
भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने खुलासा किया कि सुपर-8 में अहमदाबाद में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच से बाहर किए जाने के बाद अक्षर पटेल काफी नाराज़ थे। सूर्यकुमार ने द इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में बताया कि उन्हें इस फैसले के लिए अक्षर से व्यक्तिगत रूप से माफी भी मांगनी पड़ी।
अक्षर पटेल चोट की चिंता के कारण नीदरलैंड्स के खिलाफ ग्रुप मैच में नहीं खेले थे। लेकिन दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उन्हें टीम से बाहर रखना एक रणनीतिक फैसला था, जिसमें उनकी जगह वॉशिंगटन सुंदर को टीम में शामिल किया गया था। सूर्यकुमार ने स्वीकार किया कि मैच के बाद अक्षर से उनकी बातचीत काफी कठिन थी।
सूर्यकुमार ने कहा, “वह (अक्षर पटेल) बहुत नाराज़ थे — और होना भी चाहिए था। वह एक अनुभवी खिलाड़ी हैं और एक फ्रेंचाइज़ी टीम की कप्तानी भी करते हैं। ऐसे में उनका नाराज़ होना स्वाभाविक है।”
उन्होंने आगे बताया, “मैंने उनसे माफी मांगी। मैंने कहा कि मुझसे गलती हो गई और मुझे अफसोस है, लेकिन यह फैसला टीम के लिए लिया गया था। यह एक कठिन बातचीत थी। हालांकि उन्होंने इसे समझदारी से लिया और अगले दिन हमने इस बारे में फिर बात की।”
अहमदाबाद की मुश्किल पिच पर भारत को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 76 रन से हार का सामना करना पड़ा था। उस मैच में अक्षर को बाहर रखने का फैसला काफी चर्चा में रहा और टीम प्रबंधन, जिसमें सूर्यकुमार भी शामिल थे, को आलोचना का सामना करना पड़ा।
इसके बाद भारत ने अगले सुपर-8 मैच में जिम्बाब्वे के खिलाफ अक्षर पटेल को तुरंत टीम में वापस शामिल कर लिया। इसके बाद उन्होंने बाकी मुकाबलों, खासकर फाइनल में, टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।
अक्षर ने पूरे टूर्नामेंट में आठ मैचों में 11 विकेट लिए और मिडिल ऑर्डर में भी महत्वपूर्ण रन बनाए। इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में उन्होंने दो शानदार कैच लेकर मैच का रुख भारत की ओर मोड़ दिया था।
वहीं 8 मार्च को अहमदाबाद में न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल में अक्षर पटेल ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 3 विकेट 27 रन देकर भारत की जीत में अहम योगदान दिया।








