टी20 वर्ल्ड कप: जिम्बाब्वे मुकाबले से पहले भारत को झटका, रिंकू सिंह पारिवारिक कारणों से लौटे घर!

चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में गुरुवार को जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाले अहम सुपर-8 मुकाबले से पहले भारतीय टीम को बड़ा झटका लगा है। बल्लेबाज़ रिंकू सिंह पारिवारिक आपात स्थिति के कारण अचानक घर लौट गए हैं।

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, मैच से दो दिन पहले यह घटनाक्रम सामने आया। मंगलवार को चेपॉक में हुए भारत के पहले अभ्यास सत्र में रिंकू टीम के साथ नजर नहीं आए।

सूत्र के हवाले से बताया गया, “रिंकू सिंह पारिवारिक आपात स्थिति के कारण चेन्नई से घर लौट गए हैं। उन्होंने चेपॉक में भारत के अभ्यास सत्र में हिस्सा नहीं लिया।”

रिपोर्ट के अनुसार, रिंकू के पिता खंचंद सिंह की तबीयत बेहद गंभीर है और उन्हें ग्रेटर नोएडा के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल यह साफ नहीं है कि रिंकू टूर्नामेंट के दौरान दोबारा टीम से कब जुड़ पाएंगे।

रिंकू को टी20 वर्ल्ड कप टीम में आखिरी समय पर शामिल किया गया था, लेकिन अब तक वे उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके हैं। नरेंद्र मोदी स्टेडियम में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वे शून्य पर आउट हो गए थे और पांच पारियों में अब तक सिर्फ 24 रन ही बना पाए हैं।

अगर रिंकू जिम्बाब्वे के खिलाफ उपलब्ध नहीं होते हैं, तो भारत वॉशिंगटन सुंदर और अक्षर पटेल को शामिल कर सकता है। इससे बल्लेबाज़ी की गहराई बनी रहेगी और कप्तान सूर्यकुमार यादव को अतिरिक्त गेंदबाज़ी विकल्प भी मिलेगा। इसके अलावा भारत आक्रामक रणनीति अपनाते हुए विकेट लेने वाले स्पिनर कुलदीप यादव को भी मौका दे सकता है।

भारत पहले ही दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 76 रन की करारी हार झेल चुका है, जो वर्ल्ड कप इतिहास में उसकी सबसे बड़ी हार थी। फिलहाल टीम ग्रुप-1 में दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज के बाद तीसरे स्थान पर है।

सेमीफाइनल की उम्मीदें जिंदा रखने के लिए भारत को न सिर्फ जिम्बाब्वे को हराना होगा, बल्कि बड़े अंतर से जीत दर्ज करनी होगी ताकि उसका नेट रन रेट (-3.8) सुधर सके। इसके बाद 1 मार्च को कोलकाता में वेस्टइंडीज को भी हराना जरूरी होगा। साथ ही भारत को उम्मीद करनी होगी कि 26 फरवरी को अहमदाबाद में दक्षिण अफ्रीका, वेस्टइंडीज को मात दे।

कुल मिलाकर, भारतीय टीम के लिए अब हर मुकाबला ‘करो या मरो’ जैसा हो गया है।