
सोमवार को खेले गए फीफा विश्व कप मुकाबले में केप वर्डे ने शक्तिशाली स्पेन के खिलाफ शानदार जुझारूपन दिखाते हुए 0-0 से ड्रॉ खेला। अफ्रीकी टीम ने यूरोपीय चैंपियन स्पेन को निराश कर बड़े मंच पर अपनी पहचान बनाई। स्पेन ने मैच में दबदबा बनाए रखते हुए 27 गोल प्रयास किए, लेकिन 40 वर्षीय गोलकीपर वोजिन्हा को भेदने में नाकाम रही।
ग्रुप-एच के इस मुकाबले में स्पेन के पास 75 प्रतिशत गेंद पर कब्जा रहा, लेकिन विश्व कप में पदार्पण कर रहे केप वर्डे ने बेहतरीन रक्षात्मक प्रदर्शन करते हुए ऐतिहासिक परिणाम हासिल किया।
अंतिम सीटी बजने के बाद केप वर्डे के गोलकीपर वोजिन्हा को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। अपने देश को ऐतिहासिक परिणाम दिलाने के बाद वह भावुक होकर आंसुओं के साथ मैदान से बाहर गए।
स्पेन के लिए यह मुकाबला 2022 विश्व कप के प्री-क्वार्टर फाइनल में मोरक्को के खिलाफ मिली चौंकाने वाली हार की यादें ताजा कर गया। उस मैच की तरह स्पेन ने गेंद पर कब्जा बनाए रखा, लगातार पासिंग की, लेकिन केप वर्डे की मजबूत रक्षापंक्ति को तोड़ नहीं सका।
केप वर्डे ने शुरुआत से ही रक्षात्मक रणनीति अपनाई। टीम पांच डिफेंडरों के साथ खेली और अधिकांश समय लगभग पूरी टीम अपने पेनल्टी क्षेत्र के आसपास रही। स्पेन धैर्यपूर्वक गेंद को एक छोर से दूसरे छोर तक घुमाता रहा, लेकिन केप वर्डे दबाव में भी संगठित और शांत बना रहा।
दिलचस्प बात यह रही कि पूरे मैच में अधिकांश समय रक्षात्मक खेल दिखाने के बावजूद केप वर्डे ने सिर्फ एक फाउल किया। 1966 के बाद से किसी भी विश्व कप मैच में किसी टीम द्वारा किया गया यह सबसे कम फाउल है।
स्पेन के कोच लुइस डे ला फुएंते का युवा सितारों लामिन यामाल और निको विलियम्स को बेंच पर बैठाने का फैसला भी टीम पर भारी पड़ा। अपेक्षाकृत कमजोर प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ यह निर्णय स्पेन की आक्रामक धार को कम कर गया। फेरान टोरेस और गावी विंग्स पर खेलते हुए वह गति और रचनात्मकता नहीं दिखा सके जिसके लिए स्पेन जाना जाता है।
स्पेन ने मैच की शुरुआत अच्छी की। हाल ही में चेल्सी से रियल मैड्रिड पहुंचे मार्क कुकुरेला का शुरुआती शॉट बार के ऊपर से निकल गया। इसके बाद मिकेल ओयारजाबाल बॉक्स के अंदर मिले शानदार थ्रू बॉल को नियंत्रित नहीं कर सके।
इसके बाद वोजिन्हा का शो शुरू हुआ।
36वें मिनट में उन्होंने पेड्री के शॉट पर शानदार बचाव किया। तीन मिनट बाद फेरान टोरेस का शॉट क्रॉसबार से टकराया और रीबाउंड पर ओयारजाबाल के हेडर को वोजिन्हा ने एक हाथ से अविश्वसनीय तरीके से रोक दिया।
हाफ टाइम से ठीक पहले टोरेस ने एक और अच्छा मौका गंवा दिया जब उनका शॉट सीधे गोलकीपर के हाथों में चला गया। कुछ ही क्षण बाद वोजिन्हा ने फिर कमाल दिखाते हुए एमेरिक लापोर्टे के हेडर को शानदार डाइव लगाकर पोस्ट के बाहर धकेल दिया।
ब्रेक के बाद भी स्पेन का दबदबा जारी रहा, लेकिन फिनिशिंग ने निराश किया। पेड्री की अच्छी रन के बाद ओयारजाबाल नजदीक से हेडर सही तरीके से नहीं लगा सके, जबकि फाबियन रुइज़ ने बॉक्स के बाहर से मिले दो मौके गंवा दिए।
70वें मिनट में डे ला फुएंते ने आखिरकार यामाल और मिकेल मेरिनो को मैदान पर उतारा। यामाल ने आते ही असर दिखाया। दाएं विंग पर उनकी गति और ड्रिब्लिंग ने केप वर्डे के डिफेंडरों को परेशान किया और स्पेन के लिए अधिक जगह बनाई।
88वें मिनट में यामाल ने ओयारजाबाल को शानदार पास दिया, लेकिन उनका शॉट अंतिम क्षण में ब्लॉक कर दिया गया।
केप वर्डे ने भी अंत में एक कॉर्नर हासिल किया और स्पेन के लिए खतरा पैदा करने की कोशिश की। टीम का एकमात्र ऑन-टारगेट शॉट स्टॉपेज टाइम में आया, लेकिन तब तक वह अपना लक्ष्य हासिल कर चुकी थी। वास्तव में, अंतिम मिनटों में किए गए कुछ हमलों से केप वर्डे एक और बड़ा उलटफेर करने के भी करीब पहुंच गया था।








