि वह “काबुल में आम नागरिकों की मौत की खबरों से बेहद दुखी हैं।” उन्होंने कहा कि नागरिक घरों, शैक्षणिक संस्थानों या मेडिकल सुविधाओं को निशाना बनाना—चाहे जानबूझकर हो या गलती से—युद्ध अपराध है।

उन्होंने लिखा: “मैं काबुल में पाकिस्तानी हवाई हमलों के कारण नागरिकों की मौत की खबरों से बहुत दुखी हूं। नागरिक घरों, शैक्षणिक संस्थानों या मेडिकल सुविधाओं को निशाना बनाना, चाहे जानबूझकर हो या गलती से, एक युद्ध अपराध है। खासकर रमज़ान के पवित्र महीने में इंसानी जानों की इतनी अनदेखी बेहद चिंताजनक है। मैं संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठनों से अपील करता हूं कि इस घटना की पूरी जांच हो और दोषियों को सजा मिले। मैं इस कठिन समय में अपने अफगान लोगों के साथ खड़ा हूं।”

वहीं अनुभवी ऑलराउंडर मोहम्मद नबी ने भी एक वीडियो साझा करते हुए कहा: “आज रात काबुल में उम्मीद खत्म हो गई। इलाज के लिए आए युवा लड़कों की अस्पताल में बमबारी में मौत हो गई। माताएं अपने बेटों के नाम पुकारती रह गईं। रमज़ान की 28वीं रात को उनकी ज़िंदगियां छिन गईं।”

अफगानिस्तान की टी20 टीम के कप्तान इब्राहिम ज़ादरान ने भी इस हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा: “आज रात काबुल में एक बड़ा धमाका सुना। कुछ ही देर में हमने अस्पताल से उठती आग की लपटें देखीं। जो लोग कल रोज़ा रखने वाले थे, वे अब या तो मारे गए हैं या घायल हैं। मेरी संवेदनाएं उन सभी परिवारों के साथ हैं जो इस दर्द से गुजर रहे हैं। काबुल दर्द में है। हम न्याय की प्रार्थना करते हैं।”

यह घटना पूरे क्रिकेट जगत में चिंता और शोक का कारण बन गई है।