डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन करने पर IOC जांच का सामना कर सकते हैं जियानी इन्फेंटिनो!

फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) जांच कर सकती है। मानवाधिकार संगठन फेयरस्क्वेयर (FairSquare) ने बुधवार को कहा कि वह इन्फेंटिनो के खिलाफ शिकायत दर्ज करने की योजना बना रहा है। संगठन का आरोप है कि इन्फेंटिनो ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का सार्वजनिक समर्थन कर राजनीतिक निष्पक्षता के नियमों का उल्लंघन किया है।

यह मामला उस शिकायत के बाद सामने आया है, जिसे फेयरस्क्वेयर ने दिसंबर 2025 में फीफा की एथिक्स कमेटी को सौंपा था। संगठन का दावा है कि इन्फेंटिनो ने कई मौकों पर ट्रंप के फैसलों और नीतियों का सार्वजनिक समर्थन किया, जिससे यह सवाल उठता है कि क्या उन्होंने फीफा के आचार संहिता नियमों का उल्लंघन किया है। इन्फेंटिनो 2020 से IOC के सदस्य भी हैं।

फेयरस्क्वेयर ने फीफा की एथिक्स कमेटी से इन्फेंटिनो की भूमिका की जांच करने की मांग की है। इसमें फीफा पीस प्राइज बनाने और 2026 फीफा वर्ल्ड कप ड्रॉ के दौरान इसका पहला पुरस्कार ट्रंप को देने के फैसले की जांच भी शामिल है। संगठन यह भी जानना चाहता है कि क्या इन फैसलों को फीफा काउंसिल ने मंजूरी दी थी या इन्फेंटिनो ने अकेले ही यह फैसला लिया था।

फेयरस्क्वेयर ने कहा, “अगर मिस्टर इन्फेंटिनो ने बिना किसी वैधानिक अधिकार के अकेले यह फैसला लिया है, तो इसे सत्ता का गंभीर दुरुपयोग माना जाना चाहिए।”

फीफा के कोड ऑफ एथिक्स के आर्टिकल 15 के तहत अधिकारियों को अपने आधिकारिक कार्यों के दौरान राजनीतिक रूप से निष्पक्ष रहना जरूरी है। नियम तोड़ने पर कम से कम 10,000 स्विस फ्रैंक (लगभग 12,400 डॉलर) का जुर्माना और फुटबॉल से जुड़ी गतिविधियों से दो साल तक का प्रतिबंध लगाया जा सकता है।

IOC अध्यक्ष कर्स्टी कोवेंट्री ने मंगलवार को कहा कि एथिक्स कमीशन को अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है, लेकिन अगर शिकायत दर्ज होती है तो मामले की जांच की जाएगी।

फेयरस्क्वेयर के अनुसार, फीफा ने दिसंबर में उसकी शिकायत मिलने की पुष्टि की थी, लेकिन अब तक यह संकेत नहीं दिया है कि कोई औपचारिक जांच शुरू हुई है।

रॉयटर्स द्वारा देखे गए एक पत्र में फीफा ने फेयरस्क्वेयर को बताया कि अगर इन्वेस्टिगेटरी चैंबर के अध्यक्ष निर्देश देते हैं तो एथिक्स सचिवालय संभावित नियम उल्लंघन पर शुरुआती जांच शुरू कर सकता है। हालांकि फीफा ने यह भी कहा कि शिकायत दर्ज होने का मतलब यह नहीं है कि अनुशासनात्मक कार्रवाई अपने आप शुरू हो जाएगी और प्रक्रिया गोपनीय होने के कारण शिकायतकर्ताओं को अपडेट पाने का अधिकार नहीं होता।

वर्ल्ड कप शुरू होने से एक हफ्ते पहले फेयरस्क्वेयर ने “रीबूट” नाम का अभियान शुरू किया था, जिसमें फीफा में बड़े सुधारों की मांग की गई थी।

पिछले हफ्ते संगठन ने बताया कि यूरोपीय संसद के 50 सदस्यों ने फीफा की एथिक्स कमेटी को पत्र लिखकर इन्फेंटिनो के खिलाफ शिकायत का समर्थन किया। नॉर्वे फुटबॉल फेडरेशन ने भी शिकायत का समर्थन करते हुए कमेटी से जांच की मांग की कि क्या इन्फेंटिनो ने पीस प्राइज और उससे जुड़े फैसलों के जरिए फीफा के राजनीतिक निष्पक्षता नियमों को तोड़ा है।

वर्ल्ड कप के दौरान यह विवाद और बढ़ गया, जब फीफा ने अमेरिकी स्ट्राइकर फोलारिन बालोगुन का निलंबन हटा दिया और उन्हें बेल्जियम के खिलाफ राउंड ऑफ 16 मैच खेलने की अनुमति दी। इससे पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने व्यक्तिगत रूप से इन्फेंटिनो से मामले की समीक्षा करने को कहा था। हालांकि अमेरिका वह मुकाबला 4-1 से हार गया।

इन्फेंटिनो ने इस बात से इनकार किया है कि बालोगुन का निलंबन हटाने के अंतिम फैसले में उनकी कोई भूमिका थी।