टी20 विश्व कप से बाहर होना: सबसे छोटे प्रारूप में पाकिस्तान की नाकामी भरी सोच उजागर!

टी20 विश्व कप में पाकिस्तान का निराशाजनक अभियान शनिवार को सेमीफाइनल में जगह न बना पाने के साथ खत्म हो गया और इसने टीम की कई कमियों को उजागर कर दिया।

खराब स्ट्राइक रेट, फिट न होने वाले ऑलराउंडरों का चयन और कप्तान सलमान आगा की टी20 क्षमता पर सवाल—इन सबने दिखा दिया कि पाकिस्तान तेज़ रफ्तार क्रिकेट के इस दौर में पीछे छूट गया है।

पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज़ कामरान अकमल ने कहा कि पाकिस्तान का स्तर भारत, वेस्टइंडीज, दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड जैसी शीर्ष टीमों से काफी नीचे है।

एएफपी के मुताबिक अकमल ने कहा, “दूसरी टीमें टी20 क्रिकेट की मांग के अनुसार खुद को ढाल चुकी हैं, लेकिन हमारी टीम और खिलाड़ी उन मानकों पर खरे नहीं उतरते। ऐसा लगता है जैसे बाकी टीमें चांद पर खेल रही हैं और हम अब भी जमीन पर हैं। हम छोटी टीमों को हराते हैं, लेकिन बड़ी टीमों से हार जाते हैं।”

टूर्नामेंट से पहले ऑस्ट्रेलिया को 3-0 से हराने के बाद पाकिस्तान से काफी उम्मीदें थीं। श्रीलंका की स्पिन-फ्रेंडली पिचों पर खेलने के लिए उनके पास पांच स्पिनरों की फौज थी। लेकिन नीदरलैंड के खिलाफ शुरुआती मैच में ही टीम को कड़ी टक्कर मिली और फहीम अशरफ की 11 गेंदों पर 29 रन की पारी ने आखिरी ओवर में तीन विकेट से जीत दिलाई।

भारत के खिलाफ हाई-प्रेशर मुकाबले में कप्तान आगा बुरी तरह दबाव में दिखे। टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला भारी पड़ा। भारत ने 175 रन बनाए और पाकिस्तान 61 रन से हार गया।

जब ईशान किशन 77 रन की पारी खेलकर भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचा चुके थे, तब आगा ने अपने प्रमुख स्पिनर उस्मान तारीक को 11वें ओवर तक गेंदबाजी के लिए नहीं बुलाया।

पूर्व क्रिकेटर बासित अली ने सवाल उठाया, “बैटिंग के लिए अनुकूल पिच पर आपने पहले गेंदबाजी क्यों की? 175 के लक्ष्य का पीछा करते हुए हमारे बल्लेबाज दबाव नहीं झेल पाए।”

इंग्लैंड के खिलाफ मैच में भी तारीक ने पहले ओवर में विकेट लिया, लेकिन आगा ने उन्हें अटैक से हटा दिया। इसके बाद इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रुक ने शतक जड़कर मैच जीत लिया।

अकमल ने कहा, “यह आगा की कमजोर कप्तानी थी। हेड कोच माइक हेसन भी ऐसे ऑलराउंडरों पर भरोसा करते रहे जो न तो पूरे गेंदबाज थे और न ही भरोसेमंद बल्लेबाज।”

पूर्व कप्तान जावेद मियांदाद ने कहा कि टी20 क्रिकेट अब बहुत रणनीतिक हो चुका है और पाकिस्तान के खिलाड़ी अन्य टीमों से पीछे रह गए हैं।

पीटीआई के मुताबिक मियांदाद ने कहा, “हर दो साल में आपको अपने देश की क्रिकेट की छाप छोड़ने का मौका मिलता है और आप फिर असफल हो जाते हैं। यह बेहद निराशाजनक है।”

पूर्व कप्तान मोहम्मद यूसुफ ने माना कि कुछ खिलाड़ियों को बहुत मौके दिए गए, लेकिन वे बड़े टूर्नामेंट में उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे।

उन्होंने कहा, “अब समय है आगे बढ़ने और अपनी गलतियों से सीखने का।”

पूर्व कप्तान मोइन खान ने भी कहा कि जब तक पाकिस्तान शीर्ष टीमों को हराने की क्षमता नहीं दिखाएगा, तब तक वह कोई आईसीसी टूर्नामेंट नहीं जीत पाएगा।

उन्होंने कहा, “आप बड़ी टीमों को हराए बिना बड़ा टूर्नामेंट नहीं जीत सकते। हमने चयन में और मैदान पर बहुत गलतियां कीं। सबसे अहम बात, हमारे मुख्य खिलाड़ी विश्व कप में प्रदर्शन नहीं कर पाए।”

टीम ने बाबर आज़म पर भरोसा बनाए रखा, जबकि वह फॉर्म में नहीं थे। नंबर चार पर उनकी धीमी बल्लेबाजी ने टीम की लय बिगाड़ दी।

शनिवार को श्रीलंका के खिलाफ अंतिम मैच में बाबर को बाहर बैठाया गया और पाकिस्तान 200 रन तक पहुंचा, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। न्यूज़ीलैंड बेहतर नेट रन रेट के आधार पर सेमीफाइनल में पहुंच गया।