आईपीएल 2026: सचिन तेंदुलकर क्यों चाहते हैं कि इम्पैक्ट प्लेयर नियम खत्म हो!

महान बल्लेबाज़ सचिन तेंदुलकर ने आईपीएल के विवादित “इम्पैक्ट प्लेयर” नियम को खत्म करने की वकालत की है और टूर्नामेंट में बल्ले और गेंद के बीच संतुलन वापस लाने के लिए कुछ बदलावों का सुझाव भी दिया है।

2023 में लागू किए गए इम्पैक्ट प्लेयर नियम के तहत टीमें मैच के दौरान किसी भी समय अपनी प्लेइंग इलेवन के एक खिलाड़ी को पांच नामित विकल्पों में से किसी एक से बदल सकती हैं।

ईएसपीएनक्रिकइन्फो अवॉर्ड्स में सचिन ने कहा, “मेरी निजी राय में कुछ चीजें हैं जो मैं कहना चाहता हूं। मुझे लगता है कि इम्पैक्ट प्लेयर नियम खत्म हो जाना चाहिए। टी20 फॉर्मेट में आपको सिर्फ 20 ओवर खेलने होते हैं और फिर आप बल्लेबाजी लाइन-अप में एक अतिरिक्त बल्लेबाज़ जोड़ देते हैं। जब गेंदबाज़ पहले से ही काफी दबाव में हैं, तो मुझे यह संतुलन बिगाड़ने वाला लगता है।”

सचिन का मानना है कि इस नियम ने बल्ले और गेंद के बीच पहले से मौजूद असंतुलन को और बढ़ा दिया है। हाल के सीजनों में बल्लेबाज़ी के अनुकूल पिचों पर रिकॉर्ड स्कोर देखने को मिले हैं।

पूर्व भारतीय कप्तान रोहित शर्मा और मौजूदा कप्तान शुभमन गिल समेत कई बड़े खिलाड़ियों ने भी इस नियम की आलोचना की है। उनका कहना है कि इससे ऑलराउंडरों की अहमियत कम हो जाती है और खेल से कौशल का महत्व घटता है।

सचिन ने पावरप्ले नियम में भी बदलाव का सुझाव दिया। उन्होंने मौजूदा बल्लेबाज़ी पावरप्ले के साथ एक “बॉलिंग पावरप्ले” जोड़ने की बात कही।

उन्होंने कहा, “छह ओवर के पावरप्ले में सिर्फ दो फील्डर ही 30-यार्ड सर्कल के बाहर रह सकते हैं। पहले चार ओवर बल्लेबाज़ों के पावरप्ले के रूप में वैसे ही रहने चाहिए।”

“इसके बाद बाकी दो पावरप्ले ओवर फील्डिंग कप्तान के हाथ में होने चाहिए कि वह उन्हें कब इस्तेमाल करना चाहता है। उन दो ओवरों में भी एक अतिरिक्त फील्डर बाहर रहेगा, खेल के किसी भी चरण में। इससे फील्डिंग टीम को मैच को बेहतर तरीके से नियंत्रित करने का मौका मिलेगा।”

इसके अलावा सचिन ने यह भी सुझाव दिया कि एक गेंदबाज़ के अधिकतम ओवरों की सीमा चार से बढ़ाकर पांच कर दी जानी चाहिए, ताकि टीमें अपने सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज़ का ज्यादा इस्तेमाल कर सकें।

उन्होंने कहा, “एक गेंदबाज़ को पांच ओवर डालने की अनुमति होनी चाहिए। क्योंकि आमतौर पर टीम का सबसे अच्छा गेंदबाज़ ही वह पांचवां ओवर डालेगा। क्या आप अपने सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज़ को ज्यादा गेंदबाज़ी करते नहीं देखना चाहेंगे?”

“शीर्ष बल्लेबाज़ कभी-कभी पूरे 20 ओवर बल्लेबाज़ी करते हैं। तो फिर सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज़ को पांच ओवर डालने का मौका क्यों नहीं मिलना चाहिए?” सचिन ने सवाल उठाया।