सूर्यकुमार यादव ने बताया टी20 वर्ल्ड कप की सफलता का राज: ‘2024 में अनुभव का जोश, 2026 में युवाओं का जुनून’!

भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कहा कि इस साल टी20 वर्ल्ड कप में भारत की ऐतिहासिक जीत में युवाओं का “जोशीला जुनून” अहम रहा, जबकि 2024 की टीम में “अनुभव का उत्साह” था, जिसने लंबे समय बाद आईसीसी ट्रॉफी दिलाने में मदद की थी।

पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में सूर्यकुमार ने दोनों चैंपियन टीमों के बीच के छोटे-छोटे फर्क को समझाया। 2024 में वह रोहित शर्मा की कप्तानी में खेले थे और टीम में विराट कोहली और रवींद्र जडेजा जैसे अनुभवी खिलाड़ी मौजूद थे।

सूर्यकुमार ने कहा, “दोनों टीमों में बस ‘उन्नीस-बीस का फर्क’ था। वहां अनुभव वाला जोश था, और यहां लड़कों का खून गरम था।”

2026 में भारत अपने घर में टूर्नामेंट खेल रहा था और फेवरेट भी था, लेकिन 2024 की टीम को आईसीसी ट्रॉफी जीतने के लिए मानसिक बाधाओं को पार करना पड़ा था।

उन्होंने कहा, “2024 में हमारे पास काफी अनुभव था। टीम में बहुत अच्छे खिलाड़ी थे और हर किसी की भूमिका स्पष्ट थी। अब भी अच्छे खिलाड़ी हैं, लेकिन उस समय अनुभव ज्यादा था।”

सूर्यकुमार की टीम को इस बार घरेलू मैदान पर खेलने का दबाव भी झेलना पड़ा।

उन्होंने बताया, “इस बार हमारे पास अनुभव थोड़ा कम था, लेकिन जोश ज्यादा था। ज्यादातर खिलाड़ी 25 से 27 साल के थे। उन्हें यह समझाना जरूरी था कि भारत में वर्ल्ड कप जीतने का एहसास कैसा होता है, जब स्टेडियम में 50 हजार से लेकर एक लाख लोग आपको चीयर करते हैं। स्किल के हिसाब से टीमों में ज्यादा फर्क नहीं होता, लेकिन इस बार जोश ज्यादा था।”

कप्तान के रूप में 2026 में खेलते समय अपनी भावनाओं के बारे में उन्होंने कहा, “भावनाएं लगभग वैसी ही थीं। तब भी हम भारत के लिए खेल रहे थे और वर्ल्ड कप जीतना चाहते थे। 2026 में भी लक्ष्य वही था, लेकिन भावनाएं थोड़ी ज्यादा थीं क्योंकि हम भारत में खेल रहे थे। हम अहमदाबाद के उसी स्टेडियम में वर्ल्ड कप जीतना चाहते थे, यह हमारे लिए और भी खास था।”