टी20 वर्ल्ड कप: चोटें और एशियाई पिचें ऑस्ट्रेलिया की राह मुश्किल बना सकती हैं!

आने वाले टी20 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया मजबूत दावेदार जरूर है, लेकिन खिताब जीतने के लिए उसे कई बड़ी चुनौतियों से गुजरना होगा। टीम के कुछ बड़े खिलाड़ी या तो रिटायर हो चुके हैं या चोट के कारण बाहर हैं।

2024 वर्ल्ड कप के बाद ऑस्ट्रेलिया का टी20 रिकॉर्ड शानदार रहा है — उन्होंने 21 में से 17 मैच जीते। लेकिन पाकिस्तान दौरे में 3-0 की हार ने उन्हें हकीकत का आईना दिखा दिया कि एशियाई हालात में खेलना आसान नहीं है।

सबसे बड़ा झटका गेंदबाजी में लगा है।

मिचेल स्टार्क ने टी20 से संन्यास ले लिया है

पैट कमिंस पीठ की चोट के कारण टूर्नामेंट नहीं खेल रहे

जोश हेज़लवुड भी शुरुआत के मैच मिस कर सकते हैं

हालांकि नए गेंदबाज जैसे बार्टलेट, ड्वारशुइस और एलिस अच्छे हैं, लेकिन उनमें स्टार्क-कमिंस जैसा अनुभव और दबदबा नहीं है।

स्पिन डिपार्टमेंट थोड़ी बेहतर स्थिति में है — एडम ज़म्पा के साथ मैक्सवेल, कुनेमैन और कॉनॉली मौजूद हैं। मगर पूरे टूर्नामेंट में वे कितना असर दिखाएंगे, ये अभी साफ नहीं है।

बल्लेबाजी ऑस्ट्रेलिया की सबसे बड़ी ताकत है। ट्रैविस हेड, मिचेल मार्श, मैक्सवेल, टिम डेविड, कैमरन ग्रीन, जोश इंग्लिस और स्टोइनिस जैसे खिलाड़ी IPL खेल चुके हैं, इसलिए एशियाई पिचों से वाकिफ हैं।

लेकिन श्रीलंका जैसी टीमों के मजबूत स्पिन अटैक के सामने इन्हें काफी संभलकर खेलना होगा, खासकर पल्लेकेले में जहां पिच धीमी रहने की उम्मीद है।

एक और बड़ा फैसला रहा — शानदार फॉर्म में होने के बावजूद स्टीव स्मिथ को टीम में नहीं चुना गया। वे फिलहाल स्टैंडबाय में हैं। टिम डेविड भी हैमस्ट्रिंग की परेशानी से जूझ रहे हैं।

ऑस्ट्रेलिया ग्रुप बी में है, जहां उनके साथ हैं: श्रीलंका, आयरलैंड, जिम्बाब्वे और ओमान

मैच पल्लेकेले और कोलंबो में होंगे, जहां स्पिन और धीमी गेंदबाजी असरदार रहती है।

हालांकि ऑस्ट्रेलिया के पास ICC टूर्नामेंट जीतने का जबरदस्त अनुभव है (10 ट्रॉफियां), लेकिन इस बार सुपर-8 तक पहुंचने के लिए भी उन्हें पूरा दम लगाना पड़ेगा।

ऑस्ट्रेलिया टीम: मिचेल मार्श (कप्तान), ट्रैविस हेड, मैक्सवेल, स्टोइनिस, कैमरन ग्रीन, टिम डेविड, जोश इंग्लिस, एडम ज़म्पा, हेज़लवुड, बार्टलेट, ड्वारशुइस, नाथन एलिस, कुनेमैन, कॉनॉली, मैट रेनशॉ