
ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज रिकी पोंटिंग पिछले 18 महीनों में सूर्यकुमार यादव के खराब प्रदर्शन से हैरान हैं। उनका मानना है कि T20 वर्ल्ड कप से पहले भारतीय कप्तान को आउट होने के डर के बजाय रन बनाने पर ध्यान देना चाहिए।
हाल ही में दुनिया के नंबर-1 बल्लेबाज़ रहे सूर्यकुमार का 2025 में सबसे छोटे फॉर्मेट में प्रदर्शन निराशाजनक रहा। उन्होंने 21 मैचों (19 पारियों) में सिर्फ 218 रन बनाए, उनका स्ट्राइक रेट 123.16 और औसत मात्र 13.62 रहा। अगले महीने होने वाले T20 वर्ल्ड कप से पहले यह डिफेंडिंग चैंपियंस के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
ICC रिव्यू पर सूर्यकुमार के फॉर्म पर बात करते हुए पोंटिंग ने कहा, “मुझे भी यह देखकर बहुत हैरानी हुई है। लंबे समय तक वह भारत के लिए T20 क्रिकेट में बेहद भरोसेमंद और लगातार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी रहे हैं, लेकिन हाल के समय में वह अपनी लय नहीं पकड़ पा रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “वह एक दिलचस्प खिलाड़ी हैं। जब मैंने उन्हें अपने सर्वश्रेष्ठ दौर में खेलते देखा है, तो वह शुरुआत में छह-आठ या दस गेंदें लेते हैं और फिर खुलकर खेलते हैं। वह अपने सभी शॉट्स खेलते हैं, खुद पर भरोसा रखते हैं और ट्रैविस हेड की तरह कभी आउट होने से डरते हुए नहीं दिखते।”
पोंटिंग का मानना है कि सूर्यकुमार को अपनी सोच बदलनी चाहिए।
“मैं उन्हें यही सलाह दूंगा— रन बनाने के बारे में सोचो, आउट होने के बारे में नहीं। खुद पर भरोसा रखो, अपने खेल पर विश्वास करो। तुम T20 फॉर्मेट में दुनिया के किसी भी बल्लेबाज़ जितने ही बेहतरीन हो, और इसे एक बार फिर साबित करो।”
पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान शुभमन गिल को वर्ल्ड कप टीम से बाहर किए जाने पर भी हैरान नजर आए।
“हां, मुझे इस पर यकीन नहीं हुआ। मुझे पता है कि हाल में उनका व्हाइट-बॉल फॉर्म अच्छा नहीं रहा, लेकिन आखिरी बार मैंने उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज़ में खेलते देखा था, जहां उन्होंने कमाल की बल्लेबाज़ी की थी।”
उन्होंने कहा, “एक तरफ तो मैं हैरान हूं, लेकिन दूसरी तरफ यह भारतीय क्रिकेट की गहराई भी दिखाता है। अगर शुभमन गिल जैसे खिलाड़ी को वर्ल्ड कप टीम में जगह नहीं मिलती, तो इससे पता चलता है कि भारत के पास कितने अच्छे खिलाड़ी हैं।”
पोंटिंग के अनुसार, वर्ल्ड कप में भारत के उपकप्तान अक्षर पटेल टीम के लिए बेहद अहम साबित होंगे।
“असल में पिछले कुछ सीरीज़ में अक्षर ही भारत के गो-टू खिलाड़ी रहे हैं। कभी उन्हें पिंच-हिटर के तौर पर, तो कभी नंबर तीन पर बल्लेबाज़ी के लिए भेजा गया है।”
उन्होंने आगे कहा, “जब टीम को लेफ्ट-राइट कॉम्बिनेशन की ज़रूरत होती है, तब वही आगे आते हैं और साथ ही उनकी लेफ्ट-आर्म स्पिन गेंदबाज़ी भी लगातार प्रभावी रहती है।”
कुल मिलाकर, पोंटिंग की सलाह साफ है—सूर्यकुमार यादव को अपने स्वाभाविक आक्रामक खेल पर भरोसा रखना चाहिए, क्योंकि यही सोच उन्हें एक बार फिर खतरनाक बल्लेबाज़ बना सकती है।








