संदीप पाटिल का खुलासा: एमएस धोनी ने कभी युवराज सिंह को टीम से बाहर करने की मांग नहीं की!

भारत के पूर्व मुख्य चयनकर्ता संदीप पाटिल ने अपने चार साल के कार्यकाल से जुड़े कई बड़े खुलासे किए। उस दौरान चयन समिति को कई कठिन फैसले लेने पड़े थे, जिनमें सचिन तेंदुलकर, युवराज सिंह, वीवीएस लक्ष्मण और गौतम गंभीर जैसे बड़े खिलाड़ियों को टीम से बाहर करना भी शामिल था।

पाटिल ने यूट्यूब पर द विक्की लालवानी शो में बातचीत के दौरान कई मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। जब उनसे युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह द्वारा सार्वजनिक रूप से एमएस धोनी पर युवराज को टीम से बाहर करने का आरोप लगाने के बारे में पूछा गया, तो पाटिल ने साफ किया कि धोनी का चयन समिति के फैसलों पर कोई प्रभाव नहीं था।

पाटिल ने कहा, “मैं रिकॉर्ड पर यह साफ करना चाहता हूं कि न तो चयन बैठकों में, न दौरों के दौरान और न ही मैचों के समय, महेंद्र सिंह धोनी ने कभी युवराज सिंह को टीम से बाहर करने की बात कही। उन्होंने चयन समिति पर पूरा भरोसा रखा और कभी कोई आपत्ति नहीं जताई।”

योगराज सिंह के गुस्से पर पाटिल ने कहा, “एक पिता के लिए अपने बेटे को लेकर भावुक होना स्वाभाविक है, लेकिन वह गलत व्यक्ति को दोष दे रहे हैं।”

पाटिल ने यह भी बताया कि सचिन तेंदुलकर को टीम में बदलाव की बात कैसे बताई गई थी। उन्होंने कहा कि 2012 में जब भारत अपने घर में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज हार गया था, तब वह और एक अन्य चयनकर्ता राजेंद्र सिंह हंस तेंदुलकर से मिलने गए थे। इसके लिए एंटी-करप्शन यूनिट से अनुमति भी लेनी पड़ी थी।

पाटिल ने बताया कि उन्होंने सचिन से पूछा, “आपकी आगे की क्या योजना है?”

सचिन ने पूछा, “क्यों?”

तब पाटिल ने उन्हें बताया कि चयन समिति टीम में बदलाव पर विचार कर रही है। यह सुनकर सचिन हैरान रह गए और उन्होंने दोबारा फोन कर पूछा, “क्या आप सच में ऐसा कह रहे हैं?”

पाटिल ने इसकी पुष्टि की। इसके बाद तेंदुलकर ने खुद ही संन्यास लेने का फैसला किया और उन्हें फोन करके कहा, “सैंडी, मैंने रिटायरमेंट की घोषणा करने का फैसला कर लिया है।”

सचिन के संन्यास के बाद चयन समिति के अध्यक्ष के रूप में पाटिल को काफी आलोचना भी झेलनी पड़ी।

पाटिल ने कहा, “मैं समझ सकता हूं कि लोग नाराज क्यों थे। आखिर बात सचिन तेंदुलकर की थी। हमने शमी को लाया, बुमराह, अश्विन, जडेजा और रहाणे को मौका दिया। लेकिन उन फैसलों की बात कोई नहीं करता। सबको बस यही याद है कि हमने सचिन को टीम से बाहर किया।”

पाटिल ने यह भी बताया कि जहां तेंदुलकर, युवराज और लक्ष्मण जैसे खिलाड़ी अब आगे बढ़ चुके हैं और उनके साथ अच्छे संबंध बनाए हुए हैं, वहीं मौजूदा भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर अभी भी उनसे नाराज हैं।

उन्होंने कहा कि गंभीर ने उन्हें कभी माफ नहीं किया, क्योंकि उनकी जगह शिखर धवन को टीम में शामिल किया गया था।

पाटिल ने बताया, “हम कई बार एक ही टीवी शो में रहे हैं—न्यूज़18 और एबीपी पर। गौतम और मैं दोनों मौजूद थे, लेकिन उन्होंने कभी मेरी तरफ देखा तक नहीं। मैं हर बार ‘हैलो’ कहता हूं, लेकिन वह जवाब नहीं देते।”

पाटिल ने यह भी खुलासा किया कि पहले उनका गंभीर के साथ अच्छा रिश्ता था और गंभीर लगभग हर दो हफ्ते में उन्हें फोन करते थे।

उन्होंने कहा, “वह न भूलते हैं और न माफ करते हैं। यह ठीक है। फिर भी मेरे मन में उनके लिए सम्मान है और मैं उन्हें पसंद करता हूं।”