भारत-अफगानिस्तान टेस्ट: स्पिन के खिलाफ प्रदर्शन तय करेगा मुकाबले का नतीजा!

अफगानिस्तान के मुख्य कोच रिचर्ड पाइबस का मानना है कि शनिवार से मुल्लांपुर में शुरू होने वाले भारत और अफगानिस्तान के एकमात्र टेस्ट मैच का नतीजा काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगा कि दोनों टीमों के बल्लेबाज़ स्पिन गेंदबाज़ी का सामना कितनी अच्छी तरह करते हैं।

भारत और अफगानिस्तान के बीच यह केवल दूसरा टेस्ट मैच होगा। इससे पहले दोनों टीमें जून 2018 में बेंगलुरु में एकमात्र टेस्ट खेल चुकी हैं, जिसे भारत ने सिर्फ दो दिनों में जीत लिया था।

मैच की पूर्व संध्या पर पाइबस ने कहा, “मुल्लांपुर की पिच पर घास कितनी देर तक असर बनाए रखती है और दोनों टीमें स्पिन गेंदबाज़ी को कितनी अच्छी तरह खेलती हैं, यही इस टेस्ट मैच की दिशा तय करेगा।”

भारतीय टीम इस समय बदलाव के दौर से गुजर रही है, लेकिन पाइबस ने स्वीकार किया कि भारत को उसकी सरज़मीं पर हराना दुनिया की सबसे कठिन चुनौतियों में से एक है।

उन्होंने कहा, “भारत में आकर भारत के खिलाफ खेलना विश्व क्रिकेट की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है और हमेशा से रहा है। इसमें कोई संदेह नहीं कि भारत को घरेलू मैदान पर हराना बेहद मुश्किल है, सिर्फ खिलाड़ियों की गुणवत्ता के कारण नहीं बल्कि इसलिए भी क्योंकि उन्हें अपनी परिस्थितियों की बेहतरीन समझ है।”

पाइबस ने कहा कि अफगानिस्तान क्रिकेट ने पिछले कुछ वर्षों में शानदार प्रगति की है, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में अधिक अवसर मिलना बेहद जरूरी है।

उन्होंने कहा, “यदि आप एक टेस्ट खेलते हैं और फिर अगला टेस्ट खेलने के लिए चार-पांच महीने इंतजार करना पड़ता है, तो जो भी सीख मिलती है उसे आगे बढ़ाने का मौका नहीं मिलता। यह सिर्फ अफगानिस्तान का मुद्दा नहीं है, बल्कि ICC के लिए भी सोचने का विषय है।”

अफगानिस्तान को इस मैच में अपने स्टार स्पिनर राशिद खान की सेवाएं नहीं मिलेंगी। उन्हें वर्कलोड मैनेजमेंट के तहत आराम दिया गया है ताकि वे सीमित ओवरों के क्रिकेट के लिए फिट रह सकें। राशिद हाल ही में आईपीएल में गुजरात टाइटंस की ओर से खेले थे और लंबे समय से पीठ की समस्या से भी जूझ रहे हैं।

पाइबस ने कहा, “राशिद को लंबे समय से पीठ की परेशानी है। वह लगातार बहुत ज्यादा क्रिकेट खेलते हैं, इसलिए उन्हें अपने शरीर का ध्यान रखना पड़ता है।”

उन्होंने आगे कहा, “मैं उनसे बातचीत करने का इंतजार कर रहा हूं ताकि हम समझ सकें कि उन्हें किस तरह सहयोग दिया जाए। अगर भविष्य में वह लाल गेंद क्रिकेट खेलना चाहें तो उसमें भी मदद की जा सके और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वह लंबे समय तक स्वस्थ रहकर अफगानिस्तान के लिए खेलते रहें।”

रिचर्ड पाइबस ने हाल ही में अफगानिस्तान टीम के मुख्य कोच का पद संभाला है। उन्होंने बताया कि उन्होंने पूर्व कोच जोनाथन ट्रॉट से भी बातचीत की थी।

पाइबस ने कहा, “मैंने जोनाथन ट्रॉट से बात की, उनके अनुभव को समझा और टीम को विकसित करने के लिए उन्हें बधाई भी दी।”