‘डरावना और तनावपूर्ण’: दुबई एयरपोर्ट पर धमाकों के बीच पीवी सिंधु ने साझा किया अपना अनुभव!

भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु और उनके कोच दुबई एयरपोर्ट पर फंसे हुए हैं, क्योंकि अमेरिका, ईरान और इज़राइल के बीच चल रहे संघर्ष के कारण उड़ानों का संचालन निलंबित कर दिया गया है।

दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधु बर्मिंघम में प्रतिष्ठित ऑल इंग्लैंड ओपन बैडमिंटन चैंपियनशिप में हिस्सा लेने जा रही थीं, जो मंगलवार से शुरू होनी है। उन्हें दुबई से कनेक्टिंग फ्लाइट लेनी थी, जो उनका ट्रांजिट स्टॉप था। लेकिन दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उड़ान सेवाएं बंद होने के कारण अब टूर्नामेंट में उनकी भागीदारी पर संशय बना हुआ है।

शनिवार को इज़राइल द्वारा ईरान पर हमले के बाद तेहरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए मध्य-पूर्व क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले किए।

सिंधु ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी स्थिति को “डरावना और तनावपूर्ण” बताया। उन्होंने लिखा कि एयरपोर्ट पर जहां यात्री बैठे थे, वहीं पास में धमाके की आवाज सुनी गई। उनके कोच को धुएं और मलबे के सबसे करीब होने के कारण तुरंत वहां से हटकर सुरक्षित जगह भागना पड़ा।

उन्होंने लिखा, “यह मुश्किल स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है और हर घंटे डर बढ़ता जा रहा है। कुछ घंटे पहले एयरपोर्ट पर जहां हम रुके हुए थे, उसके पास ही धमाका हुआ। मेरे कोच को तुरंत उस जगह से भागना पड़ा क्योंकि वे धुएं और मलबे के सबसे करीब थे। वह हम सबके लिए बेहद तनावपूर्ण और डरावना पल था।”

हालांकि, उसी पोस्ट में सिंधु ने बताया कि अब उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है। उन्होंने दुबई एयरपोर्ट स्टाफ, स्थानीय प्रशासन और दुबई स्थित भारतीय उच्चायोग का आभार भी जताया।

उन्होंने आगे लिखा, “हम अब सुरक्षित हैं और हमें अधिक सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है। दुबई एयरपोर्ट के कर्मचारियों और स्थानीय अधिकारियों के अथक प्रयासों के लिए धन्यवाद। साथ ही दुबई में भारतीय उच्चायोग का विशेष आभार, जिन्होंने हमें सुरक्षित रखने में लगातार सहयोग किया। फिलहाल हम आराम करने की कोशिश कर रहे हैं और हालात सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं।”

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार से शुरू हो रहे ऑल इंग्लैंड ओपन को लेकर अनिश्चितता पर बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (BWF) से टिप्पणी मांगी गई थी, लेकिन संगठन ने कार्यालय समय के बाहर कोई बयान देने से इनकार कर दिया।