‘जब आपको बाहर कर दिया जाता है, तो कोई परवाह नहीं करता’ — लियाम लिविंगस्टोन का इंग्लैंड क्रिकेट पर करारा हमला!

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से बाहर किए जाने के बाद इंग्लैंड के ऑलराउंडर लियाम लिविंगस्टोन ने इंग्लैंड क्रिकेट प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। उनका कहना है कि जब किसी खिलाड़ी को टीम से बाहर कर दिया जाता है, तो “किसी को उसकी परवाह नहीं होती।”

तीनों फॉर्मेट मिलाकर अपने देश के लिए 100 मैच खेल चुके लंकाशायर के इस खिलाड़ी ने एक साल से ज्यादा समय से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेला है।

32 वर्षीय लिविंगस्टोन ने ESPNcricinfo को दिए इंटरव्यू में इंग्लैंड के क्रिकेट डायरेक्टर रॉब की के रवैये की कड़ी आलोचना की।

उन्होंने कहा कि पिछले साल चैंपियंस ट्रॉफी में हिस्सा लेना उनके क्रिकेट करियर का “सबसे खराब अनुभव” था, हालांकि हालिया टी20 वर्ल्ड कप न खेलने का उन्हें कोई अफसोस नहीं है।

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1-4 की हार के बाद इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) अभी भी एशेज दौरे की योजना, तैयारी, व्यक्तिगत प्रदर्शन और खिलाड़ियों के व्यवहार की समीक्षा कर रहा है।

कोच ब्रेंडन मैकुलम से मई में हुई एक छोटी सी फोन बातचीत के बाद किसी तरह की बातचीत न होने पर लिविंगस्टोन ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि वो बातचीत एक मिनट भी चली होगी। मैंने पूछा क्यों, तो उन्होंने कहा कि वे किसी और को आजमाना चाहते हैं। यह बात ‘बाज़’ (मैकुलम) की तरफ से आई। कप्तान हैरी ब्रूक ने मुझे मैसेज किया, लेकिन रॉब की ने कुछ नहीं कहा। उन्होंने कहा था कि ‘गर्मी में बात करेंगे’। मैंने खुद एक दिन उन्हें फोन किया, तो उन्होंने कहा कि वह लॉफबोरो में टेस्ट कैंप में व्यस्त हैं। इसके बाद सितंबर के अंत तक उनसे कोई बात नहीं हुई। इससे पूरी टीम और मैनेजमेंट का रवैया समझ आता है—अगर आप टीम में हैं तो ठीक, और अगर नहीं हैं तो कोई आपकी परवाह नहीं करता।”

लिविंगस्टोन, जिनके पास आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद का कॉन्ट्रैक्ट है और हाल ही में द हंड्रेड ऑक्शन में लंदन स्पिरिट ने भी बोली लगाई, ने कहा, “मुझे अब भी लगता है कि मैं इंग्लैंड के लिए व्हाइट-बॉल क्रिकेट में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक हूं। सिर्फ इसलिए कि मैं अभी टीम में नहीं हूं, इसका मतलब यह नहीं कि मैं खेलने के लायक नहीं हूं।”

श्रीलंका और भारत में हुए टी20 वर्ल्ड कप में अपनी गैरमौजूदगी पर उन्होंने कहा, “मुझे बिल्कुल भी मिस नहीं हुआ। सच कहूं तो मेरे अंदर ऐसा कोई एहसास नहीं था कि काश मैं उस टीम का हिस्सा होता।”