
भारत के पूर्व बल्लेबाज संजय मांजरेकर ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में संजू सैमसन को बाहर करने के भारतीय टीम के फैसले को “अजीब” बताया है। हालांकि, उन्होंने युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी के लंबे इंतजार के बाद हुए अंतरराष्ट्रीय डेब्यू का स्वागत किया।
15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शानदार शुरुआत करते हुए सिर्फ 10 गेंदों में 14 रन बनाए। इसके साथ ही वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत के लिए डेब्यू करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए। उन्होंने सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 1989 में 16 साल की उम्र में भारत के लिए डेब्यू किया था।
हालांकि, शनिवार को हुए मुकाबले में भारत को 4 विकेट से हार का सामना करना पड़ा और पांच मैचों की सीरीज में टीम 0-1 से पीछे हो गई। पहला मुकाबला बारिश के कारण रद्द हो गया था।
टी20 वर्ल्ड कप के हीरो रहे संजू सैमसन मौजूदा दौरे पर लय हासिल करने में संघर्ष कर रहे थे, जिसके चलते वैभव सूर्यवंशी को उनकी जगह मौका मिला। लेकिन मांजरेकर का मानना है कि दोनों खिलाड़ियों को टीम में जगह दी जा सकती थी और वैभव को खिलाने के लिए सैमसन को बाहर करने की जरूरत नहीं थी।
मांजरेकर ने एक्स पर लिखा, “वैभव को भारतीय जर्सी में देखकर अच्छा लगा। लेकिन सैमसन का क्या! ड्रॉप कर दिया?? मजाक कर रहे हो! नहीं, मुझे लगता है शायद चोट होगी। उम्मीद है कि यह चोट की वजह से होगा। वरना यह सबसे अजीब चयन है।”
उन्होंने आगे सुझाव देते हुए कहा, “अगर आप वैभव को टीम में लाना चाहते थे तो सैमसन आसानी से नंबर 3 पर बल्लेबाजी कर सकते थे।”
मांजरेकर का मानना था कि भारत निचले मध्यक्रम में बदलाव करके संजू सैमसन और वैभव सूर्यवंशी दोनों को प्लेइंग इलेवन में शामिल कर सकता था।
32 वर्षीय संजू सैमसन को टी20 वर्ल्ड कप का प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया था, जहां उन्होंने सेमीफाइनल और फाइनल में लगातार 89 रनों की दो शानदार पारियां खेली थीं।
वहीं दूसरी ओर, वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल में 230 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट के साथ शानदार प्रदर्शन कर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा था।







