मेसी इंडिया टूर विवाद: सौरव गांगुली ने भेजा कानूनी नोटिस, मानहानि का मामला दर्ज!

लियोनेल मेस्सी की बहुप्रतीक्षित कोलकाता यात्रा से जुड़ा विवाद अब भी थमता नजर नहीं आ रहा है। क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने गुरुवार को कोलकाता पुलिस के साइबर सेल में कोलकाता अर्जेंटीना फैन क्लब के अध्यक्ष उत्तम साहा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।

गांगुली का आरोप है कि उत्तम साहा ने मेसी की सॉल्ट लेक स्टेडियम यात्रा के दौरान हुई अव्यवस्था से उनका नाम गलत तरीके से जोड़ दिया। इस कथित मानहानि के लिए गांगुली ने 50 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है। यह शिकायत ईमेल के जरिए लालबाजार स्थित पुलिस मुख्यालय भेजी गई है।

अपनी शिकायत में सौरव गांगुली ने कहा कि साहा ने “बिना किसी आधार के गंभीर आरोप लगाए” और “जानबूझकर झूठे, दुर्भावनापूर्ण, आपत्तिजनक और मानहानिकारक बयान” दिए। गांगुली का कहना है कि इन बयानों का उद्देश्य एक क्रिकेटर और खेल प्रशासक के रूप में उनकी दशकों पुरानी छवि को नुकसान पहुंचाना था।

यह मामला एक इंटरव्यू से जुड़ा है, जिसमें साहा ने कथित तौर पर गांगुली को आयोजन की योजना से जोड़ते हुए आयोजक सताद्रु दत्ता को “ब्रोकर” बताया और इशारों में गांगुली को पूरे कार्यक्रम का जिम्मेदार ठहराया। इसके बाद गांगुली ने साहा को कानूनी नोटिस भेजकर उस वीडियो और उससे जुड़े सभी कंटेंट को डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाने की मांग की है।

यह विवाद सॉल्ट लेक स्टेडियम में हुई अव्यवस्थित घटनाओं से जुड़ा है, जहां हजारों प्रशंसक महान अर्जेंटीनी फुटबॉल खिलाड़ी मेसी को देखने पहुंचे थे। हालांकि, मेसी की सिर्फ 22 मिनट की मौजूदगी से दर्शक नाराज़ हो गए और उन्होंने राजनेताओं व वीआईपी लोगों पर प्रशंसकों से मेसी की मुलाकात में बाधा डालने का आरोप लगाया।

गुस्साए प्रशंसकों ने मैदान में कचरा, टूटी कुर्सियां और पानी की बोतलें फेंकीं, जिसके बाद मेसी को जल्दबाज़ी में वहां से ले जाया गया। हालात को संभालने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।

बाद में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस घटना के लिए माफी मांगी और मामले की जांच के लिए एक समिति गठित करने का निर्देश दिया। राज्य के खेल मंत्री अरूप बिस्वास ने इस्तीफा दे दिया, जबकि इवेंट आयोजक सताद्रु दत्ता को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा डीजीपी राजीव कुमार सहित कई वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किए गए।