
पाकिस्तान के कप्तान बाबर आज़म को भले ही टीम के मुख्य कोच माइक हेसन का समर्थन मिल रहा हो, लेकिन कई पूर्व खिलाड़ी और क्रिकेट विशेषज्ञ उनके टी20 टीम में बने रहने से सहमत नहीं हैं। हेसन का मानना है कि बाबर भले ही तेज़ स्ट्राइक रेट से रन न बना रहे हों, लेकिन वह मिडिल ऑर्डर में स्थिरता लेकर आते हैं।
मौजूदा टी20 वर्ल्ड कप में बाबर ने नीदरलैंड्स के खिलाफ 15 रन बनाए, अमेरिका के खिलाफ 46 रन की पारी खेली और भारत के खिलाफ सिर्फ 5 रन ही बना सके। भारत से हार के बाद बाबर की कड़ी आलोचना हुई और उन्हें नामीबिया के खिलाफ होने वाले अहम मुकाबले से बाहर करने की मांग तक उठने लगी। यहां तक कि कुछ रिपोर्ट्स में उनके ड्रॉप होने की खबरें भी आईं। हालांकि, उन्हें प्लेइंग इलेवन में बनाए रखा गया, लेकिन उनका बैटिंग ऑर्डर नीचे कर दिया गया और ख्वाजा नफे को नंबर 4 पर भेजा गया।
नामीबिया को हराकर पाकिस्तान सुपर आठ में पहुंचा और मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में हेसन ने बाबर को बनाए रखने का कारण बताया।
हेसन ने कहा, “उन्हें खुद पता है कि टी20 वर्ल्ड कप में पावरप्ले के दौरान उनका स्ट्राइक रेट 100 से कम है। इसलिए यह भूमिका हमारे लिए ज़रूरी नहीं है। हमें लगता है कि वह मिडिल ऑर्डर में एक बेहतरीन खिलाड़ी हैं, खासकर तब जब टीम मुश्किल में हो। जैसे अमेरिका के खिलाफ देखा गया, एक बार सेट होने के बाद वह स्ट्राइक रेट बढ़ा सकते हैं। एशिया कप के बाद हमने उन्हें एक खास भूमिका के लिए टीम में रखा और वह हमें मिडिल ऑर्डर में मजबूती देते हैं।”
लेकिन हेसन का यह बयान पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी मोहम्मद हाफ़िज़ को बिल्कुल पसंद नहीं आया। उन्होंने कोच के तर्क पर खुलकर सवाल उठाए।
‘गेम ऑन है’ शो में हाफ़िज़ ने कहा, “हेसन ने बाबर आज़म को लेकर जो बयान दिया, वो मेरी समझ से बाहर है। उन्होंने कहा कि बाबर पावरप्ले में नहीं खेल सकता क्योंकि उसका स्ट्राइक रेट कम है। मैंने यह बात 15 बार पढ़ी लेकिन समझ नहीं आया। वह कह रहे हैं कि बाबर पहले छह ओवर में नहीं खेल सकता और दस ओवर के बाद भी नहीं। तो फिर वह खेल क्यों रहा है?”
इस बीच पाकिस्तान और न्यूज़ीलैंड के बीच सुपर आठ का पहला मुकाबला शनिवार को कोलंबो में बारिश की वजह से रद्द हो गया। दोनों टीमों को एक-एक अंक मिला। अब पाकिस्तान अपना अगला मुकाबला 24 फरवरी को इंग्लैंड के खिलाफ पल्लेकेले में खेलेगा।








