टी20 के बढ़ते प्रभाव के बीच वनडे क्रिकेट की प्रासंगिकता पर उठे सवाल!

भारत के पूर्व ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने गुरुवार को कहा कि यूरोपियन टी20 प्रीमियर लीग (ETPL) मौजूदा फ्रेंचाइज़ी क्रिकेट संरचना का एक अहम हिस्सा साबित होगी। उनका मानना है कि टी20 क्रिकेट का भविष्य बेहद मजबूत है, जबकि वनडे क्रिकेट के भविष्य को लेकर वह पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं।

अश्विन का कहना है कि अगर क्रिकेट को वास्तव में वैश्विक खेल बनाना है और 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक में अपनी जगह मजबूत करनी है, तो टी20 प्रारूप ही सबसे उपयुक्त विकल्प है।

उन्होंने कहा, “कुछ ही वर्षों में ओलंपिक होने वाला है। अगर क्रिकेट सच में वैश्विक खेल बनना चाहता है, तो इस लीग की टीमें इसमें बहुत अहम भूमिका निभाएंगी।”

अश्विन के अनुसार, क्रिकेट को दुनिया भर में फैलाने के लिए छोटा प्रारूप सबसे प्रभावी माध्यम है।

उन्होंने कहा, “हमारा पूरा ध्यान टी20 क्रिकेट और उसे बेहतर बनाने पर रहेगा। अगर क्रिकेट को वैश्विक बनना है और ओलंपिक खेल के रूप में सफल होना है, तो खेल जितना छोटा होगा, उतना ही अधिक व्यावहारिक होगा।”

उन्होंने आगे कहा, “इसी वजह से यह खेल और बड़ा बनेगा। इससे खिलाड़ियों का दायरा भी बढ़ेगा, जो सालभर चलने वाली लीगों के लिए बेहद जरूरी है। टी20 क्रिकेट लंबे समय तक रहने वाला है। लेकिन वनडे क्रिकेट के बारे में मैं इतना आश्वस्त नहीं हूं।”

अश्विन ने कहा कि वह अपनी फ्रेंचाइज़ी के जरिए आयरलैंड में क्रिकेट के विकास में योगदान देना चाहते हैं।

उन्होंने कहा, “हम सिर्फ एक अच्छी टीम बनाकर टूर्नामेंट जीतना नहीं चाहते, बल्कि खिलाड़ियों को बेहतर मंच देना और इस प्रतियोगिता पर सकारात्मक प्रभाव छोड़ना भी हमारा लक्ष्य है।”

उन्होंने आगे कहा, “डबलिन फ्रेंचाइज़ी और आयरिश क्रिकेट के प्रति हमारी जिम्मेदारी है। हम उन्हें सही अवसर और बेहतर एक्सपोज़र देना चाहते हैं।”

अश्विन ने बताया कि इस लीग का मुख्य उद्देश्य स्कॉटलैंड, आयरलैंड और नीदरलैंड के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देना है।

उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि यह लीग उन्हीं खिलाड़ियों के बारे में हो। पहले दिन ही मेरी और राहुल (द्रविड़) की यही सोच थी और हम उसी पर कायम रहेंगे। हम ऐसी संस्कृति बनाना चाहते हैं जहां हर खिलाड़ी हर दिन कुछ नया सीखकर आगे बढ़े।”

अश्विन ने हाल ही में भारत और आयरलैंड के बीच हुई टी20 सीरीज का उदाहरण देते हुए कहा कि क्रिकेट में परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना सबसे महत्वपूर्ण गुण है।

उन्होंने कहा, “इस खेल का सबसे बड़ा नियम है परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना। भारत और आयरलैंड की हालिया टी20 सीरीज इसका बेहतरीन उदाहरण है, जहां परिस्थितियों ने खेल के कई पहलुओं को पूरी तरह बदल दिया।”

वहीं एम्स्टरडम फ्लेम्स के सह-मालिक और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान स्टीव वॉ ने कहा कि भविष्य में अगर इंग्लैंड के बड़े टी20 खिलाड़ी भी ETPL का हिस्सा बनें तो लीग को और मजबूती मिलेगी।

उन्होंने कहा, “बिल्कुल, अच्छा होगा अगर भविष्य में इंग्लैंड के खिलाड़ी भी इस लीग में खेलें।”

हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल लीग का उद्देश्य यूरोप के उन खिलाड़ियों को मौका देना है जिन्हें अब तक बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर नहीं मिला।

उन्होंने कहा, “हम यूरोप के खिलाड़ियों को आगे लाना चाहते हैं। उन्हें पहले कभी इतना बड़ा मंच नहीं मिला। यही इस टूर्नामेंट की सबसे बड़ी खासियत है।”

स्टीव वॉ ने उम्मीद जताई कि लीग शुरू होने के बाद इसकी गुणवत्ता और स्तर देखकर भविष्य में और भी बड़े खिलाड़ी इससे जुड़ना चाहेंगे।

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Manish Kumar
मनीष कुमार एक अनुभवी खेल पत्रकार हैं, जिन्हें खेल पत्रकारिता में 25 से ज़्यादा सालों का अनुभव है। वह खास तौर पर क्रिकेट के विशेषज्ञ माने जाते हैं, खासकर टेस्ट क्रिकेट जैसे लंबे और चुनौतीपूर्ण फॉर्मेट में। उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया ऑनलाइन के साथ करीब 16.5 साल तक काम किया, जहां उन्होंने बड़े क्रिकेट आयोजनों की कवरेज की और गहराई से विश्लेषण वाले लेख और उनकी भरोसेमंद राय पेश की। टेस्ट क्रिकेट के प्रति उनका जुनून उनकी लेखनी में साफ दिखाई देता है, जहां वह खेल की बारीकियों, रणनीतिक मुकाबलों और खिलाड़ियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन को सरल और स्पष्ट तरीके से समझाते हैं। मनीष अपनी तेज़ नज़र और डिटेल्स पर ध्यान देने के लिए जाने जाते हैं। आज भी वह क्रिकेट के रोमांच, जटिलताओं और कहानी को दुनिया भर के प्रशंसकों तक जीवंत अंदाज़ में पहुंचाते हैं।